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गुरुवार, 6 मार्च 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

गुरुवार, शुक्ल पक्ष। सप्तमी तिथि सुबह तक है, फिर अष्टमी आरंभ होती है। सप्तमी सहज तिथि है, रोज़ के काम और यात्रा के लिए अच्छी। चन्द्रमा रोहिणी नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर मृगशिरा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:09 से 12:56 तक शुभ है; राहु काल 14:00 से 15:28 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल सप्तमी

      पिछले दिन 12:51 से 10:51 तक

    • फिर

      शुक्ल अष्टमी

      10:51 – अगले दिन 09:19

    सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तफाल्गुन
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • रोहिणी · पाद 1

      01:08 से अगले दिन 00:05 तक

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • विष्कुम्भ

      पिछले दिन 23:07 से 20:29 तक

    • फिर

      प्रीति

      20:29 – अगले दिन 18:14

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • वणिज

      पिछले दिन 23:48 से 10:51 तक

    • फिर

      विष्टि

      10:51 – 22:01

    • फिर

      बव

      22:01 – अगले दिन 09:19

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल सप्तमी · गुरु

00061218शुभ · 06:40 – 08:08रोग · 08:08 – 09:36उद्वेग · 09:36 – 11:04चल · 11:04 – 12:32लाभ · 12:32 – 14:00अमृत · 14:00 – 15:28काल · 15:28 – 16:56शुभ · 16:56 – 18:24अमृत · 18:24 – 19:56चल · 19:56 – 21:28रोग · 21:28 – 23:00काल · 23:00 – 00:32लाभ · 00:32 – 02:04उद्वेग · 02:04 – 03:35शुभ · 03:35 – 05:07अमृत · 05:07 – 06:39धन · 06:40 – 08:08सुख · 08:08 – 09:36चोर · 09:36 – 11:04उद्योग · 11:04 – 12:32अमृत · 12:32 – 14:00विष · 14:00 – 15:28रोग · 15:28 – 16:56लाभ · 16:56 – 18:24अमृत · 18:24 – 19:56विष · 19:56 – 21:28रोग · 21:28 – 23:00लाभ · 23:00 – 00:32धन · 00:32 – 02:04सुख · 02:04 – 03:35चोर · 03:35 – 05:07उद्योग · 05:07 – 06:39ब्रह्म मुहूर्त · 05:02 – 05:51अभिजित मुहूर्त · 12:09 – 12:56अमृत काल · 21:02 – 22:33राहु काल · 14:00 – 15:28यमगण्ड काल · 06:40 – 08:08गुलिक काल · 09:36 – 11:04वर्ज्यम् · 16:26 – 17:58गुरु · 06:40 – 07:39मंगल · 07:39 – 08:38सूर्य · 08:38 – 09:36शुक्र · 09:36 – 10:35बुध · 10:35 – 11:33चंद्र · 11:33 – 12:32शनि · 12:32 – 13:31गुरु · 13:31 – 14:29मंगल · 14:29 – 15:28सूर्य · 15:28 – 16:27शुक्र · 16:27 – 17:25बुध · 17:25 – 18:24चंद्र · 18:24 – 19:25शनि · 19:25 – 20:26गुरु · 20:26 – 21:28मंगल · 21:28 – 22:29सूर्य · 22:29 – 23:30शुक्र · 23:30 – 00:32बुध · 00:32 – 01:33चंद्र · 01:33 – 02:34शनि · 02:34 – 03:35गुरु · 03:35 – 04:37मंगल · 04:37 – 05:38सूर्य · 05:38 – 06:39

6 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 28 मि
06:40
08:08
09:36
11:04
12:32
14:00
15:28
16:56

रात का चौघड़िया

8·1 घं 32 मि
18:24
19:56
21:28
23:00
00:32
02:04
03:35
05:07

दिन का गौरी

8·1 घं 28 मि
06:40
08:08
09:36
11:04
12:32
14:00
15:28
16:56

रात का गौरी

8·1 घं 32 मि
18:24
19:56
21:28
23:00
00:32
02:04
03:35
05:07
05:02–05:51
12:09–12:56
21:02–22:33
14:00–15:28
06:40–08:08
09:36–11:04
16:26–17:58

दिन के होरा

12·59 मि
06:40
07:39
08:38
09:36
10:35
11:33
12:32
13:31
14:29
15:28
16:27
17:25

रात के होरा

12·1 घं 1 मि
18:24
19:25
20:26
21:28
22:29
23:30
00:32
01:33
02:34
03:35
04:37
05:38

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 मार्च 2025 की तिथि क्या है?
6 मार्च 2025 को शुक्ल सप्तमी तिथि 10:51 तक है, फिर शुक्ल अष्टमी आरंभ होती है।
6 मार्च 2025 का नक्षत्र क्या है?
6 मार्च 2025 को नक्षत्र रोहिणी और योग विष्कुम्भ है।
6 मार्च 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:40 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है।
6 मार्च 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 14:00 से 15:28 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।