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रविवार, 15 मार्च 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

रविवार, कृष्ण पक्ष। पापमोचनी एकादशी तिथि सुबह तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा श्रवण नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर धनिष्ठा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:06 से 12:54 तक शुभ है; राहु काल 16:59 से 18:29 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पापमोचनी एकादशी

      पिछले दिन 08:11 से 09:16 तक

    • फिर

      कृष्ण द्वादशी

      09:16 – अगले दिन 09:41

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तफाल्गुन
    पूर्णिमान्तचैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • श्रवण · पाद 1

      04:49 से अगले दिन 05:56 तक

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • परिघ

      पिछले दिन 10:42 से 10:25 तक

    • फिर

      शिव

      10:25 – अगले दिन 09:36

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बालव

      पिछले दिन 20:49 से 09:16 तक

    • फिर

      कौलव

      09:16 – 21:34

    • फिर

      तैतिल

      21:34 – अगले दिन 09:41

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · रवि

00061218उद्वेग · 06:31 – 08:00चल · 08:00 – 09:30लाभ · 09:30 – 11:00अमृत · 11:00 – 12:30काल · 12:30 – 14:00शुभ · 14:00 – 15:29रोग · 15:29 – 16:59उद्वेग · 16:59 – 18:29शुभ · 18:29 – 19:59अमृत · 19:59 – 21:29चल · 21:29 – 22:59रोग · 22:59 – 00:29काल · 00:29 – 01:59लाभ · 01:59 – 03:29उद्वेग · 03:29 – 04:59शुभ · 04:59 – 06:30उद्योग · 06:31 – 08:00अमृत · 08:00 – 09:30रोग · 09:30 – 11:00लाभ · 11:00 – 12:30धन · 12:30 – 14:00सुख · 14:00 – 15:29चोर · 15:29 – 16:59विष · 16:59 – 18:29धन · 18:29 – 19:59सुख · 19:59 – 21:29चोर · 21:29 – 22:59विष · 22:59 – 00:29उद्योग · 00:29 – 01:59अमृत · 01:59 – 03:29रोग · 03:29 – 04:59लाभ · 04:59 – 06:30ब्रह्म मुहूर्त · 04:54 – 05:43अभिजित मुहूर्त · 12:06 – 12:54अमृत काल · 19:03 – 20:43राहु काल · 16:59 – 18:29यमगण्ड काल · 12:30 – 14:00गुलिक काल · 15:29 – 16:59वर्ज्यम् · 09:00 – 10:40सूर्य · 06:31 – 07:31शुक्र · 07:31 – 08:30बुध · 08:30 – 09:30चंद्र · 09:30 – 10:30शनि · 10:30 – 11:30गुरु · 11:30 – 12:30मंगल · 12:30 – 13:30सूर्य · 13:30 – 14:30शुक्र · 14:30 – 15:29बुध · 15:29 – 16:29चंद्र · 16:29 – 17:29शनि · 17:29 – 18:29गुरु · 18:29 – 19:29मंगल · 19:29 – 20:29सूर्य · 20:29 – 21:29शुक्र · 21:29 – 22:29बुध · 22:29 – 23:29चंद्र · 23:29 – 00:29शनि · 00:29 – 01:29गुरु · 01:29 – 02:29मंगल · 02:29 – 03:29सूर्य · 03:29 – 04:29शुक्र · 04:29 – 05:29बुध · 05:29 – 06:30

15 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 30 मि
06:31
08:00
09:30
11:00
12:30
14:00
15:29
16:59

रात का चौघड़िया

8·1 घं 30 मि
18:29
19:59
21:29
22:59
00:29
01:59
03:29
04:59

दिन का गौरी

8·1 घं 30 मि
06:31
08:00
09:30
11:00
12:30
14:00
15:29
16:59

रात का गौरी

8·1 घं 30 मि
18:29
19:59
21:29
22:59
00:29
01:59
03:29
04:59
04:54–05:43
12:06–12:54
19:03–20:43
16:59–18:29
12:30–14:00
15:29–16:59
09:00–10:40

दिन के होरा

12·1 घं
06:31
07:31
08:30
09:30
10:30
11:30
12:30
13:30
14:30
15:29
16:29
17:29

रात के होरा

12·1 घं
18:29
19:29
20:29
21:29
22:29
23:29
00:29
01:29
02:29
03:29
04:29
05:29

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 मार्च 2026 की तिथि क्या है?
15 मार्च 2026 को पापमोचनी एकादशी तिथि 09:16 तक है, फिर कृष्ण द्वादशी आरंभ होती है।
15 मार्च 2026 का नक्षत्र क्या है?
15 मार्च 2026 को नक्षत्र श्रवण और योग परिघ है।
15 मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है।
15 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:59 से 18:29 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।