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बुधवार, 27 मई 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

बुधवार, शुक्ल पक्ष। पद्मिनी एकादशी तिथि सुबह तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा हस्त नक्षत्र में तड़के तक है, फिर चित्रा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। राहु काल 12:18 से 14:01 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

पुरुषोत्तम मास

अधिक ज्येष्ठ

17 मई से 15 जून, 2026 तक

पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पद्मिनी एकादशी

      पिछले दिन 05:11 से 06:22 तक

    • फिर

      शुक्ल द्वादशी

      06:22 – अगले दिन 07:57

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तअधिक ज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तअधिक ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • हस्त

      पिछले दिन 04:08 से 05:56 तक

    • फिर

      चित्रा

      05:56 – अगले दिन 08:08

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • व्यतीपात

      03:10 से अगले दिन 03:25 तक

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      पिछले दिन 17:43 से 06:22 तक

    • फिर

      बव

      06:22 – 19:07

    • फिर

      बालव

      19:07 – अगले दिन 07:57

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल एकादशी · बुध

00061218लाभ · 05:25 – 07:08अमृत · 07:08 – 08:51काल · 08:51 – 10:35शुभ · 10:35 – 12:18रोग · 12:18 – 14:01उद्वेग · 14:01 – 15:45चल · 15:45 – 17:28लाभ · 17:28 – 19:11उद्वेग · 19:11 – 20:28शुभ · 20:28 – 21:45अमृत · 21:45 – 23:01चल · 23:01 – 00:18रोग · 00:18 – 01:34काल · 01:34 – 02:51लाभ · 02:51 – 04:08उद्वेग · 04:08 – 05:24लाभ · 05:25 – 07:08धन · 07:08 – 08:51सुख · 08:51 – 10:35चोर · 10:35 – 12:18विष · 12:18 – 14:01उद्योग · 14:01 – 15:45अमृत · 15:45 – 17:28रोग · 17:28 – 19:11उद्योग · 19:11 – 20:28अमृत · 20:28 – 21:45रोग · 21:45 – 23:01लाभ · 23:01 – 00:18धन · 00:18 – 01:34सुख · 01:34 – 02:51चोर · 02:51 – 04:08विष · 04:08 – 05:24ब्रह्म मुहूर्त · 04:03 – 04:44अमृत काल · 01:09 – 02:54राहु काल · 12:18 – 14:01यमगण्ड काल · 07:08 – 08:51गुलिक काल · 10:35 – 12:18वर्ज्यम् · 14:40 – 16:25बुध · 05:25 – 06:33चंद्र · 06:33 – 07:42शनि · 07:42 – 08:51गुरु · 08:51 – 10:00मंगल · 10:00 – 11:09सूर्य · 11:09 – 12:18शुक्र · 12:18 – 13:27बुध · 13:27 – 14:36चंद्र · 14:36 – 15:45शनि · 15:45 – 16:53गुरु · 16:53 – 18:02मंगल · 18:02 – 19:11सूर्य · 19:11 – 20:02शुक्र · 20:02 – 20:53बुध · 20:53 – 21:45चंद्र · 21:45 – 22:36शनि · 22:36 – 23:27गुरु · 23:27 – 00:18मंगल · 00:18 – 01:09सूर्य · 01:09 – 02:00शुक्र · 02:00 – 02:51बुध · 02:51 – 03:42चंद्र · 03:42 – 04:33शनि · 04:33 – 05:24

27 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
05:25
07:08
08:51
10:35
12:18
14:01
15:45
17:28

रात का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
19:11
20:28
21:45
23:01
00:18
01:34
02:51
04:08

दिन का गौरी

8·1 घं 43 मि
05:25
07:08
08:51
10:35
12:18
14:01
15:45
17:28

रात का गौरी

8·1 घं 17 मि
19:11
20:28
21:45
23:01
00:18
01:34
02:51
04:08
04:03–04:44
01:09–02:54
12:18–14:01
07:08–08:51
10:35–12:18
14:40–16:25

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:25
06:33
07:42
08:51
10:00
11:09
12:18
13:27
14:36
15:45
16:53
18:02

रात के होरा

12·51 मि
19:11
20:02
20:53
21:45
22:36
23:27
00:18
01:09
02:00
02:51
03:42
04:33

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

27 मई 2026 की तिथि क्या है?
27 मई 2026 को पद्मिनी एकादशी तिथि 06:22 तक है, फिर शुक्ल द्वादशी आरंभ होती है।
27 मई 2026 का नक्षत्र क्या है?
27 मई 2026 को नक्षत्र हस्त और योग व्यतीपात है।
27 मई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:25 पर और सूर्यास्त 19:11 पर है।
27 मई 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:18 से 14:01 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।