मुख्य सामग्री पर जाएँ

शनिवार, 23 मई 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शनिवार, शुक्ल पक्ष। अष्टमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर नवमी आरंभ होती है। अष्टमी तीव्र तिथि है। नए काम की शुरुआत परंपरा में टाली जाती है। चन्द्रमा मघा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर पूर्व फाल्गुनी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 08:52 से 10:35 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

पुरुषोत्तम मास

अधिक ज्येष्ठ

17 मई से 15 जून, 2026 तक

पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल अष्टमी

      05:04 से अगले दिन 04:27 तक

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तअधिक ज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तअधिक ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • मघा · पाद 1

      02:08 से अगले दिन 02:09 तक

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • ध्रुव

      पिछले दिन 08:19 से 06:13 तक

    • फिर

      व्याघात

      06:13 – अगले दिन 04:42

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      05:04 से 16:40 तक

    • फिर

      बव

      16:40 – अगले दिन 04:27

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल अष्टमी · शनि

00061218काल · 05:26 – 07:09शुभ · 07:09 – 08:52रोग · 08:52 – 10:35उद्वेग · 10:35 – 12:18चल · 12:18 – 14:00लाभ · 14:00 – 15:43अमृत · 15:43 – 17:26काल · 17:26 – 19:09लाभ · 19:09 – 20:26उद्वेग · 20:26 – 21:43शुभ · 21:43 – 23:00अमृत · 23:00 – 00:17चल · 00:17 – 01:34रोग · 01:34 – 02:52काल · 02:52 – 04:09लाभ · 04:09 – 05:26चोर · 05:26 – 07:09उद्योग · 07:09 – 08:52विष · 08:52 – 10:35अमृत · 10:35 – 12:18रोग · 12:18 – 14:00लाभ · 14:00 – 15:43धन · 15:43 – 17:26सुख · 17:26 – 19:09लाभ · 19:09 – 20:26धन · 20:26 – 21:43सुख · 21:43 – 23:00चोर · 23:00 – 00:17उद्योग · 00:17 – 01:34विष · 01:34 – 02:52अमृत · 02:52 – 04:09रोग · 04:09 – 05:26ब्रह्म मुहूर्त · 04:04 – 04:45अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:45अमृत काल · 23:45 – 01:21राहु काल · 08:52 – 10:35यमगण्ड काल · 14:00 – 15:43गुलिक काल · 05:26 – 07:09वर्ज्यम् · 14:08 – 15:44शनि · 05:26 – 06:35गुरु · 06:35 – 07:43मंगल · 07:43 – 08:52सूर्य · 08:52 – 10:00शुक्र · 10:00 – 11:09बुध · 11:09 – 12:18चंद्र · 12:18 – 13:26शनि · 13:26 – 14:35गुरु · 14:35 – 15:43मंगल · 15:43 – 16:52सूर्य · 16:52 – 18:00शुक्र · 18:00 – 19:09बुध · 19:09 – 20:00चंद्र · 20:00 – 20:52शनि · 20:52 – 21:43गुरु · 21:43 – 22:35मंगल · 22:35 – 23:26सूर्य · 23:26 – 00:17शुक्र · 00:17 – 01:09बुध · 01:09 – 02:00चंद्र · 02:00 – 02:52शनि · 02:52 – 03:43गुरु · 03:43 – 04:34मंगल · 04:34 – 05:26

23 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
05:26
07:09
08:52
10:35
12:18
14:00
15:43
17:26

रात का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
19:09
20:26
21:43
23:00
00:17
01:34
02:52
04:09

दिन का गौरी

8·1 घं 43 मि
05:26
07:09
08:52
10:35
12:18
14:00
15:43
17:26

रात का गौरी

8·1 घं 17 मि
19:09
20:26
21:43
23:00
00:17
01:34
02:52
04:09
04:04–04:45
11:50–12:45
23:45–01:21
08:52–10:35
14:00–15:43
05:26–07:09
14:08–15:44

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:26
06:35
07:43
08:52
10:00
11:09
12:18
13:26
14:35
15:43
16:52
18:00

रात के होरा

12·51 मि
19:09
20:00
20:52
21:43
22:35
23:26
00:17
01:09
02:00
02:52
03:43
04:34

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

23 मई 2026 की तिथि क्या है?
23 मई 2026 को शुक्ल अष्टमी तिथि 24 मई 04:27 तक है, फिर शुक्ल नवमी आरंभ होती है।
23 मई 2026 का नक्षत्र क्या है?
23 मई 2026 को नक्षत्र मघा और योग ध्रुव है।
23 मई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 19:09 पर है।
23 मई 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:52 से 10:35 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।