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शुक्रवार, 7 मार्च 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शुक्रवार, शुक्ल पक्ष। अष्टमी तिथि सुबह तक है, फिर नवमी आरंभ होती है। अष्टमी तीव्र तिथि है। नए काम की शुरुआत परंपरा में टाली जाती है। चन्द्रमा मृगशिरा नक्षत्र में रात तक है, फिर आर्द्रा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:08 से 12:55 तक शुभ है; राहु काल 11:04 से 12:32 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल अष्टमी

      पिछले दिन 10:51 से 09:19 तक

    • फिर

      शुक्ल नवमी

      09:19 – अगले दिन 08:16

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तफाल्गुन
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • मृगशिरा

      00:05 से 23:32 तक

    • फिर

      आर्द्रा

      23:32 – अगले दिन 23:28

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • प्रीति

      पिछले दिन 20:29 से 18:14 तक

    • फिर

      आयुष्मान्

      18:14 – अगले दिन 16:24

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      पिछले दिन 22:01 से 09:19 तक

    • फिर

      बालव

      09:19 – 20:44

    • फिर

      कौलव

      20:44 – अगले दिन 08:16

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल अष्टमी · शुक्र

00061218चल · 06:39 – 08:07लाभ · 08:07 – 09:36अमृत · 09:36 – 11:04काल · 11:04 – 12:32शुभ · 12:32 – 14:00रोग · 14:00 – 15:28उद्वेग · 15:28 – 16:56चल · 16:56 – 18:24रोग · 18:24 – 19:56काल · 19:56 – 21:28लाभ · 21:28 – 23:00उद्वेग · 23:00 – 00:31शुभ · 00:31 – 02:03अमृत · 02:03 – 03:35चल · 03:35 – 05:07रोग · 05:07 – 06:38सुख · 06:39 – 08:07चोर · 08:07 – 09:36उद्योग · 09:36 – 11:04विष · 11:04 – 12:32अमृत · 12:32 – 14:00रोग · 14:00 – 15:28लाभ · 15:28 – 16:56धन · 16:56 – 18:24रोग · 18:24 – 19:56लाभ · 19:56 – 21:28धन · 21:28 – 23:00सुख · 23:00 – 00:31चोर · 00:31 – 02:03उद्योग · 02:03 – 03:35विष · 03:35 – 05:07अमृत · 05:07 – 06:38ब्रह्म मुहूर्त · 05:01 – 05:50अभिजित मुहूर्त · 12:08 – 12:55अमृत काल · 14:56 – 16:30राहु काल · 11:04 – 12:32यमगण्ड काल · 15:28 – 16:56गुलिक काल · 08:07 – 09:36वर्ज्यम् · 05:33 – 07:07शुक्र · 06:39 – 07:38बुध · 07:38 – 08:37चंद्र · 08:37 – 09:36शनि · 09:36 – 10:34गुरु · 10:34 – 11:33मंगल · 11:33 – 12:32सूर्य · 12:32 – 13:31शुक्र · 13:31 – 14:29बुध · 14:29 – 15:28चंद्र · 15:28 – 16:27शनि · 16:27 – 17:26गुरु · 17:26 – 18:24मंगल · 18:24 – 19:25सूर्य · 19:25 – 20:27शुक्र · 20:27 – 21:28बुध · 21:28 – 22:29चंद्र · 22:29 – 23:30शनि · 23:30 – 00:31गुरु · 00:31 – 01:32मंगल · 01:32 – 02:34सूर्य · 02:34 – 03:35शुक्र · 03:35 – 04:36बुध · 04:36 – 05:37चंद्र · 05:37 – 06:38

7 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 28 मि
06:39
08:07
09:36
11:04
12:32
14:00
15:28
16:56

रात का चौघड़िया

8·1 घं 32 मि
18:24
19:56
21:28
23:00
00:31
02:03
03:35
05:07

दिन का गौरी

8·1 घं 28 मि
06:39
08:07
09:36
11:04
12:32
14:00
15:28
16:56

रात का गौरी

8·1 घं 32 मि
18:24
19:56
21:28
23:00
00:31
02:03
03:35
05:07
05:01–05:50
12:08–12:55
14:56–16:30
11:04–12:32
15:28–16:56
08:07–09:36
05:33–07:07

दिन के होरा

12·59 मि
06:39
07:38
08:37
09:36
10:34
11:33
12:32
13:31
14:29
15:28
16:27
17:26

रात के होरा

12·1 घं 1 मि
18:24
19:25
20:27
21:28
22:29
23:30
00:31
01:32
02:34
03:35
04:36
05:37

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 मार्च 2025 की तिथि क्या है?
7 मार्च 2025 को शुक्ल अष्टमी तिथि 09:19 तक है, फिर शुक्ल नवमी आरंभ होती है।
7 मार्च 2025 का नक्षत्र क्या है?
7 मार्च 2025 को नक्षत्र मृगशिरा और योग प्रीति है।
7 मार्च 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है।
7 मार्च 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 11:04 से 12:32 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।