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रविवार, 18 मई 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

रविवार, कृष्ण पक्ष। पंचमी तिथि तड़के तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। पंचमी शांत तिथि है, पढ़ाई, संगीत और कला के लिए अच्छी। चन्द्रमा उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र में शाम तक है, फिर श्रवण में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 17:24 से 19:06 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण पंचमी

      पिछले दिन 05:13 से 05:58 तक

    • फिर

      कृष्ण षष्ठी

      05:58 – अगले दिन 06:12

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर आषाढ़ा

      पिछले दिन 17:43 से 18:52 तक

    • फिर

      श्रवण

      18:52 – अगले दिन 19:29

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • शुभ

      पिछले दिन 07:08 से 06:42 तक

    • फिर

      शुक्ल

      06:42 – अगले दिन 05:52

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      पिछले दिन 17:39 से 05:58 तक

    • फिर

      गर

      05:58 – 18:09

    • फिर

      वणिज

      18:09 – अगले दिन 06:12

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण पंचमी · रवि

00061218उद्वेग · 05:28 – 07:11चल · 07:11 – 08:53लाभ · 08:53 – 10:35अमृत · 10:35 – 12:17काल · 12:17 – 13:59शुभ · 13:59 – 15:42रोग · 15:42 – 17:24उद्वेग · 17:24 – 19:06शुभ · 19:06 – 20:24अमृत · 20:24 – 21:42चल · 21:42 – 22:59रोग · 22:59 – 00:17काल · 00:17 – 01:35लाभ · 01:35 – 02:52उद्वेग · 02:52 – 04:10शुभ · 04:10 – 05:28उद्योग · 05:28 – 07:11अमृत · 07:11 – 08:53रोग · 08:53 – 10:35लाभ · 10:35 – 12:17धन · 12:17 – 13:59सुख · 13:59 – 15:42चोर · 15:42 – 17:24विष · 17:24 – 19:06धन · 19:06 – 20:24सुख · 20:24 – 21:42चोर · 21:42 – 22:59विष · 22:59 – 00:17उद्योग · 00:17 – 01:35अमृत · 01:35 – 02:52रोग · 02:52 – 04:10लाभ · 04:10 – 05:28ब्रह्म मुहूर्त · 04:05 – 04:47अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:45अमृत काल · 12:10 – 13:50राहु काल · 17:24 – 19:06यमगण्ड काल · 12:17 – 13:59गुलिक काल · 15:42 – 17:24वर्ज्यम् · 22:58 – 00:37सूर्य · 05:28 – 06:36शुक्र · 06:36 – 07:45बुध · 07:45 – 08:53चंद्र · 08:53 – 10:01शनि · 10:01 – 11:09गुरु · 11:09 – 12:17मंगल · 12:17 – 13:25सूर्य · 13:25 – 14:34शुक्र · 14:34 – 15:42बुध · 15:42 – 16:50चंद्र · 16:50 – 17:58शनि · 17:58 – 19:06गुरु · 19:06 – 19:58मंगल · 19:58 – 20:50सूर्य · 20:50 – 21:42शुक्र · 21:42 – 22:33बुध · 22:33 – 23:25चंद्र · 23:25 – 00:17शनि · 00:17 – 01:09गुरु · 01:09 – 02:01मंगल · 02:01 – 02:52सूर्य · 02:52 – 03:44शुक्र · 03:44 – 04:36बुध · 04:36 – 05:28

18 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
05:28
07:11
08:53
10:35
12:17
13:59
15:42
17:24

रात का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
19:06
20:24
21:42
22:59
00:17
01:35
02:52
04:10

दिन का गौरी

8·1 घं 42 मि
05:28
07:11
08:53
10:35
12:17
13:59
15:42
17:24

रात का गौरी

8·1 घं 18 मि
19:06
20:24
21:42
22:59
00:17
01:35
02:52
04:10
04:05–04:47
11:50–12:45
12:10–13:50
17:24–19:06
12:17–13:59
15:42–17:24
22:58–00:37

दिन के होरा

12·1 घं 8 मि
05:28
06:36
07:45
08:53
10:01
11:09
12:17
13:25
14:34
15:42
16:50
17:58

रात के होरा

12·52 मि
19:06
19:58
20:50
21:42
22:33
23:25
00:17
01:09
02:01
02:52
03:44
04:36

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 मई 2025 की तिथि क्या है?
18 मई 2025 को कृष्ण पंचमी तिथि 05:58 तक है, फिर कृष्ण षष्ठी आरंभ होती है।
18 मई 2025 का नक्षत्र क्या है?
18 मई 2025 को नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग शुभ है।
18 मई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 19:06 पर है।
18 मई 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 17:24 से 19:06 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।