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सोमवार, 31 मई 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

सोमवार, कृष्ण पक्ष। दशमी तिथि सुबह तक है, फिर अपरा एकादशी आरंभ होती है। दशमी स्थिर तिथि है, अधिकतर कामों के लिए शुभ। चन्द्रमा उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर रेवती में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:51 से 12:46 तक शुभ है; राहु काल 07:07 से 08:51 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण दशमी

      पिछले दिन 09:35 से 10:02 तक

    • फिर

      अपरा एकादशी

      10:02 – अगले दिन 09:40

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर भाद्रपदा

      पिछले दिन 11:32 से 12:35 तक

    • फिर

      रेवती

      12:35 – अगले दिन 12:49

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • आयुष्मान्

      03:15 से अगले दिन 02:08 तक

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 21:55 से 10:02 तक

    • फिर

      बव

      10:02 – 21:57

    • फिर

      बालव

      21:57 – अगले दिन 09:40

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण दशमी · सोम

00061218अमृत · 05:24 – 07:07काल · 07:07 – 08:51शुभ · 08:51 – 10:35रोग · 10:35 – 12:18उद्वेग · 12:18 – 14:02चल · 14:02 – 15:46लाभ · 15:46 – 17:30अमृत · 17:30 – 19:13चल · 19:13 – 20:30रोग · 20:30 – 21:46काल · 21:46 – 23:02लाभ · 23:02 – 00:18उद्वेग · 00:18 – 01:35शुभ · 01:35 – 02:51अमृत · 02:51 – 04:07चल · 04:07 – 05:23अमृत · 05:24 – 07:07विष · 07:07 – 08:51रोग · 08:51 – 10:35लाभ · 10:35 – 12:18धन · 12:18 – 14:02सुख · 14:02 – 15:46चोर · 15:46 – 17:30उद्योग · 17:30 – 19:13सुख · 19:13 – 20:30चोर · 20:30 – 21:46उद्योग · 21:46 – 23:02अमृत · 23:02 – 00:18विष · 00:18 – 01:35रोग · 01:35 – 02:51लाभ · 02:51 – 04:07धन · 04:07 – 05:23ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:43अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:46अमृत काल · 07:35 – 09:15राहु काल · 07:07 – 08:51यमगण्ड काल · 10:35 – 12:18गुलिक काल · 14:02 – 15:46वर्ज्यम् · 00:42 – 02:19चंद्र · 05:24 – 06:33शनि · 06:33 – 07:42गुरु · 07:42 – 08:51मंगल · 08:51 – 10:00सूर्य · 10:00 – 11:09शुक्र · 11:09 – 12:18बुध · 12:18 – 13:28चंद्र · 13:28 – 14:37शनि · 14:37 – 15:46गुरु · 15:46 – 16:55मंगल · 16:55 – 18:04सूर्य · 18:04 – 19:13शुक्र · 19:13 – 20:04बुध · 20:04 – 20:55चंद्र · 20:55 – 21:46शनि · 21:46 – 22:37गुरु · 22:37 – 23:27मंगल · 23:27 – 00:18सूर्य · 00:18 – 01:09शुक्र · 01:09 – 02:00बुध · 02:00 – 02:51चंद्र · 02:51 – 03:42शनि · 03:42 – 04:32गुरु · 04:32 – 05:23

31 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 44 मि
05:24
07:07
08:51
10:35
12:18
14:02
15:46
17:30

रात का चौघड़िया

8·1 घं 16 मि
19:13
20:30
21:46
23:02
00:18
01:35
02:51
04:07

दिन का गौरी

8·1 घं 44 मि
05:24
07:07
08:51
10:35
12:18
14:02
15:46
17:30

रात का गौरी

8·1 घं 16 मि
19:13
20:30
21:46
23:02
00:18
01:35
02:51
04:07
04:02–04:43
11:51–12:46
07:35–09:15
07:07–08:51
10:35–12:18
14:02–15:46
00:42–02:19

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:24
06:33
07:42
08:51
10:00
11:09
12:18
13:28
14:37
15:46
16:55
18:04

रात के होरा

12·51 मि
19:13
20:04
20:55
21:46
22:37
23:27
00:18
01:09
02:00
02:51
03:42
04:32

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

31 मई 2027 की तिथि क्या है?
31 मई 2027 को कृष्ण दशमी तिथि 10:02 तक है, फिर अपरा एकादशी आरंभ होती है।
31 मई 2027 का नक्षत्र क्या है?
31 मई 2027 को नक्षत्र उत्तर भाद्रपदा और योग आयुष्मान् है।
31 मई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 19:13 पर है।
31 मई 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:07 से 08:51 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।