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शुक्रवार, 17 मई 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शुक्रवार, शुक्ल पक्ष। नवमी तिथि सुबह तक है, फिर दशमी आरंभ होती है। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में रात तक है, फिर उत्तर फाल्गुनी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:44 तक शुभ है; राहु काल 10:35 से 12:17 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल नवमी

      पिछले दिन 06:23 से 08:49 तक

    • फिर

      शुक्ल दशमी

      08:49 – अगले दिन 11:23

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व फाल्गुनी

      पिछले दिन 18:14 से 21:18 तक

    • फिर

      उत्तर फाल्गुनी

      21:18 – अगले दिन 00:23

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • व्याघात

      पिछले दिन 08:22 से 09:20 तक

    • फिर

      हर्षण

      09:20 – अगले दिन 10:24

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • कौलव

      पिछले दिन 19:34 से 08:49 तक

    • फिर

      तैतिल

      08:49 – 22:06

    • फिर

      गर

      22:06 – अगले दिन 11:23

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल नवमी · शुक्र

00061218चल · 05:29 – 07:11लाभ · 07:11 – 08:53अमृत · 08:53 – 10:35काल · 10:35 – 12:17शुभ · 12:17 – 13:59रोग · 13:59 – 15:42उद्वेग · 15:42 – 17:24चल · 17:24 – 19:06रोग · 19:06 – 20:24काल · 20:24 – 21:41लाभ · 21:41 – 22:59उद्वेग · 22:59 – 00:17शुभ · 00:17 – 01:35अमृत · 01:35 – 02:53चल · 02:53 – 04:10रोग · 04:10 – 05:28सुख · 05:29 – 07:11चोर · 07:11 – 08:53उद्योग · 08:53 – 10:35विष · 10:35 – 12:17अमृत · 12:17 – 13:59रोग · 13:59 – 15:42लाभ · 15:42 – 17:24धन · 17:24 – 19:06रोग · 19:06 – 20:24लाभ · 20:24 – 21:41धन · 21:41 – 22:59सुख · 22:59 – 00:17चोर · 00:17 – 01:35उद्योग · 01:35 – 02:53विष · 02:53 – 04:10अमृत · 04:10 – 05:28ब्रह्म मुहूर्त · 04:06 – 04:47अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:44अमृत काल · 14:05 – 15:53राहु काल · 10:35 – 12:17यमगण्ड काल · 15:42 – 17:24गुलिक काल · 07:11 – 08:53वर्ज्यम् · 05:25 – 07:14शुक्र · 05:29 – 06:37बुध · 06:37 – 07:45चंद्र · 07:45 – 08:53शनि · 08:53 – 10:01गुरु · 10:01 – 11:09मंगल · 11:09 – 12:17सूर्य · 12:17 – 13:25शुक्र · 13:25 – 14:33बुध · 14:33 – 15:42चंद्र · 15:42 – 16:50शनि · 16:50 – 17:58गुरु · 17:58 – 19:06मंगल · 19:06 – 19:58सूर्य · 19:58 – 20:50शुक्र · 20:50 – 21:41बुध · 21:41 – 22:33चंद्र · 22:33 – 23:25शनि · 23:25 – 00:17गुरु · 00:17 – 01:09मंगल · 01:09 – 02:01सूर्य · 02:01 – 02:53शुक्र · 02:53 – 03:44बुध · 03:44 – 04:36चंद्र · 04:36 – 05:28

17 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
05:29
07:11
08:53
10:35
12:17
13:59
15:42
17:24

रात का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
19:06
20:24
21:41
22:59
00:17
01:35
02:53
04:10

दिन का गौरी

8·1 घं 42 मि
05:29
07:11
08:53
10:35
12:17
13:59
15:42
17:24

रात का गौरी

8·1 घं 18 मि
19:06
20:24
21:41
22:59
00:17
01:35
02:53
04:10
04:06–04:47
11:50–12:44
14:05–15:53
10:35–12:17
15:42–17:24
07:11–08:53
05:25–07:14

दिन के होरा

12·1 घं 8 मि
05:29
06:37
07:45
08:53
10:01
11:09
12:17
13:25
14:33
15:42
16:50
17:58

रात के होरा

12·52 मि
19:06
19:58
20:50
21:41
22:33
23:25
00:17
01:09
02:01
02:53
03:44
04:36

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 मई 2024 की तिथि क्या है?
17 मई 2024 को शुक्ल नवमी तिथि 08:49 तक है, फिर शुक्ल दशमी आरंभ होती है।
17 मई 2024 का नक्षत्र क्या है?
17 मई 2024 को नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग व्याघात है।
17 मई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 19:06 पर है।
17 मई 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:35 से 12:17 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।