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रविवार, 6 जून 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

रविवार, शुक्ल पक्ष। द्वितीया तिथि शाम तक है, फिर तृतीया आरंभ होती है। द्वितीया स्थिर तिथि है, साथ मिलकर काम करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा आर्द्रा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर पुनर्वसु में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:52 से 12:47 तक शुभ है; राहु काल 17:32 से 19:16 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वितीया

      पिछले दिन 21:58 से 18:41 तक

    • फिर

      शुक्ल तृतीया

      18:41 – अगले दिन 15:26

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • आर्द्रा · पाद 1

      04:37 से अगले दिन 02:08 तक

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • शूल

      पिछले दिन 12:10 से 08:25 तक

    • फिर

      गण्ड

      08:25 – अगले दिन 04:38

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बालव

      पिछले दिन 21:58 से 08:20 तक

    • फिर

      कौलव

      08:20 – 18:41

    • फिर

      तैतिल

      18:41 – अगले दिन 05:02

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वितीया · रवि

00061218उद्वेग · 05:23 – 07:07चल · 07:07 – 08:51लाभ · 08:51 – 10:35अमृत · 10:35 – 12:19काल · 12:19 – 14:04शुभ · 14:04 – 15:48रोग · 15:48 – 17:32उद्वेग · 17:32 – 19:16शुभ · 19:16 – 20:32अमृत · 20:32 – 21:48चल · 21:48 – 23:04रोग · 23:04 – 00:19काल · 00:19 – 01:35लाभ · 01:35 – 02:51उद्वेग · 02:51 – 04:07शुभ · 04:07 – 05:22उद्योग · 05:23 – 07:07अमृत · 07:07 – 08:51रोग · 08:51 – 10:35लाभ · 10:35 – 12:19धन · 12:19 – 14:04सुख · 14:04 – 15:48चोर · 15:48 – 17:32विष · 17:32 – 19:16धन · 19:16 – 20:32सुख · 20:32 – 21:48चोर · 21:48 – 23:04विष · 23:04 – 00:19उद्योग · 00:19 – 01:35अमृत · 01:35 – 02:51रोग · 02:51 – 04:07लाभ · 04:07 – 05:22ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:42अभिजित मुहूर्त · 11:52 – 12:47अमृत काल · 17:10 – 18:36राहु काल · 17:32 – 19:16यमगण्ड काल · 12:19 – 14:04गुलिक काल · 15:48 – 17:32वर्ज्यम् · 12:09 – 13:35सूर्य · 05:23 – 06:32शुक्र · 06:32 – 07:41बुध · 07:41 – 08:51चंद्र · 08:51 – 10:00शनि · 10:00 – 11:10गुरु · 11:10 – 12:19मंगल · 12:19 – 13:29सूर्य · 13:29 – 14:38शुक्र · 14:38 – 15:48बुध · 15:48 – 16:57चंद्र · 16:57 – 18:07शनि · 18:07 – 19:16गुरु · 19:16 – 20:07मंगल · 20:07 – 20:57सूर्य · 20:57 – 21:48शुक्र · 21:48 – 22:38बुध · 22:38 – 23:29चंद्र · 23:29 – 00:19शनि · 00:19 – 01:10गुरु · 01:10 – 02:00मंगल · 02:00 – 02:51सूर्य · 02:51 – 03:41शुक्र · 03:41 – 04:32बुध · 04:32 – 05:22

6 जून

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:19
14:04
15:48
17:32

रात का चौघड़िया

8·1 घं 16 मि
19:16
20:32
21:48
23:04
00:19
01:35
02:51
04:07

दिन का गौरी

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:19
14:04
15:48
17:32

रात का गौरी

8·1 घं 16 मि
19:16
20:32
21:48
23:04
00:19
01:35
02:51
04:07
04:02–04:42
11:52–12:47
17:10–18:36
17:32–19:16
12:19–14:04
15:48–17:32
12:09–13:35

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:23
06:32
07:41
08:51
10:00
11:10
12:19
13:29
14:38
15:48
16:57
18:07

रात के होरा

12·51 मि
19:16
20:07
20:57
21:48
22:38
23:29
00:19
01:10
02:00
02:51
03:41
04:32

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 जून 2027 की तिथि क्या है?
6 जून 2027 को शुक्ल द्वितीया तिथि 18:41 तक है, फिर शुक्ल तृतीया आरंभ होती है।
6 जून 2027 का नक्षत्र क्या है?
6 जून 2027 को नक्षत्र आर्द्रा और योग शूल है।
6 जून 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 19:16 पर है।
6 जून 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 17:32 से 19:16 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।