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शुक्रवार, 23 मई 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। अपरा एकादशी तिथि रात तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में शाम तक है, फिर रेवती में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 10:35 से 12:18 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • अपरा एकादशी

      01:12 से 22:30 तक

    • फिर

      कृष्ण द्वादशी

      22:30 – अगले दिन 19:20

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर भाद्रपदा

      पिछले दिन 17:47 से 16:02 तक

    • फिर

      रेवती

      16:02 – अगले दिन 13:48

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • प्रीति

      पिछले दिन 21:49 से 18:36 तक

    • फिर

      आयुष्मान्

      18:36 – अगले दिन 15:00

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      01:12 से 11:55 तक

    • फिर

      बालव

      11:55 – 22:30

    • फिर

      कौलव

      22:30 – अगले दिन 08:58

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · शुक्र

00061218चल · 05:26 – 07:09लाभ · 07:09 – 08:52अमृत · 08:52 – 10:35काल · 10:35 – 12:18शुभ · 12:18 – 14:00रोग · 14:00 – 15:43उद्वेग · 15:43 – 17:26चल · 17:26 – 19:09रोग · 19:09 – 20:26काल · 20:26 – 21:43लाभ · 21:43 – 23:00उद्वेग · 23:00 – 00:17शुभ · 00:17 – 01:34अमृत · 01:34 – 02:51चल · 02:51 – 04:09रोग · 04:09 – 05:26सुख · 05:26 – 07:09चोर · 07:09 – 08:52उद्योग · 08:52 – 10:35विष · 10:35 – 12:18अमृत · 12:18 – 14:00रोग · 14:00 – 15:43लाभ · 15:43 – 17:26धन · 17:26 – 19:09रोग · 19:09 – 20:26लाभ · 20:26 – 21:43धन · 21:43 – 23:00सुख · 23:00 – 00:17चोर · 00:17 – 01:34उद्योग · 01:34 – 02:51विष · 02:51 – 04:09अमृत · 04:09 – 05:26ब्रह्म मुहूर्त · 04:04 – 04:45अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:45अमृत काल · 11:35 – 13:04राहु काल · 10:35 – 12:18यमगण्ड काल · 15:43 – 17:26गुलिक काल · 07:09 – 08:52वर्ज्यम् · 02:55 – 04:22शुक्र · 05:26 – 06:35बुध · 06:35 – 07:43चंद्र · 07:43 – 08:52शनि · 08:52 – 10:00गुरु · 10:00 – 11:09मंगल · 11:09 – 12:18सूर्य · 12:18 – 13:26शुक्र · 13:26 – 14:35बुध · 14:35 – 15:43चंद्र · 15:43 – 16:52शनि · 16:52 – 18:01गुरु · 18:01 – 19:09मंगल · 19:09 – 20:00सूर्य · 20:00 – 20:52शुक्र · 20:52 – 21:43बुध · 21:43 – 22:35चंद्र · 22:35 – 23:26शनि · 23:26 – 00:17गुरु · 00:17 – 01:09मंगल · 01:09 – 02:00सूर्य · 02:00 – 02:51शुक्र · 02:51 – 03:43बुध · 03:43 – 04:34चंद्र · 04:34 – 05:26

23 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
05:26
07:09
08:52
10:35
12:18
14:00
15:43
17:26

रात का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
19:09
20:26
21:43
23:00
00:17
01:34
02:51
04:09

दिन का गौरी

8·1 घं 43 मि
05:26
07:09
08:52
10:35
12:18
14:00
15:43
17:26

रात का गौरी

8·1 घं 17 मि
19:09
20:26
21:43
23:00
00:17
01:34
02:51
04:09
04:04–04:45
11:50–12:45
11:35–13:04
10:35–12:18
15:43–17:26
07:09–08:52
02:55–04:22

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:26
06:35
07:43
08:52
10:00
11:09
12:18
13:26
14:35
15:43
16:52
18:01

रात के होरा

12·51 मि
19:09
20:00
20:52
21:43
22:35
23:26
00:17
01:09
02:00
02:51
03:43
04:34

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

23 मई 2025 की तिथि क्या है?
23 मई 2025 को अपरा एकादशी तिथि 22:30 तक है, फिर कृष्ण द्वादशी आरंभ होती है।
23 मई 2025 का नक्षत्र क्या है?
23 मई 2025 को नक्षत्र उत्तर भाद्रपदा और योग प्रीति है।
23 मई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 19:09 पर है।
23 मई 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:35 से 12:18 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।