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मंगलवार, 27 मई 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

मंगलवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन वट सावित्री है। अमावस्या तिथि सुबह तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। चन्द्रमा कृत्तिका नक्षत्र में तड़के तक है, फिर रोहिणी में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:46 तक शुभ है; राहु काल 15:45 से 17:28 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों वृषभ राशि में हैं।

इस दिन के पर्व

मंगलवार, 27 मई

वट सावित्री

वट सावित्री अमावस्या

जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।

विवाहित स्त्रियाँ वट वृक्ष की परिक्रमा और पूजा कर पति की दीर्घायु के लिए प्रार्थना करती हैं, सावित्री द्वारा सत्यवान को यमराज से वापस लाने की कथा का स्मरण करते हुए।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • अमावस्या

      पिछले दिन 12:12 से 08:32 तक

    • फिर

      शुक्ल प्रतिपदा

      08:32 – अगले दिन 05:02

    अमावस्या — नव चंद्र की तिथि। पितृ तर्पण, शांत पूजा और विश्राम का दिन; नए कार्य टाले जाते हैं।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • कृत्तिका

      पिछले दिन 08:23 से 05:32 तक

    • फिर

      रोहिणी

      05:32 – अगले दिन 02:50

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • सुकर्मा

      02:54 से 22:54 तक

    • फिर

      धृति

      22:54 – अगले दिन 19:08

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • नाग

      पिछले दिन 22:21 से 08:32 तक

    • फिर

      किंस्तुघ्न

      08:32 – 18:45

    • फिर

      बव

      18:45 – अगले दिन 05:02

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

अमावस्या · मंगल

00061218रोग · 05:25 – 07:08उद्वेग · 07:08 – 08:51चल · 08:51 – 10:35लाभ · 10:35 – 12:18अमृत · 12:18 – 14:01काल · 14:01 – 15:45शुभ · 15:45 – 17:28रोग · 17:28 – 19:11काल · 19:11 – 20:28लाभ · 20:28 – 21:45उद्वेग · 21:45 – 23:01शुभ · 23:01 – 00:18अमृत · 00:18 – 01:34चल · 01:34 – 02:51रोग · 02:51 – 04:08काल · 04:08 – 05:24रोग · 05:25 – 07:08लाभ · 07:08 – 08:51धन · 08:51 – 10:35सुख · 10:35 – 12:18चोर · 12:18 – 14:01उद्योग · 14:01 – 15:45विष · 15:45 – 17:28अमृत · 17:28 – 19:11चोर · 19:11 – 20:28उद्योग · 20:28 – 21:45विष · 21:45 – 23:01अमृत · 23:01 – 00:18रोग · 00:18 – 01:34लाभ · 01:34 – 02:51धन · 02:51 – 04:08सुख · 04:08 – 05:24ब्रह्म मुहूर्त · 04:03 – 04:44अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:46अमृत काल · 00:00 – 01:25राहु काल · 15:45 – 17:28यमगण्ड काल · 08:51 – 10:35गुलिक काल · 12:18 – 14:01वर्ज्यम् · 19:44 – 21:09मंगल · 05:25 – 06:33सूर्य · 06:33 – 07:42शुक्र · 07:42 – 08:51बुध · 08:51 – 10:00चंद्र · 10:00 – 11:09शनि · 11:09 – 12:18गुरु · 12:18 – 13:27मंगल · 13:27 – 14:36सूर्य · 14:36 – 15:45शुक्र · 15:45 – 16:54बुध · 16:54 – 18:02चंद्र · 18:02 – 19:11शनि · 19:11 – 20:02गुरु · 20:02 – 20:54मंगल · 20:54 – 21:45सूर्य · 21:45 – 22:36शुक्र · 22:36 – 23:27बुध · 23:27 – 00:18चंद्र · 00:18 – 01:09शनि · 01:09 – 02:00गुरु · 02:00 – 02:51मंगल · 02:51 – 03:42सूर्य · 03:42 – 04:33शुक्र · 04:33 – 05:24

27 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
05:25
07:08
08:51
10:35
12:18
14:01
15:45
17:28

रात का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
19:11
20:28
21:45
23:01
00:18
01:34
02:51
04:08

दिन का गौरी

8·1 घं 43 मि
05:25
07:08
08:51
10:35
12:18
14:01
15:45
17:28

रात का गौरी

8·1 घं 17 मि
19:11
20:28
21:45
23:01
00:18
01:34
02:51
04:08
04:03–04:44
11:50–12:46
00:00–01:25
15:45–17:28
08:51–10:35
12:18–14:01
19:44–21:09

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:25
06:33
07:42
08:51
10:00
11:09
12:18
13:27
14:36
15:45
16:54
18:02

रात के होरा

12·51 मि
19:11
20:02
20:54
21:45
22:36
23:27
00:18
01:09
02:00
02:51
03:42
04:33

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

27 मई 2025 की तिथि क्या है?
27 मई 2025 को अमावस्या तिथि 08:32 तक है, फिर शुक्ल प्रतिपदा आरंभ होती है।
27 मई 2025 का नक्षत्र क्या है?
27 मई 2025 को नक्षत्र कृत्तिका और योग सुकर्मा है।
27 मई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:25 पर और सूर्यास्त 19:11 पर है।
27 मई 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:45 से 17:28 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।