शुक्रवार, 7 जून 2024
दैनिक पंचांग
शुक्रवार, शुक्ल पक्ष। प्रतिपदा तिथि शाम तक है, फिर द्वितीया आरंभ होती है। प्रतिपदा नए आरंभ के लिए शुभ तिथि है। चन्द्रमा मृगशिरा नक्षत्र में रात तक है, फिर आर्द्रा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:52 से 12:47 तक शुभ है; राहु काल 10:35 से 12:20 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों वृषभ राशि में हैं।
पुरुषोत्तम मास
अधिक ज्येष्ठ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
-
शुक्ल प्रतिपदा
पिछले दिन 18:07 से 16:45 तक
-
फिर
शुक्ल द्वितीया
16:45 – अगले दिन 15:55
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
-
शुक्रवार
शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तज्येष्ठपूर्णिमान्तज्येष्ठ
नक्षत्र · योग · करण
-
मृगशिरा
पिछले दिन 20:16 से 19:42 तक
-
फिर
आर्द्रा
19:42 – अगले दिन 19:42
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
-
-
शूल
पिछले दिन 22:08 से 20:04 तक
-
फिर
गण्ड
20:04 – अगले दिन 18:26
अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।
-
-
किंस्तुघ्न
पिछले दिन 18:07 से 05:22 तक
-
फिर
बव
05:22 – 16:45
-
फिर
बालव
16:45 – अगले दिन 04:16
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
-
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल प्रतिपदा · शुक्र
7 जून
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 44 मि| 05:2207:07 | ||
| 07:0708:51 | ||
| 08:5110:35 | ||
| 10:3512:20 | ||
| 12:2014:04 | ||
| 14:0415:48 | ||
| 15:4817:33 | ||
| 17:3319:17 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 16 मि| 19:1720:33 | ||
| 20:3321:48 | ||
| 21:4823:04 | ||
| 23:0400:20 | ||
| 00:2001:35 | ||
| 01:3502:51 | ||
| 02:5104:07 | ||
| 04:0705:22 |
दिन का गौरी
8·1 घं 44 मि| 05:2207:07 | ||
| 07:0708:51 | ||
| 08:5110:35 | ||
| 10:3512:20 | ||
| 12:2014:04 | ||
| 14:0415:48 | ||
| 15:4817:33 | ||
| 17:3319:17 |
रात का गौरी
8·1 घं 16 मि| 19:1720:33 | ||
| 20:3321:48 | ||
| 21:4823:04 | ||
| 23:0400:20 | ||
| 00:2001:35 | ||
| 01:3502:51 | ||
| 02:5104:07 | ||
| 04:0705:22 |
| 04:02–04:42 | ||
| 11:52–12:47 | ||
| 11:07–12:41 | ||
| 10:35–12:20 | ||
| 15:48–17:33 | ||
| 07:07–08:51 | ||
| 04:06–05:42 |
दिन के होरा
12·1 घं 10 मि| 05:2206:32 | ||
| 06:3207:41 | ||
| 07:4108:51 | ||
| 08:5110:01 | ||
| 10:0111:10 | ||
| 11:1012:20 | ||
| 12:2013:29 | ||
| 13:2914:39 | ||
| 14:3915:48 | ||
| 15:4816:58 | ||
| 16:5818:07 | ||
| 18:0719:17 |
रात के होरा
12·50 मि| 19:1720:07 | ||
| 20:0720:58 | ||
| 20:5821:48 | ||
| 21:4822:39 | ||
| 22:3923:29 | ||
| 23:2900:20 | ||
| 00:2001:10 | ||
| 01:1002:01 | ||
| 02:0102:51 | ||
| 02:5103:41 | ||
| 03:4104:32 | ||
| 04:3205:22 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 7 जून 2024 की तिथि क्या है?
- 7 जून 2024 को शुक्ल प्रतिपदा तिथि 16:45 तक है, फिर शुक्ल द्वितीया आरंभ होती है।
- 7 जून 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 7 जून 2024 को नक्षत्र मृगशिरा और योग शूल है।
- 7 जून 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 19:17 पर है।
- 7 जून 2024 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 10:35 से 12:20 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



