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शनिवार, 8 मार्च 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शनिवार, शुक्ल पक्ष। नवमी तिथि सुबह तक है, फिर दशमी आरंभ होती है। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा आर्द्रा नक्षत्र में रात तक है, फिर पुनर्वसु में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:08 से 12:55 तक शुभ है; राहु काल 09:35 से 11:03 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल नवमी

      पिछले दिन 09:19 से 08:16 तक

    • फिर

      शुक्ल दशमी

      08:16 – अगले दिन 07:45

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तफाल्गुन
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • आर्द्रा

      पिछले दिन 23:32 से 23:28 तक

    • फिर

      पुनर्वसु

      23:28 – अगले दिन 23:55

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • आयुष्मान्

      पिछले दिन 18:14 से 16:24 तक

    • फिर

      सौभाग्य

      16:24 – अगले दिन 14:58

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      पिछले दिन 20:44 से 08:16 तक

    • फिर

      तैतिल

      08:16 – 19:57

    • फिर

      गर

      19:57 – अगले दिन 07:45

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल नवमी · शनि

00061218काल · 06:38 – 08:07शुभ · 08:07 – 09:35रोग · 09:35 – 11:03उद्वेग · 11:03 – 12:32चल · 12:32 – 14:00लाभ · 14:00 – 15:28अमृत · 15:28 – 16:57काल · 16:57 – 18:25लाभ · 18:25 – 19:56उद्वेग · 19:56 – 21:28शुभ · 21:28 – 23:00अमृत · 23:00 – 00:31चल · 00:31 – 02:03रोग · 02:03 – 03:34काल · 03:34 – 05:06लाभ · 05:06 – 06:37चोर · 06:38 – 08:07उद्योग · 08:07 – 09:35विष · 09:35 – 11:03अमृत · 11:03 – 12:32रोग · 12:32 – 14:00लाभ · 14:00 – 15:28धन · 15:28 – 16:57सुख · 16:57 – 18:25लाभ · 18:25 – 19:56धन · 19:56 – 21:28सुख · 21:28 – 23:00चोर · 23:00 – 00:31उद्योग · 00:31 – 02:03विष · 02:03 – 03:34अमृत · 03:34 – 05:06रोग · 05:06 – 06:37ब्रह्म मुहूर्त · 05:00 – 05:49अभिजित मुहूर्त · 12:08 – 12:55अमृत काल · 13:30 – 15:05राहु काल · 09:35 – 11:03यमगण्ड काल · 14:00 – 15:28गुलिक काल · 06:38 – 08:07वर्ज्यम् · 07:54 – 09:30शनि · 06:38 – 07:37गुरु · 07:37 – 08:36मंगल · 08:36 – 09:35सूर्य · 09:35 – 10:34शुक्र · 10:34 – 11:33बुध · 11:33 – 12:32चंद्र · 12:32 – 13:30शनि · 13:30 – 14:29गुरु · 14:29 – 15:28मंगल · 15:28 – 16:27सूर्य · 16:27 – 17:26शुक्र · 17:26 – 18:25बुध · 18:25 – 19:26चंद्र · 19:26 – 20:27शनि · 20:27 – 21:28गुरु · 21:28 – 22:29मंगल · 22:29 – 23:30सूर्य · 23:30 – 00:31शुक्र · 00:31 – 01:32बुध · 01:32 – 02:33चंद्र · 02:33 – 03:34शनि · 03:34 – 04:35गुरु · 04:35 – 05:36मंगल · 05:36 – 06:37

8 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 28 मि
06:38
08:07
09:35
11:03
12:32
14:00
15:28
16:57

रात का चौघड़िया

8·1 घं 32 मि
18:25
19:56
21:28
23:00
00:31
02:03
03:34
05:06

दिन का गौरी

8·1 घं 28 मि
06:38
08:07
09:35
11:03
12:32
14:00
15:28
16:57

रात का गौरी

8·1 घं 32 मि
18:25
19:56
21:28
23:00
00:31
02:03
03:34
05:06
05:00–05:49
12:08–12:55
13:30–15:05
09:35–11:03
14:00–15:28
06:38–08:07
07:54–09:30

दिन के होरा

12·59 मि
06:38
07:37
08:36
09:35
10:34
11:33
12:32
13:30
14:29
15:28
16:27
17:26

रात के होरा

12·1 घं 1 मि
18:25
19:26
20:27
21:28
22:29
23:30
00:31
01:32
02:33
03:34
04:35
05:36

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8 मार्च 2025 की तिथि क्या है?
8 मार्च 2025 को शुक्ल नवमी तिथि 08:16 तक है, फिर शुक्ल दशमी आरंभ होती है।
8 मार्च 2025 का नक्षत्र क्या है?
8 मार्च 2025 को नक्षत्र आर्द्रा और योग आयुष्मान् है।
8 मार्च 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है।
8 मार्च 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:35 से 11:03 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।