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शनिवार, 6 जून 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शनिवार, कृष्ण पक्ष। षष्ठी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर सप्तमी आरंभ होती है। षष्ठी बल की तिथि है, कठिन काम पूरे करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा श्रवण नक्षत्र में सुबह तक है, फिर धनिष्ठा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:52 से 12:47 तक शुभ है; राहु काल 08:51 से 10:35 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

पुरुषोत्तम मास

अधिक ज्येष्ठ

17 मई से 15 जून, 2026 तक

पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण षष्ठी

      01:20 से अगले दिन 02:41 तक

    षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तअधिक ज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तअधिक ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • श्रवण

      पिछले दिन 03:41 से 06:03 तक

    • फिर

      धनिष्ठा

      06:03 – अगले दिन 07:55

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • ऐन्द्र

      पिछले दिन 09:42 से 10:04 तक

    • फिर

      वैधृति

      10:04 – अगले दिन 10:01

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      01:20 से 14:05 तक

    • फिर

      वणिज

      14:05 – अगले दिन 02:41

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण षष्ठी · शनि

00061218काल · 05:22 – 07:07शुभ · 07:07 – 08:51रोग · 08:51 – 10:35उद्वेग · 10:35 – 12:19चल · 12:19 – 14:04लाभ · 14:04 – 15:48अमृत · 15:48 – 17:32काल · 17:32 – 19:16लाभ · 19:16 – 20:32उद्वेग · 20:32 – 21:48शुभ · 21:48 – 23:04अमृत · 23:04 – 00:19चल · 00:19 – 01:35रोग · 01:35 – 02:51काल · 02:51 – 04:07लाभ · 04:07 – 05:22चोर · 05:22 – 07:07उद्योग · 07:07 – 08:51विष · 08:51 – 10:35अमृत · 10:35 – 12:19रोग · 12:19 – 14:04लाभ · 14:04 – 15:48धन · 15:48 – 17:32सुख · 17:32 – 19:16लाभ · 19:16 – 20:32धन · 20:32 – 21:48सुख · 21:48 – 23:04चोर · 23:04 – 00:19उद्योग · 00:19 – 01:35विष · 01:35 – 02:51अमृत · 02:51 – 04:07रोग · 04:07 – 05:22ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:42अभिजित मुहूर्त · 11:52 – 12:47अमृत काल · 20:43 – 22:26राहु काल · 08:51 – 10:35यमगण्ड काल · 14:04 – 15:48गुलिक काल · 05:22 – 07:07वर्ज्यम् · 10:22 – 12:05शनि · 05:22 – 06:32गुरु · 06:32 – 07:41मंगल · 07:41 – 08:51सूर्य · 08:51 – 10:00शुक्र · 10:00 – 11:10बुध · 11:10 – 12:19चंद्र · 12:19 – 13:29शनि · 13:29 – 14:38गुरु · 14:38 – 15:48मंगल · 15:48 – 16:57सूर्य · 16:57 – 18:07शुक्र · 18:07 – 19:16बुध · 19:16 – 20:07चंद्र · 20:07 – 20:57शनि · 20:57 – 21:48गुरु · 21:48 – 22:38मंगल · 22:38 – 23:29सूर्य · 23:29 – 00:19शुक्र · 00:19 – 01:10बुध · 01:10 – 02:00चंद्र · 02:00 – 02:51शनि · 02:51 – 03:41गुरु · 03:41 – 04:32मंगल · 04:32 – 05:22

6 जून

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 44 मि
05:22
07:07
08:51
10:35
12:19
14:04
15:48
17:32

रात का चौघड़िया

8·1 घं 16 मि
19:16
20:32
21:48
23:04
00:19
01:35
02:51
04:07

दिन का गौरी

8·1 घं 44 मि
05:22
07:07
08:51
10:35
12:19
14:04
15:48
17:32

रात का गौरी

8·1 घं 16 मि
19:16
20:32
21:48
23:04
00:19
01:35
02:51
04:07
04:02–04:42
11:52–12:47
20:43–22:26
08:51–10:35
14:04–15:48
05:22–07:07
10:22–12:05

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:22
06:32
07:41
08:51
10:00
11:10
12:19
13:29
14:38
15:48
16:57
18:07

रात के होरा

12·51 मि
19:16
20:07
20:57
21:48
22:38
23:29
00:19
01:10
02:00
02:51
03:41
04:32

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 जून 2026 की तिथि क्या है?
6 जून 2026 को कृष्ण षष्ठी तिथि 7 जून 02:41 तक है, फिर कृष्ण सप्तमी आरंभ होती है।
6 जून 2026 का नक्षत्र क्या है?
6 जून 2026 को नक्षत्र श्रवण और योग ऐन्द्र है।
6 जून 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 19:16 पर है।
6 जून 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:51 से 10:35 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।