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रविवार, 2 मार्च 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

रविवार, शुक्ल पक्ष। तृतीया तिथि रात तक है, फिर चतुर्थी आरंभ होती है। तृतीया शुभ तिथि है, यात्रा और उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर रेवती में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:10 से 12:56 तक शुभ है; राहु काल 16:54 से 18:21 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल तृतीया

      00:09 से 21:02 तक

    • फिर

      शुक्ल चतुर्थी

      21:02 – अगले दिन 18:02

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तफाल्गुन
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर भाद्रपदा

      पिछले दिन 11:22 से 08:59 तक

    • फिर

      रेवती

      08:59 – अगले दिन 06:39

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • शुभ

      पिछले दिन 16:24 से 12:39 तक

    • फिर

      शुक्ल

      12:39 – अगले दिन 08:57

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      00:09 से 10:35 तक

    • फिर

      गर

      10:35 – 21:02

    • फिर

      वणिज

      21:02 – अगले दिन 07:31

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल तृतीया · रवि

00061218उद्वेग · 06:45 – 08:12चल · 08:12 – 09:39लाभ · 09:39 – 11:06अमृत · 11:06 – 12:33काल · 12:33 – 14:00शुभ · 14:00 – 15:27रोग · 15:27 – 16:54उद्वेग · 16:54 – 18:21शुभ · 18:21 – 19:54अमृत · 19:54 – 21:27चल · 21:27 – 23:00रोग · 23:00 – 00:32काल · 00:32 – 02:05लाभ · 02:05 – 03:38उद्वेग · 03:38 – 05:11शुभ · 05:11 – 06:44उद्योग · 06:45 – 08:12अमृत · 08:12 – 09:39रोग · 09:39 – 11:06लाभ · 11:06 – 12:33धन · 12:33 – 14:00सुख · 14:00 – 15:27चोर · 15:27 – 16:54विष · 16:54 – 18:21धन · 18:21 – 19:54सुख · 19:54 – 21:27चोर · 21:27 – 23:00विष · 23:00 – 00:32उद्योग · 00:32 – 02:05अमृत · 02:05 – 03:38रोग · 03:38 – 05:11लाभ · 05:11 – 06:44ब्रह्म मुहूर्त · 05:05 – 05:55अभिजित मुहूर्त · 12:10 – 12:56अमृत काल · 04:29 – 05:55राहु काल · 16:54 – 18:21यमगण्ड काल · 12:33 – 14:00गुलिक काल · 15:27 – 16:54वर्ज्यम् · 19:49 – 21:15सूर्य · 06:45 – 07:43शुक्र · 07:43 – 08:41बुध · 08:41 – 09:39चंद्र · 09:39 – 10:37शनि · 10:37 – 11:35गुरु · 11:35 – 12:33मंगल · 12:33 – 13:31सूर्य · 13:31 – 14:29शुक्र · 14:29 – 15:27बुध · 15:27 – 16:25चंद्र · 16:25 – 17:23शनि · 17:23 – 18:21गुरु · 18:21 – 19:23मंगल · 19:23 – 20:25सूर्य · 20:25 – 21:27शुक्र · 21:27 – 22:29बुध · 22:29 – 23:31चंद्र · 23:31 – 00:32शनि · 00:32 – 01:34गुरु · 01:34 – 02:36मंगल · 02:36 – 03:38सूर्य · 03:38 – 04:40शुक्र · 04:40 – 05:42बुध · 05:42 – 06:44

2 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 27 मि
06:45
08:12
09:39
11:06
12:33
14:00
15:27
16:54

रात का चौघड़िया

8·1 घं 33 मि
18:21
19:54
21:27
23:00
00:32
02:05
03:38
05:11

दिन का गौरी

8·1 घं 27 मि
06:45
08:12
09:39
11:06
12:33
14:00
15:27
16:54

रात का गौरी

8·1 घं 33 मि
18:21
19:54
21:27
23:00
00:32
02:05
03:38
05:11
05:05–05:55
12:10–12:56
04:29–05:55
16:54–18:21
12:33–14:00
15:27–16:54
19:49–21:15

दिन के होरा

12·58 मि
06:45
07:43
08:41
09:39
10:37
11:35
12:33
13:31
14:29
15:27
16:25
17:23

रात के होरा

12·1 घं 2 मि
18:21
19:23
20:25
21:27
22:29
23:31
00:32
01:34
02:36
03:38
04:40
05:42

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2 मार्च 2025 की तिथि क्या है?
2 मार्च 2025 को शुक्ल तृतीया तिथि 21:02 तक है, फिर शुक्ल चतुर्थी आरंभ होती है।
2 मार्च 2025 का नक्षत्र क्या है?
2 मार्च 2025 को नक्षत्र उत्तर भाद्रपदा और योग शुभ है।
2 मार्च 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है।
2 मार्च 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:54 से 18:21 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।