मुख्य सामग्री पर जाएँ

सोमवार, 22 मार्च 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

सोमवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन होली है। पूर्णिमा तिथि शाम तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। पूर्णिमा पूर्ण चंद्र की तिथि है, भक्ति और काम पूरे करने का दिन। चन्द्रमा उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में रात तक है, फिर हस्त में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:04 से 12:52 तक शुभ है; राहु काल 07:54 से 09:25 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

इस दिन के पर्व

सोमवार, 22 मार्च

होली

रंगवाली होली

रंगों का त्योहार, वसंत के आगमन और बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव। लोग एक-दूसरे पर रंग लगाते हैं, गीत-संगीत और मेल-मिलाप करते हैं।

इस दिन के अन्य पर्व

  • धुलंडी

    उत्तर भारतगुजरातअन्य नाम: धुलेटी

    होलिका दहन के अगले दिन की सुबह, जब रंग और पानी खेला जाता है: उत्तर भारत में धुलंडी, गुजरात में धुलेटी — जिसे अधिकांश लोग बस होली कहते हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन 18:21 से 16:13 तक

    • फिर

      कृष्ण प्रतिपदा

      16:13 – अगले दिन 14:28

    पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र की तिथि। भक्ति, व्रत और आरंभ किए काम पूरे करने का दिन।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तफाल्गुन
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर फाल्गुनी

      पिछले दिन 22:07 से 20:46 तक

    • फिर

      हस्त

      20:46 – अगले दिन 19:49

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • गण्ड

      पिछले दिन 16:58 से 14:04 तक

    • फिर

      वृद्धि

      14:04 – अगले दिन 11:27

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बव

      05:15 से 16:13 तक

    • फिर

      बालव

      16:13 – अगले दिन 03:17

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · सोम

00061218अमृत · 06:23 – 07:54काल · 07:54 – 09:25शुभ · 09:25 – 10:57रोग · 10:57 – 12:28उद्वेग · 12:28 – 13:59चल · 13:59 – 15:30लाभ · 15:30 – 17:02अमृत · 17:02 – 18:33चल · 18:33 – 20:01रोग · 20:01 – 21:30काल · 21:30 – 22:59लाभ · 22:59 – 00:27उद्वेग · 00:27 – 01:56शुभ · 01:56 – 03:25अमृत · 03:25 – 04:53चल · 04:53 – 06:22अमृत · 06:23 – 07:54विष · 07:54 – 09:25रोग · 09:25 – 10:57लाभ · 10:57 – 12:28धन · 12:28 – 13:59सुख · 13:59 – 15:30चोर · 15:30 – 17:02उद्योग · 17:02 – 18:33सुख · 18:33 – 20:01चोर · 20:01 – 21:30उद्योग · 21:30 – 22:59अमृत · 22:59 – 00:27विष · 00:27 – 01:56रोग · 01:56 – 03:25लाभ · 03:25 – 04:53धन · 04:53 – 06:22ब्रह्म मुहूर्त · 04:48 – 05:36अभिजित मुहूर्त · 12:04 – 12:52अमृत काल · 13:58 – 15:28राहु काल · 07:54 – 09:25यमगण्ड काल · 10:57 – 12:28गुलिक काल · 13:59 – 15:30वर्ज्यम् · 04:54 – 06:25चंद्र · 06:23 – 07:24शनि · 07:24 – 08:25गुरु · 08:25 – 09:25मंगल · 09:25 – 10:26सूर्य · 10:26 – 11:27शुक्र · 11:27 – 12:28बुध · 12:28 – 13:29चंद्र · 13:29 – 14:30शनि · 14:30 – 15:30गुरु · 15:30 – 16:31मंगल · 16:31 – 17:32सूर्य · 17:32 – 18:33शुक्र · 18:33 – 19:32बुध · 19:32 – 20:31चंद्र · 20:31 – 21:30शनि · 21:30 – 22:29गुरु · 22:29 – 23:28मंगल · 23:28 – 00:27सूर्य · 00:27 – 01:26शुक्र · 01:26 – 02:25बुध · 02:25 – 03:25चंद्र · 03:25 – 04:24शनि · 04:24 – 05:23गुरु · 05:23 – 06:22

22 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 31 मि
06:23
07:54
09:25
10:57
12:28
13:59
15:30
17:02

रात का चौघड़िया

8·1 घं 29 मि
18:33
20:01
21:30
22:59
00:27
01:56
03:25
04:53

दिन का गौरी

8·1 घं 31 मि
06:23
07:54
09:25
10:57
12:28
13:59
15:30
17:02

रात का गौरी

8·1 घं 29 मि
18:33
20:01
21:30
22:59
00:27
01:56
03:25
04:53
04:48–05:36
12:04–12:52
13:58–15:28
07:54–09:25
10:57–12:28
13:59–15:30
04:54–06:25

दिन के होरा

12·1 घं 1 मि
06:23
07:24
08:25
09:25
10:26
11:27
12:28
13:29
14:30
15:30
16:31
17:32

रात के होरा

12·59 मि
18:33
19:32
20:31
21:30
22:29
23:28
00:27
01:26
02:25
03:25
04:24
05:23

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 मार्च 2027 की तिथि क्या है?
22 मार्च 2027 को पूर्णिमा तिथि 16:13 तक है, फिर कृष्ण प्रतिपदा आरंभ होती है।
22 मार्च 2027 का नक्षत्र क्या है?
22 मार्च 2027 को नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग गण्ड है।
22 मार्च 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है।
22 मार्च 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:54 से 09:25 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।