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शनिवार, 2 नवंबर 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शनिवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन गोवर्धन पूजा है। प्रतिपदा तिथि रात तक है, फिर द्वितीया आरंभ होती है। चन्द्रमा विशाखा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर अनुराधा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:42 से 12:26 तक शुभ है; राहु काल 09:19 से 10:41 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों तुला राशि में हैं।

इस दिन के पर्व

शनिवार, 2 नवंबर

गोवर्धन पूजा

अन्नकूट

जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।

दीपावली के बाद, कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा की सुबह — ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत उठाने वाले श्रीकृष्ण को अन्नकूट अर्पित किया जाता है। यही दिन बलि प्रतिपदा और गुजराती नववर्ष (बेस्तु वरस) भी है।

इस दिन के अन्य पर्व

  • बलि प्रतिपदा

    महाराष्ट्रकर्नाटकगोवाअन्य नाम: बलि पाड्यमी · पाडवा

    दीपावली के बाद कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को राजा बलि की स्मृति, जिन्हें वामन रूपी विष्णु ने वर्ष में एक बार अपनी प्रजा के पास लौटने का वरदान दिया। महाराष्ट्र में यह पाडवा है, जब पत्नियाँ पति को तिलक करती हैं।

  • बेस्तु वरस

    गुजरातअन्य नाम: गुजराती नववर्ष · नूतन वर्ष

    कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से गुजराती नववर्ष आरंभ होता है: परिवार प्रातः मंदिर जाते हैं, 'साल मुबारक' कहकर मिलते हैं और दुकानें चोपड़ा पूजन में पूजे गए नए खातों से काम शुरू करती हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल प्रतिपदा

      पिछले दिन 18:17 से 20:22 तक

    • फिर

      शुक्ल द्वितीया

      20:22 – अगले दिन 22:05

    प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • विशाखा · पाद 1

      03:30 से अगले दिन 05:58 तक

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • आयुष्मान्

      पिछले दिन 10:40 से 11:17 तक

    • फिर

      सौभाग्य

      11:17 – अगले दिन 11:39

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • किंस्तुघ्न

      पिछले दिन 18:17 से 07:22 तक

    • फिर

      बव

      07:22 – 20:22

    • फिर

      बालव

      20:22 – अगले दिन 09:16

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल प्रतिपदा · शनि

00061218काल · 06:34 – 07:56शुभ · 07:56 – 09:19रोग · 09:19 – 10:41उद्वेग · 10:41 – 12:04चल · 12:04 – 13:27लाभ · 13:27 – 14:49अमृत · 14:49 – 16:12काल · 16:12 – 17:35लाभ · 17:35 – 19:12उद्वेग · 19:12 – 20:49शुभ · 20:49 – 22:27अमृत · 22:27 – 00:04चल · 00:04 – 01:42रोग · 01:42 – 03:19काल · 03:19 – 04:57लाभ · 04:57 – 06:34चोर · 06:34 – 07:56उद्योग · 07:56 – 09:19विष · 09:19 – 10:41अमृत · 10:41 – 12:04रोग · 12:04 – 13:27लाभ · 13:27 – 14:49धन · 14:49 – 16:12सुख · 16:12 – 17:35लाभ · 17:35 – 19:12धन · 19:12 – 20:49सुख · 20:49 – 22:27चोर · 22:27 – 00:04उद्योग · 00:04 – 01:42विष · 01:42 – 03:19अमृत · 03:19 – 04:57रोग · 04:57 – 06:34ब्रह्म मुहूर्त · 04:50 – 05:42अभिजित मुहूर्त · 11:42 – 12:26अमृत काल · 20:16 – 22:02राहु काल · 09:19 – 10:41यमगण्ड काल · 13:27 – 14:49गुलिक काल · 06:34 – 07:56वर्ज्यम् · 09:41 – 11:27शनि · 06:34 – 07:29गुरु · 07:29 – 08:24मंगल · 08:24 – 09:19सूर्य · 09:19 – 10:14शुक्र · 10:14 – 11:09बुध · 11:09 – 12:04चंद्र · 12:04 – 12:59शनि · 12:59 – 13:54गुरु · 13:54 – 14:49मंगल · 14:49 – 15:44सूर्य · 15:44 – 16:39शुक्र · 16:39 – 17:35बुध · 17:35 – 18:40चंद्र · 18:40 – 19:45शनि · 19:45 – 20:49गुरु · 20:49 – 21:54मंगल · 21:54 – 22:59सूर्य · 22:59 – 00:04शुक्र · 00:04 – 01:09बुध · 01:09 – 02:14चंद्र · 02:14 – 03:19शनि · 03:19 – 04:24गुरु · 04:24 – 05:29मंगल · 05:29 – 06:34

2 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 23 मि
06:34
07:56
09:19
10:41
12:04
13:27
14:49
16:12

रात का चौघड़िया

8·1 घं 37 मि
17:35
19:12
20:49
22:27
00:04
01:42
03:19
04:57

दिन का गौरी

8·1 घं 23 मि
06:34
07:56
09:19
10:41
12:04
13:27
14:49
16:12

रात का गौरी

8·1 घं 37 मि
17:35
19:12
20:49
22:27
00:04
01:42
03:19
04:57
04:50–05:42
11:42–12:26
20:16–22:02
09:19–10:41
13:27–14:49
06:34–07:56
09:41–11:27

दिन के होरा

12·55 मि
06:34
07:29
08:24
09:19
10:14
11:09
12:04
12:59
13:54
14:49
15:44
16:39

रात के होरा

12·1 घं 5 मि
17:35
18:40
19:45
20:49
21:54
22:59
00:04
01:09
02:14
03:19
04:24
05:29

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2 नवंबर 2024 की तिथि क्या है?
2 नवंबर 2024 को शुक्ल प्रतिपदा तिथि 20:22 तक है, फिर शुक्ल द्वितीया आरंभ होती है।
2 नवंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
2 नवंबर 2024 को नक्षत्र विशाखा और योग आयुष्मान् है।
2 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 17:35 पर है।
2 नवंबर 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:19 से 10:41 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।