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सोमवार, 3 मार्च 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

सोमवार, शुक्ल पक्ष। चतुर्थी तिथि शाम तक है, फिर पंचमी आरंभ होती है। चतुर्थी गणेश जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, बड़े नए काम के लिए नहीं। चन्द्रमा अश्विनी नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर भरणी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:09 से 12:56 तक शुभ है; राहु काल 08:11 से 09:38 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्थी

      पिछले दिन 21:02 से 18:02 तक

    • फिर

      शुक्ल पंचमी

      18:02 – अगले दिन 15:17

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तफाल्गुन
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • अश्विनी · पाद 1

      06:39 से अगले दिन 04:29 तक

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • शुक्ल

      पिछले दिन 12:39 से 08:57 तक

    • फिर

      ब्रह्म

      08:57 – अगले दिन 05:24

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 21:02 से 07:31 तक

    • फिर

      विष्टि

      07:31 – 18:02

    • फिर

      बव

      18:02 – अगले दिन 04:37

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्थी · सोम

00061218अमृत · 06:44 – 08:11काल · 08:11 – 09:38शुभ · 09:38 – 11:05रोग · 11:05 – 12:33उद्वेग · 12:33 – 14:00चल · 14:00 – 15:27लाभ · 15:27 – 16:55अमृत · 16:55 – 18:22चल · 18:22 – 19:54रोग · 19:54 – 21:27काल · 21:27 – 23:00लाभ · 23:00 – 00:32उद्वेग · 00:32 – 02:05शुभ · 02:05 – 03:37अमृत · 03:37 – 05:10चल · 05:10 – 06:43अमृत · 06:44 – 08:11विष · 08:11 – 09:38रोग · 09:38 – 11:05लाभ · 11:05 – 12:33धन · 12:33 – 14:00सुख · 14:00 – 15:27चोर · 15:27 – 16:55उद्योग · 16:55 – 18:22सुख · 18:22 – 19:54चोर · 19:54 – 21:27उद्योग · 21:27 – 23:00अमृत · 23:00 – 00:32विष · 00:32 – 02:05रोग · 02:05 – 03:37लाभ · 03:37 – 05:10धन · 05:10 – 06:43ब्रह्म मुहूर्त · 05:05 – 05:54अभिजित मुहूर्त · 12:09 – 12:56अमृत काल · 21:56 – 23:23राहु काल · 08:11 – 09:38यमगण्ड काल · 11:05 – 12:33गुलिक काल · 14:00 – 15:27वर्ज्यम् · 00:51 – 02:18चंद्र · 06:44 – 07:42शनि · 07:42 – 08:40गुरु · 08:40 – 09:38मंगल · 09:38 – 10:36सूर्य · 10:36 – 11:35शुक्र · 11:35 – 12:33बुध · 12:33 – 13:31चंद्र · 13:31 – 14:29शनि · 14:29 – 15:27गुरु · 15:27 – 16:25मंगल · 16:25 – 17:24सूर्य · 17:24 – 18:22शुक्र · 18:22 – 19:24बुध · 19:24 – 20:25चंद्र · 20:25 – 21:27शनि · 21:27 – 22:29गुरु · 22:29 – 23:30मंगल · 23:30 – 00:32सूर्य · 00:32 – 01:34शुक्र · 01:34 – 02:36बुध · 02:36 – 03:37चंद्र · 03:37 – 04:39शनि · 04:39 – 05:41गुरु · 05:41 – 06:43

3 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 27 मि
06:44
08:11
09:38
11:05
12:33
14:00
15:27
16:55

रात का चौघड़िया

8·1 घं 33 मि
18:22
19:54
21:27
23:00
00:32
02:05
03:37
05:10

दिन का गौरी

8·1 घं 27 मि
06:44
08:11
09:38
11:05
12:33
14:00
15:27
16:55

रात का गौरी

8·1 घं 33 मि
18:22
19:54
21:27
23:00
00:32
02:05
03:37
05:10
05:05–05:54
12:09–12:56
21:56–23:23
08:11–09:38
11:05–12:33
14:00–15:27
00:51–02:18

दिन के होरा

12·58 मि
06:44
07:42
08:40
09:38
10:36
11:35
12:33
13:31
14:29
15:27
16:25
17:24

रात के होरा

12·1 घं 2 मि
18:22
19:24
20:25
21:27
22:29
23:30
00:32
01:34
02:36
03:37
04:39
05:41

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 मार्च 2025 की तिथि क्या है?
3 मार्च 2025 को शुक्ल चतुर्थी तिथि 18:02 तक है, फिर शुक्ल पंचमी आरंभ होती है।
3 मार्च 2025 का नक्षत्र क्या है?
3 मार्च 2025 को नक्षत्र अश्विनी और योग शुक्ल है।
3 मार्च 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:44 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है।
3 मार्च 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:11 से 09:38 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।