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रविवार, 23 मई 2027

दैनिक पंचांग

  • संकष्टी चतुर्थी
कृष्ण पक्ष

रविवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन संकष्टी चतुर्थी का व्रत है। तृतीया तिथि रात तक है, फिर चतुर्थी आरंभ होती है। तृतीया शुभ तिथि है, यात्रा और उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा मूल नक्षत्र में रात तक है, फिर पूर्व आषाढ़ा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 17:26 से 19:09 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

इस दिन के पर्व

रविवार, 23 मई

संकष्टी चतुर्थी

व्रत

चंद्रोदय21:58

व्रत चंद्र दर्शन के बाद ही खोला जाता है; दिन वही है जिस दिन चतुर्थी रहते चंद्रोदय हो।

गणेश जी का मासिक व्रत — उस कृष्ण चतुर्थी को, जिस दिन चंद्रोदय के समय तिथि विद्यमान हो। भक्त सूर्योदय से उपवास रखते हैं और चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोलते हैं; हर मास की संकष्टी का अपना नाम है, और मंगलवार की संकष्टी अंगारकी कहलाती है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण तृतीया

      पिछले दिन 18:48 से 20:42 तक

    • फिर

      कृष्ण चतुर्थी

      20:42 – अगले दिन 22:59

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • मूल

      पिछले दिन 16:50 से 19:17 तक

    • फिर

      पूर्व आषाढ़ा

      19:17 – अगले दिन 22:07

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • साध्य

      पिछले दिन 22:27 से 23:02 तक

    • फिर

      शुभ

      23:02 – अगले दिन 23:54

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 18:48 से 07:41 तक

    • फिर

      विष्टि

      07:41 – 20:42

    • फिर

      बव

      20:42 – अगले दिन 09:48

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण तृतीया · रवि

00061218उद्वेग · 05:26 – 07:09चल · 07:09 – 08:52लाभ · 08:52 – 10:35अमृत · 10:35 – 12:18काल · 12:18 – 14:00शुभ · 14:00 – 15:43रोग · 15:43 – 17:26उद्वेग · 17:26 – 19:09शुभ · 19:09 – 20:26अमृत · 20:26 – 21:43चल · 21:43 – 23:00रोग · 23:00 – 00:17काल · 00:17 – 01:34लाभ · 01:34 – 02:52उद्वेग · 02:52 – 04:09शुभ · 04:09 – 05:26उद्योग · 05:26 – 07:09अमृत · 07:09 – 08:52रोग · 08:52 – 10:35लाभ · 10:35 – 12:18धन · 12:18 – 14:00सुख · 14:00 – 15:43चोर · 15:43 – 17:26विष · 17:26 – 19:09धन · 19:09 – 20:26सुख · 20:26 – 21:43चोर · 21:43 – 23:00विष · 23:00 – 00:17उद्योग · 00:17 – 01:34अमृत · 01:34 – 02:52रोग · 02:52 – 04:09लाभ · 04:09 – 05:26ब्रह्म मुहूर्त · 04:04 – 04:45अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:45अमृत काल · 12:14 – 14:00राहु काल · 17:26 – 19:09यमगण्ड काल · 12:18 – 14:00गुलिक काल · 15:43 – 17:26वर्ज्यम् · 17:31 – 19:17सूर्य · 05:26 – 06:35शुक्र · 06:35 – 07:43बुध · 07:43 – 08:52चंद्र · 08:52 – 10:00शनि · 10:00 – 11:09गुरु · 11:09 – 12:18मंगल · 12:18 – 13:26सूर्य · 13:26 – 14:35शुक्र · 14:35 – 15:43बुध · 15:43 – 16:52चंद्र · 16:52 – 18:00शनि · 18:00 – 19:09गुरु · 19:09 – 20:00मंगल · 20:00 – 20:52सूर्य · 20:52 – 21:43शुक्र · 21:43 – 22:35बुध · 22:35 – 23:26चंद्र · 23:26 – 00:17शनि · 00:17 – 01:09गुरु · 01:09 – 02:00मंगल · 02:00 – 02:52सूर्य · 02:52 – 03:43शुक्र · 03:43 – 04:34बुध · 04:34 – 05:26

23 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
05:26
07:09
08:52
10:35
12:18
14:00
15:43
17:26

रात का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
19:09
20:26
21:43
23:00
00:17
01:34
02:52
04:09

दिन का गौरी

8·1 घं 43 मि
05:26
07:09
08:52
10:35
12:18
14:00
15:43
17:26

रात का गौरी

8·1 घं 17 मि
19:09
20:26
21:43
23:00
00:17
01:34
02:52
04:09
04:04–04:45
11:50–12:45
12:14–14:00
17:26–19:09
12:18–14:00
15:43–17:26
17:31–19:17

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:26
06:35
07:43
08:52
10:00
11:09
12:18
13:26
14:35
15:43
16:52
18:00

रात के होरा

12·51 मि
19:09
20:00
20:52
21:43
22:35
23:26
00:17
01:09
02:00
02:52
03:43
04:34

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

23 मई 2027 की तिथि क्या है?
23 मई 2027 को कृष्ण तृतीया तिथि 20:42 तक है, फिर कृष्ण चतुर्थी आरंभ होती है।
23 मई 2027 का नक्षत्र क्या है?
23 मई 2027 को नक्षत्र मूल और योग साध्य है।
23 मई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 19:09 पर है।
23 मई 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 17:26 से 19:09 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।