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रविवार, 10 मार्च 2024

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

रविवार, कृष्ण पक्ष। अमावस्या तिथि दोपहर तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। अमावस्या नव चंद्र की तिथि है, पितरों, शांति और आत्म-चिंतन का दिन। चन्द्रमा पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर उत्तर भाद्रपदा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:07 से 12:55 तक शुभ है; राहु काल 16:57 से 18:26 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों कुम्भ राशि में हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • अमावस्या

      पिछले दिन 18:18 से 14:30 तक

    • फिर

      शुक्ल प्रतिपदा

      14:30 – अगले दिन 10:45

    अमावस्या — नव चंद्र की तिथि। पितृ तर्पण, शांत पूजा और विश्राम का दिन; नए कार्य टाले जाते हैं।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व भाद्रपदा · पाद 1

      04:56 से अगले दिन 01:55 तक

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • साध्य

      पिछले दिन 20:32 से 16:13 तक

    • फिर

      शुभ

      16:13 – अगले दिन 11:57

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • नाग

      04:24 से 14:30 तक

    • फिर

      किंस्तुघ्न

      14:30 – अगले दिन 00:36

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

अमावस्या · रवि

00061218उद्वेग · 06:36 – 08:05चल · 08:05 – 09:33लाभ · 09:33 – 11:02अमृत · 11:02 – 12:31काल · 12:31 – 14:00शुभ · 14:00 – 15:29रोग · 15:29 – 16:57उद्वेग · 16:57 – 18:26शुभ · 18:26 – 19:57अमृत · 19:57 – 21:28चल · 21:28 – 22:59रोग · 22:59 – 00:30काल · 00:30 – 02:02लाभ · 02:02 – 03:33उद्वेग · 03:33 – 05:04शुभ · 05:04 – 06:35उद्योग · 06:36 – 08:05अमृत · 08:05 – 09:33रोग · 09:33 – 11:02लाभ · 11:02 – 12:31धन · 12:31 – 14:00सुख · 14:00 – 15:29चोर · 15:29 – 16:57विष · 16:57 – 18:26धन · 18:26 – 19:57सुख · 19:57 – 21:28चोर · 21:28 – 22:59विष · 22:59 – 00:30उद्योग · 00:30 – 02:02अमृत · 02:02 – 03:33रोग · 03:33 – 05:04लाभ · 05:04 – 06:35ब्रह्म मुहूर्त · 04:58 – 05:47अभिजित मुहूर्त · 12:07 – 12:55अमृत काल · 18:55 – 20:19राहु काल · 16:57 – 18:26यमगण्ड काल · 12:31 – 14:00गुलिक काल · 15:29 – 16:57वर्ज्यम् · 10:31 – 11:55सूर्य · 06:36 – 07:35शुक्र · 07:35 – 08:34बुध · 08:34 – 09:33चंद्र · 09:33 – 10:33शनि · 10:33 – 11:32गुरु · 11:32 – 12:31मंगल · 12:31 – 13:30सूर्य · 13:30 – 14:29शुक्र · 14:29 – 15:29बुध · 15:29 – 16:28चंद्र · 16:28 – 17:27शनि · 17:27 – 18:26गुरु · 18:26 – 19:27मंगल · 19:27 – 20:28सूर्य · 20:28 – 21:28शुक्र · 21:28 – 22:29बुध · 22:29 – 23:30चंद्र · 23:30 – 00:30शनि · 00:30 – 01:31गुरु · 01:31 – 02:32मंगल · 02:32 – 03:33सूर्य · 03:33 – 04:33शुक्र · 04:33 – 05:34बुध · 05:34 – 06:35

10 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 29 मि
06:36
08:05
09:33
11:02
12:31
14:00
15:29
16:57

रात का चौघड़िया

8·1 घं 31 मि
18:26
19:57
21:28
22:59
00:30
02:02
03:33
05:04

दिन का गौरी

8·1 घं 29 मि
06:36
08:05
09:33
11:02
12:31
14:00
15:29
16:57

रात का गौरी

8·1 घं 31 मि
18:26
19:57
21:28
22:59
00:30
02:02
03:33
05:04
04:58–05:47
12:07–12:55
18:55–20:19
16:57–18:26
12:31–14:00
15:29–16:57
10:31–11:55

दिन के होरा

12·59 मि
06:36
07:35
08:34
09:33
10:33
11:32
12:31
13:30
14:29
15:29
16:28
17:27

रात के होरा

12·1 घं 1 मि
18:26
19:27
20:28
21:28
22:29
23:30
00:30
01:31
02:32
03:33
04:33
05:34

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

10 मार्च 2024 की तिथि क्या है?
10 मार्च 2024 को अमावस्या तिथि 14:30 तक है, फिर शुक्ल प्रतिपदा आरंभ होती है।
10 मार्च 2024 का नक्षत्र क्या है?
10 मार्च 2024 को नक्षत्र पूर्व भाद्रपदा और योग साध्य है।
10 मार्च 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है।
10 मार्च 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:57 से 18:26 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।