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सोमवार, 10 मार्च 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

सोमवार, शुक्ल पक्ष। आमलकी एकादशी तिथि सुबह तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा पुष्य नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर आश्लेषा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:07 से 12:55 तक शुभ है; राहु काल 08:05 से 09:34 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • आमलकी एकादशी

      पिछले दिन 07:45 से 07:45 तक

    • फिर

      शुक्ल द्वादशी

      07:45 – अगले दिन 08:14

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तफाल्गुन
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • पुष्य · पाद 2

      पिछले दिन 23:55 से अगले दिन 00:51 तक

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • शोभन

      पिछले दिन 14:58 से 13:56 तक

    • फिर

      अतिगण्ड

      13:56 – अगले दिन 13:17

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 19:41 से 07:45 तक

    • फिर

      बव

      07:45 – 19:56

    • फिर

      बालव

      19:56 – अगले दिन 08:14

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल एकादशी · सोम

00061218अमृत · 06:36 – 08:05काल · 08:05 – 09:34शुभ · 09:34 – 11:02रोग · 11:02 – 12:31उद्वेग · 12:31 – 14:00चल · 14:00 – 15:29लाभ · 15:29 – 16:57अमृत · 16:57 – 18:26चल · 18:26 – 19:57रोग · 19:57 – 21:28काल · 21:28 – 22:59लाभ · 22:59 – 00:31उद्वेग · 00:31 – 02:02शुभ · 02:02 – 03:33अमृत · 03:33 – 05:04चल · 05:04 – 06:35अमृत · 06:36 – 08:05विष · 08:05 – 09:34रोग · 09:34 – 11:02लाभ · 11:02 – 12:31धन · 12:31 – 14:00सुख · 14:00 – 15:29चोर · 15:29 – 16:57उद्योग · 16:57 – 18:26सुख · 18:26 – 19:57चोर · 19:57 – 21:28उद्योग · 21:28 – 22:59अमृत · 22:59 – 00:31विष · 00:31 – 02:02रोग · 02:02 – 03:33लाभ · 03:33 – 05:04धन · 05:04 – 06:35ब्रह्म मुहूर्त · 04:59 – 05:47अभिजित मुहूर्त · 12:07 – 12:55अमृत काल · 18:12 – 19:52राहु काल · 08:05 – 09:34यमगण्ड काल · 11:02 – 12:31गुलिक काल · 14:00 – 15:29वर्ज्यम् · 08:14 – 09:53चंद्र · 06:36 – 07:35शनि · 07:35 – 08:34गुरु · 08:34 – 09:34मंगल · 09:34 – 10:33सूर्य · 10:33 – 11:32शुक्र · 11:32 – 12:31बुध · 12:31 – 13:30चंद्र · 13:30 – 14:29शनि · 14:29 – 15:29गुरु · 15:29 – 16:28मंगल · 16:28 – 17:27सूर्य · 17:27 – 18:26शुक्र · 18:26 – 19:27बुध · 19:27 – 20:28चंद्र · 20:28 – 21:28शनि · 21:28 – 22:29गुरु · 22:29 – 23:30मंगल · 23:30 – 00:31सूर्य · 00:31 – 01:31शुक्र · 01:31 – 02:32बुध · 02:32 – 03:33चंद्र · 03:33 – 04:33शनि · 04:33 – 05:34गुरु · 05:34 – 06:35

10 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 29 मि
06:36
08:05
09:34
11:02
12:31
14:00
15:29
16:57

रात का चौघड़िया

8·1 घं 31 मि
18:26
19:57
21:28
22:59
00:31
02:02
03:33
05:04

दिन का गौरी

8·1 घं 29 मि
06:36
08:05
09:34
11:02
12:31
14:00
15:29
16:57

रात का गौरी

8·1 घं 31 मि
18:26
19:57
21:28
22:59
00:31
02:02
03:33
05:04
04:59–05:47
12:07–12:55
18:12–19:52
08:05–09:34
11:02–12:31
14:00–15:29
08:14–09:53

दिन के होरा

12·59 मि
06:36
07:35
08:34
09:34
10:33
11:32
12:31
13:30
14:29
15:29
16:28
17:27

रात के होरा

12·1 घं 1 मि
18:26
19:27
20:28
21:28
22:29
23:30
00:31
01:31
02:32
03:33
04:33
05:34

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

10 मार्च 2025 की तिथि क्या है?
10 मार्च 2025 को आमलकी एकादशी तिथि 07:45 तक है, फिर शुक्ल द्वादशी आरंभ होती है।
10 मार्च 2025 का नक्षत्र क्या है?
10 मार्च 2025 को नक्षत्र पुष्य और योग शोभन है।
10 मार्च 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है।
10 मार्च 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:05 से 09:34 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।