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सोमवार, 31 मार्च 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

सोमवार, शुक्ल पक्ष। द्वितीया तिथि सुबह तक है, फिर तृतीया आरंभ होती है। द्वितीया स्थिर तिथि है, साथ मिलकर काम करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा अश्विनी नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर भरणी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:00 से 12:50 तक शुभ है; राहु काल 07:45 से 09:18 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वितीया

      पिछले दिन 12:49 से 09:11 तक

    • फिर

      शुक्ल तृतीया

      09:11 – अगले दिन 05:42

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तचैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • अश्विनी

      पिछले दिन 16:35 से 13:45 तक

    • फिर

      भरणी

      13:45 – अगले दिन 11:06

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • वैधृति

      पिछले दिन 17:53 से 13:45 तक

    • फिर

      विष्कुम्भ

      13:45 – अगले दिन 09:47

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • कौलव

      पिछले दिन 23:00 से 09:11 तक

    • फिर

      तैतिल

      09:11 – 19:25

    • फिर

      गर

      19:25 – अगले दिन 05:42

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वितीया · सोम

00061218अमृत · 06:12 – 07:45काल · 07:45 – 09:18शुभ · 09:18 – 10:52रोग · 10:52 – 12:25उद्वेग · 12:25 – 13:58चल · 13:58 – 15:32लाभ · 15:32 – 17:05अमृत · 17:05 – 18:38चल · 18:38 – 20:05रोग · 20:05 – 21:31काल · 21:31 – 22:58लाभ · 22:58 – 00:24उद्वेग · 00:24 – 01:51शुभ · 01:51 – 03:18अमृत · 03:18 – 04:44चल · 04:44 – 06:11अमृत · 06:12 – 07:45विष · 07:45 – 09:18रोग · 09:18 – 10:52लाभ · 10:52 – 12:25धन · 12:25 – 13:58सुख · 13:58 – 15:32चोर · 15:32 – 17:05उद्योग · 17:05 – 18:38सुख · 18:38 – 20:05चोर · 20:05 – 21:31उद्योग · 21:31 – 22:58अमृत · 22:58 – 00:24विष · 00:24 – 01:51रोग · 01:51 – 03:18लाभ · 03:18 – 04:44धन · 04:44 – 06:11ब्रह्म मुहूर्त · 04:39 – 05:26अभिजित मुहूर्त · 12:00 – 12:50अमृत काल · 07:24 – 08:48राहु काल · 07:45 – 09:18यमगण्ड काल · 10:52 – 12:25गुलिक काल · 13:58 – 15:32वर्ज्यम् · 10:13 – 11:38चंद्र · 06:12 – 07:14शनि · 07:14 – 08:16गुरु · 08:16 – 09:18मंगल · 09:18 – 10:21सूर्य · 10:21 – 11:23शुक्र · 11:23 – 12:25बुध · 12:25 – 13:27चंद्र · 13:27 – 14:29शनि · 14:29 – 15:32गुरु · 15:32 – 16:34मंगल · 16:34 – 17:36सूर्य · 17:36 – 18:38शुक्र · 18:38 – 19:36बुध · 19:36 – 20:34चंद्र · 20:34 – 21:31शनि · 21:31 – 22:29गुरु · 22:29 – 23:27मंगल · 23:27 – 00:24सूर्य · 00:24 – 01:22शुक्र · 01:22 – 02:20बुध · 02:20 – 03:18चंद्र · 03:18 – 04:15शनि · 04:15 – 05:13गुरु · 05:13 – 06:11

31 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 33 मि
06:12
07:45
09:18
10:52
12:25
13:58
15:32
17:05

रात का चौघड़िया

8·1 घं 27 मि
18:38
20:05
21:31
22:58
00:24
01:51
03:18
04:44

दिन का गौरी

8·1 घं 33 मि
06:12
07:45
09:18
10:52
12:25
13:58
15:32
17:05

रात का गौरी

8·1 घं 27 मि
18:38
20:05
21:31
22:58
00:24
01:51
03:18
04:44
04:39–05:26
12:00–12:50
07:24–08:48
07:45–09:18
10:52–12:25
13:58–15:32
10:13–11:38

दिन के होरा

12·1 घं 2 मि
06:12
07:14
08:16
09:18
10:21
11:23
12:25
13:27
14:29
15:32
16:34
17:36

रात के होरा

12·58 मि
18:38
19:36
20:34
21:31
22:29
23:27
00:24
01:22
02:20
03:18
04:15
05:13

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

31 मार्च 2025 की तिथि क्या है?
31 मार्च 2025 को शुक्ल द्वितीया तिथि 09:11 तक है, फिर शुक्ल तृतीया आरंभ होती है।
31 मार्च 2025 का नक्षत्र क्या है?
31 मार्च 2025 को नक्षत्र अश्विनी और योग वैधृति है।
31 मार्च 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है।
31 मार्च 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:45 से 09:18 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।