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सोमवार, 2 नवंबर 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

सोमवार, कृष्ण पक्ष। अष्टमी तिथि दोपहर तक है, फिर नवमी आरंभ होती है। अष्टमी तीव्र तिथि है। नए काम की शुरुआत परंपरा में टाली जाती है। चन्द्रमा आश्लेषा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर मघा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:42 से 12:26 तक शुभ है; राहु काल 07:56 से 09:19 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण अष्टमी

      पिछले दिन 14:52 से 13:10 तक

    • फिर

      कृष्ण नवमी

      13:10 – अगले दिन 11:54

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा · पाद 1

      04:30 से अगले दिन 03:46 तक

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • शुभ

      पिछले दिन 14:39 से 12:06 तक

    • फिर

      शुक्ल

      12:06 – अगले दिन 09:54

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      01:58 से 13:10 तक

    • फिर

      तैतिल

      13:10 – अगले दिन 00:29

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण अष्टमी · सोम

00061218अमृत · 06:33 – 07:56काल · 07:56 – 09:19शुभ · 09:19 – 10:41रोग · 10:41 – 12:04उद्वेग · 12:04 – 13:27चल · 13:27 – 14:49लाभ · 14:49 – 16:12अमृत · 16:12 – 17:35चल · 17:35 – 19:12रोग · 19:12 – 20:50काल · 20:50 – 22:27लाभ · 22:27 – 00:04उद्वेग · 00:04 – 01:42शुभ · 01:42 – 03:19अमृत · 03:19 – 04:57चल · 04:57 – 06:34अमृत · 06:33 – 07:56विष · 07:56 – 09:19रोग · 09:19 – 10:41लाभ · 10:41 – 12:04धन · 12:04 – 13:27सुख · 13:27 – 14:49चोर · 14:49 – 16:12उद्योग · 16:12 – 17:35सुख · 17:35 – 19:12चोर · 19:12 – 20:50उद्योग · 20:50 – 22:27अमृत · 22:27 – 00:04विष · 00:04 – 01:42रोग · 01:42 – 03:19लाभ · 03:19 – 04:57धन · 04:57 – 06:34ब्रह्म मुहूर्त · 04:50 – 05:41अभिजित मुहूर्त · 11:42 – 12:26अमृत काल · 02:13 – 03:46राहु काल · 07:56 – 09:19यमगण्ड काल · 10:41 – 12:04गुलिक काल · 13:27 – 14:49वर्ज्यम् · 16:55 – 18:28चंद्र · 06:33 – 07:28शनि · 07:28 – 08:23गुरु · 08:23 – 09:19मंगल · 09:19 – 10:14सूर्य · 10:14 – 11:09शुक्र · 11:09 – 12:04बुध · 12:04 – 12:59चंद्र · 12:59 – 13:54शनि · 13:54 – 14:49गुरु · 14:49 – 15:45मंगल · 15:45 – 16:40सूर्य · 16:40 – 17:35शुक्र · 17:35 – 18:40बुध · 18:40 – 19:45चंद्र · 19:45 – 20:50शनि · 20:50 – 21:55गुरु · 21:55 – 23:00मंगल · 23:00 – 00:04सूर्य · 00:04 – 01:09शुक्र · 01:09 – 02:14बुध · 02:14 – 03:19चंद्र · 03:19 – 04:24शनि · 04:24 – 05:29गुरु · 05:29 – 06:34

2 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 23 मि
06:33
07:56
09:19
10:41
12:04
13:27
14:49
16:12

रात का चौघड़िया

8·1 घं 37 मि
17:35
19:12
20:50
22:27
00:04
01:42
03:19
04:57

दिन का गौरी

8·1 घं 23 मि
06:33
07:56
09:19
10:41
12:04
13:27
14:49
16:12

रात का गौरी

8·1 घं 37 मि
17:35
19:12
20:50
22:27
00:04
01:42
03:19
04:57
04:50–05:41
11:42–12:26
02:13–03:46
07:56–09:19
10:41–12:04
13:27–14:49
16:55–18:28

दिन के होरा

12·55 मि
06:33
07:28
08:23
09:19
10:14
11:09
12:04
12:59
13:54
14:49
15:45
16:40

रात के होरा

12·1 घं 5 मि
17:35
18:40
19:45
20:50
21:55
23:00
00:04
01:09
02:14
03:19
04:24
05:29

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2 नवंबर 2026 की तिथि क्या है?
2 नवंबर 2026 को कृष्ण अष्टमी तिथि 13:10 तक है, फिर कृष्ण नवमी आरंभ होती है।
2 नवंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
2 नवंबर 2026 को नक्षत्र आश्लेषा और योग शुभ है।
2 नवंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 17:35 पर है।
2 नवंबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:56 से 09:19 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।