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शनिवार, 7 जून 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शनिवार, शुक्ल पक्ष। द्वादशी तिथि अगले दिन सुबह तक है, फिर त्रयोदशी आरंभ होती है। द्वादशी पर एकादशी का व्रत खोला जाता है। यह शांत और विश्राम की तिथि है। चन्द्रमा चित्रा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर स्वाति में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:52 से 12:47 तक शुभ है; राहु काल 08:51 से 10:35 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वादशी

      04:48 से अगले दिन 07:18 तक

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • चित्रा

      पिछले दिन 06:33 से 09:39 तक

    • फिर

      स्वाति

      09:39 – अगले दिन 12:42

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • वरीयान्

      पिछले दिन 10:12 से 11:17 तक

    • फिर

      परिघ

      11:17 – अगले दिन 12:17

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      04:48 से 18:04 तक

    • फिर

      बालव

      18:04 – अगले दिन 07:18

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वादशी · शनि

00061218काल · 05:22 – 07:07शुभ · 07:07 – 08:51रोग · 08:51 – 10:35उद्वेग · 10:35 – 12:20चल · 12:20 – 14:04लाभ · 14:04 – 15:48अमृत · 15:48 – 17:33काल · 17:33 – 19:17लाभ · 19:17 – 20:33उद्वेग · 20:33 – 21:48शुभ · 21:48 – 23:04अमृत · 23:04 – 00:20चल · 00:20 – 01:35रोग · 01:35 – 02:51काल · 02:51 – 04:07लाभ · 04:07 – 05:22चोर · 05:22 – 07:07उद्योग · 07:07 – 08:51विष · 08:51 – 10:35अमृत · 10:35 – 12:20रोग · 12:20 – 14:04लाभ · 14:04 – 15:48धन · 15:48 – 17:33सुख · 17:33 – 19:17लाभ · 19:17 – 20:33धन · 20:33 – 21:48सुख · 21:48 – 23:04चोर · 23:04 – 00:20उद्योग · 00:20 – 01:35विष · 01:35 – 02:51अमृत · 02:51 – 04:07रोग · 04:07 – 05:22ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:42अभिजित मुहूर्त · 11:52 – 12:47अमृत काल · 02:47 – 04:35राहु काल · 08:51 – 10:35यमगण्ड काल · 14:04 – 15:48गुलिक काल · 05:22 – 07:07वर्ज्यम् · 15:58 – 17:46शनि · 05:22 – 06:32गुरु · 06:32 – 07:41मंगल · 07:41 – 08:51सूर्य · 08:51 – 10:01शुक्र · 10:01 – 11:10बुध · 11:10 – 12:20चंद्र · 12:20 – 13:29शनि · 13:29 – 14:39गुरु · 14:39 – 15:48मंगल · 15:48 – 16:58सूर्य · 16:58 – 18:07शुक्र · 18:07 – 19:17बुध · 19:17 – 20:07चंद्र · 20:07 – 20:58शनि · 20:58 – 21:48गुरु · 21:48 – 22:39मंगल · 22:39 – 23:29सूर्य · 23:29 – 00:20शुक्र · 00:20 – 01:10बुध · 01:10 – 02:01चंद्र · 02:01 – 02:51शनि · 02:51 – 03:41गुरु · 03:41 – 04:32मंगल · 04:32 – 05:22

7 जून

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 44 मि
05:22
07:07
08:51
10:35
12:20
14:04
15:48
17:33

रात का चौघड़िया

8·1 घं 16 मि
19:17
20:33
21:48
23:04
00:20
01:35
02:51
04:07

दिन का गौरी

8·1 घं 44 मि
05:22
07:07
08:51
10:35
12:20
14:04
15:48
17:33

रात का गौरी

8·1 घं 16 मि
19:17
20:33
21:48
23:04
00:20
01:35
02:51
04:07
04:02–04:42
11:52–12:47
02:47–04:35
08:51–10:35
14:04–15:48
05:22–07:07
15:58–17:46

दिन के होरा

12·1 घं 10 मि
05:22
06:32
07:41
08:51
10:01
11:10
12:20
13:29
14:39
15:48
16:58
18:07

रात के होरा

12·50 मि
19:17
20:07
20:58
21:48
22:39
23:29
00:20
01:10
02:01
02:51
03:41
04:32

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 जून 2025 की तिथि क्या है?
7 जून 2025 को शुक्ल द्वादशी तिथि 8 जून 07:18 तक है, फिर शुक्ल त्रयोदशी आरंभ होती है।
7 जून 2025 का नक्षत्र क्या है?
7 जून 2025 को नक्षत्र चित्रा और योग वरीयान् है।
7 जून 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 19:17 पर है।
7 जून 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:51 से 10:35 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।