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रविवार, 24 मई 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

रविवार, शुक्ल पक्ष। नवमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर दशमी आरंभ होती है। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर उत्तर फाल्गुनी में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 17:27 से 19:10 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

पुरुषोत्तम मास

अधिक ज्येष्ठ

17 मई से 15 जून, 2026 तक

पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल नवमी

      04:27 से अगले दिन 04:31 तक

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तअधिक ज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तअधिक ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व फाल्गुनी · पाद 1

      02:09 से अगले दिन 02:51 तक

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • हर्षण

      04:42 से अगले दिन 03:44 तक

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      04:27 से 16:24 तक

    • फिर

      कौलव

      16:24 – अगले दिन 04:31

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल नवमी · रवि

00061218उद्वेग · 05:26 – 07:09चल · 07:09 – 08:52लाभ · 08:52 – 10:35अमृत · 10:35 – 12:18काल · 12:18 – 14:01शुभ · 14:01 – 15:44रोग · 15:44 – 17:27उद्वेग · 17:27 – 19:10शुभ · 19:10 – 20:27अमृत · 20:27 – 21:44चल · 21:44 – 23:00रोग · 23:00 – 00:17काल · 00:17 – 01:34लाभ · 01:34 – 02:51उद्वेग · 02:51 – 04:08शुभ · 04:08 – 05:25उद्योग · 05:26 – 07:09अमृत · 07:09 – 08:52रोग · 08:52 – 10:35लाभ · 10:35 – 12:18धन · 12:18 – 14:01सुख · 14:01 – 15:44चोर · 15:44 – 17:27विष · 17:27 – 19:10धन · 19:10 – 20:27सुख · 20:27 – 21:44चोर · 21:44 – 23:00विष · 23:00 – 00:17उद्योग · 00:17 – 01:34अमृत · 01:34 – 02:51रोग · 02:51 – 04:08लाभ · 04:08 – 05:25ब्रह्म मुहूर्त · 04:03 – 04:45अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:45अमृत काल · 20:15 – 21:54राहु काल · 17:27 – 19:10यमगण्ड काल · 12:18 – 14:01गुलिक काल · 15:44 – 17:27वर्ज्यम् · 10:23 – 12:02सूर्य · 05:26 – 06:34शुक्र · 06:34 – 07:43बुध · 07:43 – 08:52चंद्र · 08:52 – 10:00शनि · 10:00 – 11:09गुरु · 11:09 – 12:18मंगल · 12:18 – 13:26सूर्य · 13:26 – 14:35शुक्र · 14:35 – 15:44बुध · 15:44 – 16:52चंद्र · 16:52 – 18:01शनि · 18:01 – 19:10गुरु · 19:10 – 20:01मंगल · 20:01 – 20:52सूर्य · 20:52 – 21:44शुक्र · 21:44 – 22:35बुध · 22:35 – 23:26चंद्र · 23:26 – 00:17शनि · 00:17 – 01:09गुरु · 01:09 – 02:00मंगल · 02:00 – 02:51सूर्य · 02:51 – 03:43शुक्र · 03:43 – 04:34बुध · 04:34 – 05:25

24 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
05:26
07:09
08:52
10:35
12:18
14:01
15:44
17:27

रात का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
19:10
20:27
21:44
23:00
00:17
01:34
02:51
04:08

दिन का गौरी

8·1 घं 43 मि
05:26
07:09
08:52
10:35
12:18
14:01
15:44
17:27

रात का गौरी

8·1 घं 17 मि
19:10
20:27
21:44
23:00
00:17
01:34
02:51
04:08
04:03–04:45
11:50–12:45
20:15–21:54
17:27–19:10
12:18–14:01
15:44–17:27
10:23–12:02

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:26
06:34
07:43
08:52
10:00
11:09
12:18
13:26
14:35
15:44
16:52
18:01

रात के होरा

12·51 मि
19:10
20:01
20:52
21:44
22:35
23:26
00:17
01:09
02:00
02:51
03:43
04:34

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

24 मई 2026 की तिथि क्या है?
24 मई 2026 को शुक्ल नवमी तिथि 25 मई 04:31 तक है, फिर शुक्ल दशमी आरंभ होती है।
24 मई 2026 का नक्षत्र क्या है?
24 मई 2026 को नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग हर्षण है।
24 मई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 19:10 पर है।
24 मई 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 17:27 से 19:10 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।