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शनिवार, 14 मार्च 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शनिवार, कृष्ण पक्ष। दशमी तिथि सुबह तक है, फिर पापमोचनी एकादशी आरंभ होती है। दशमी स्थिर तिथि है, अधिकतर कामों के लिए शुभ। चन्द्रमा उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर श्रवण में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:06 से 12:54 तक शुभ है; राहु काल 09:31 से 11:01 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण दशमी

      पिछले दिन 06:29 से 08:11 तक

    • फिर

      पापमोचनी एकादशी

      08:11 – अगले दिन 09:16

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तफाल्गुन
    पूर्णिमान्तचैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर आषाढ़ा · पाद 1

      03:03 से अगले दिन 04:49 तक

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • वरीयान्

      पिछले दिन 10:31 से 10:42 तक

    • फिर

      परिघ

      10:42 – अगले दिन 10:25

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 19:24 से 08:11 तक

    • फिर

      बव

      08:11 – 20:49

    • फिर

      बालव

      20:49 – अगले दिन 09:16

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण दशमी · शनि

00061218काल · 06:32 – 08:01शुभ · 08:01 – 09:31रोग · 09:31 – 11:01उद्वेग · 11:01 – 12:30चल · 12:30 – 14:00लाभ · 14:00 – 15:29अमृत · 15:29 – 16:59काल · 16:59 – 18:28लाभ · 18:28 – 19:59उद्वेग · 19:59 – 21:29शुभ · 21:29 – 22:59अमृत · 22:59 – 00:30चल · 00:30 – 02:00रोग · 02:00 – 03:30काल · 03:30 – 05:00लाभ · 05:00 – 06:31चोर · 06:32 – 08:01उद्योग · 08:01 – 09:31विष · 09:31 – 11:01अमृत · 11:01 – 12:30रोग · 12:30 – 14:00लाभ · 14:00 – 15:29धन · 15:29 – 16:59सुख · 16:59 – 18:28लाभ · 18:28 – 19:59धन · 19:59 – 21:29सुख · 21:29 – 22:59चोर · 22:59 – 00:30उद्योग · 00:30 – 02:00विष · 02:00 – 03:30अमृत · 03:30 – 05:00रोग · 05:00 – 06:31ब्रह्म मुहूर्त · 04:55 – 05:44अभिजित मुहूर्त · 12:06 – 12:54अमृत काल · 21:57 – 23:40राहु काल · 09:31 – 11:01यमगण्ड काल · 14:00 – 15:29गुलिक काल · 06:32 – 08:01वर्ज्यम् · 11:38 – 13:21शनि · 06:32 – 07:32गुरु · 07:32 – 08:31मंगल · 08:31 – 09:31सूर्य · 09:31 – 10:31शुक्र · 10:31 – 11:30बुध · 11:30 – 12:30चंद्र · 12:30 – 13:30शनि · 13:30 – 14:30गुरु · 14:30 – 15:29मंगल · 15:29 – 16:29सूर्य · 16:29 – 17:29शुक्र · 17:29 – 18:28बुध · 18:28 – 19:29चंद्र · 19:29 – 20:29शनि · 20:29 – 21:29गुरु · 21:29 – 22:29मंगल · 22:29 – 23:29सूर्य · 23:29 – 00:30शुक्र · 00:30 – 01:30बुध · 01:30 – 02:30चंद्र · 02:30 – 03:30शनि · 03:30 – 04:30गुरु · 04:30 – 05:30मंगल · 05:30 – 06:31

14 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 30 मि
06:32
08:01
09:31
11:01
12:30
14:00
15:29
16:59

रात का चौघड़िया

8·1 घं 30 मि
18:28
19:59
21:29
22:59
00:30
02:00
03:30
05:00

दिन का गौरी

8·1 घं 30 मि
06:32
08:01
09:31
11:01
12:30
14:00
15:29
16:59

रात का गौरी

8·1 घं 30 मि
18:28
19:59
21:29
22:59
00:30
02:00
03:30
05:00
04:55–05:44
12:06–12:54
21:57–23:40
09:31–11:01
14:00–15:29
06:32–08:01
11:38–13:21

दिन के होरा

12·1 घं
06:32
07:32
08:31
09:31
10:31
11:30
12:30
13:30
14:30
15:29
16:29
17:29

रात के होरा

12·1 घं
18:28
19:29
20:29
21:29
22:29
23:29
00:30
01:30
02:30
03:30
04:30
05:30

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14 मार्च 2026 की तिथि क्या है?
14 मार्च 2026 को कृष्ण दशमी तिथि 08:11 तक है, फिर पापमोचनी एकादशी आरंभ होती है।
14 मार्च 2026 का नक्षत्र क्या है?
14 मार्च 2026 को नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग वरीयान् है।
14 मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है।
14 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:31 से 11:01 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।