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रविवार, 31 मई 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

रविवार, शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा तिथि दोपहर तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। पूर्णिमा पूर्ण चंद्र की तिथि है, भक्ति और काम पूरे करने का दिन। चन्द्रमा अनुराधा नक्षत्र में शाम तक है, फिर ज्येष्ठा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:51 से 12:46 तक शुभ है; राहु काल 17:30 से 19:13 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

पुरुषोत्तम मास

अधिक ज्येष्ठ

17 मई से 15 जून, 2026 तक

पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन 11:58 से 14:15 तक

    • फिर

      कृष्ण प्रतिपदा

      14:15 – अगले दिन 16:37

    पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र की तिथि। भक्ति, व्रत और आरंभ किए काम पूरे करने का दिन।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तअधिक ज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तअधिक ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • अनुराधा

      पिछले दिन 13:20 से 16:12 तक

    • फिर

      ज्येष्ठा

      16:12 – अगले दिन 19:08

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • शिव

      पिछले दिन 04:35 से 05:24 तक

    • फिर

      सिद्ध

      05:24 – अगले दिन 06:19

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      01:05 से 14:15 तक

    • फिर

      बालव

      14:15 – अगले दिन 03:25

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · रवि

00061218उद्वेग · 05:23 – 07:07चल · 07:07 – 08:51लाभ · 08:51 – 10:35अमृत · 10:35 – 12:18काल · 12:18 – 14:02शुभ · 14:02 – 15:46रोग · 15:46 – 17:30उद्वेग · 17:30 – 19:13शुभ · 19:13 – 20:30अमृत · 20:30 – 21:46चल · 21:46 – 23:02रोग · 23:02 – 00:18काल · 00:18 – 01:35लाभ · 01:35 – 02:51उद्वेग · 02:51 – 04:07शुभ · 04:07 – 05:23उद्योग · 05:23 – 07:07अमृत · 07:07 – 08:51रोग · 08:51 – 10:35लाभ · 10:35 – 12:18धन · 12:18 – 14:02सुख · 14:02 – 15:46चोर · 15:46 – 17:30विष · 17:30 – 19:13धन · 19:13 – 20:30सुख · 20:30 – 21:46चोर · 21:46 – 23:02विष · 23:02 – 00:18उद्योग · 00:18 – 01:35अमृत · 01:35 – 02:51रोग · 02:51 – 04:07लाभ · 04:07 – 05:23ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:43अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:46अमृत काल · 04:33 – 06:21राहु काल · 17:30 – 19:13यमगण्ड काल · 12:18 – 14:02गुलिक काल · 15:46 – 17:30वर्ज्यम् · 22:29 – 00:17सूर्य · 05:23 – 06:33शुक्र · 06:33 – 07:42बुध · 07:42 – 08:51चंद्र · 08:51 – 10:00शनि · 10:00 – 11:09गुरु · 11:09 – 12:18मंगल · 12:18 – 13:28सूर्य · 13:28 – 14:37शुक्र · 14:37 – 15:46बुध · 15:46 – 16:55चंद्र · 16:55 – 18:04शनि · 18:04 – 19:13गुरु · 19:13 – 20:04मंगल · 20:04 – 20:55सूर्य · 20:55 – 21:46शुक्र · 21:46 – 22:37बुध · 22:37 – 23:27चंद्र · 23:27 – 00:18शनि · 00:18 – 01:09गुरु · 01:09 – 02:00मंगल · 02:00 – 02:51सूर्य · 02:51 – 03:42शुक्र · 03:42 – 04:32बुध · 04:32 – 05:23

31 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:18
14:02
15:46
17:30

रात का चौघड़िया

8·1 घं 16 मि
19:13
20:30
21:46
23:02
00:18
01:35
02:51
04:07

दिन का गौरी

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:18
14:02
15:46
17:30

रात का गौरी

8·1 घं 16 मि
19:13
20:30
21:46
23:02
00:18
01:35
02:51
04:07
04:02–04:43
11:51–12:46
04:33–06:21
17:30–19:13
12:18–14:02
15:46–17:30
22:29–00:17

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:23
06:33
07:42
08:51
10:00
11:09
12:18
13:28
14:37
15:46
16:55
18:04

रात के होरा

12·51 मि
19:13
20:04
20:55
21:46
22:37
23:27
00:18
01:09
02:00
02:51
03:42
04:32

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

31 मई 2026 की तिथि क्या है?
31 मई 2026 को पूर्णिमा तिथि 14:15 तक है, फिर कृष्ण प्रतिपदा आरंभ होती है।
31 मई 2026 का नक्षत्र क्या है?
31 मई 2026 को नक्षत्र अनुराधा और योग शिव है।
31 मई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 19:13 पर है।
31 मई 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 17:30 से 19:13 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।