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मंगलवार, 3 नवंबर 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

मंगलवार, कृष्ण पक्ष। नवमी तिथि सुबह तक है, फिर दशमी आरंभ होती है। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा मघा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर पूर्व फाल्गुनी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:42 से 12:26 तक शुभ है; राहु काल 14:49 से 16:12 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण नवमी

      पिछले दिन 13:10 से 11:54 तक

    • फिर

      कृष्ण दशमी

      11:54 – अगले दिन 11:03

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • मघा · पाद 1

      03:46 से अगले दिन 03:26 तक

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • शुक्ल

      पिछले दिन 12:06 से 09:54 तक

    • फिर

      ब्रह्म

      09:54 – अगले दिन 08:01

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      00:29 से 11:54 तक

    • फिर

      वणिज

      11:54 – 23:26

    • फिर

      विष्टि

      23:26 – अगले दिन 11:03

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण नवमी · मंगल

00061218रोग · 06:34 – 07:56उद्वेग · 07:56 – 09:19चल · 09:19 – 10:42लाभ · 10:42 – 12:04अमृत · 12:04 – 13:27काल · 13:27 – 14:49शुभ · 14:49 – 16:12रोग · 16:12 – 17:34काल · 17:34 – 19:12लाभ · 19:12 – 20:49उद्वेग · 20:49 – 22:27शुभ · 22:27 – 00:04अमृत · 00:04 – 01:42चल · 01:42 – 03:20रोग · 03:20 – 04:57काल · 04:57 – 06:35रोग · 06:34 – 07:56लाभ · 07:56 – 09:19धन · 09:19 – 10:42सुख · 10:42 – 12:04चोर · 12:04 – 13:27उद्योग · 13:27 – 14:49विष · 14:49 – 16:12अमृत · 16:12 – 17:34चोर · 17:34 – 19:12उद्योग · 19:12 – 20:49विष · 20:49 – 22:27अमृत · 22:27 – 00:04रोग · 00:04 – 01:42लाभ · 01:42 – 03:20धन · 03:20 – 04:57सुख · 04:57 – 06:35ब्रह्म मुहूर्त · 04:50 – 05:42अभिजित मुहूर्त · 11:42 – 12:26अमृत काल · 01:04 – 02:39राहु काल · 14:49 – 16:12यमगण्ड काल · 09:19 – 10:42गुलिक काल · 12:04 – 13:27वर्ज्यम् · 15:36 – 17:11मंगल · 06:34 – 07:29सूर्य · 07:29 – 08:24शुक्र · 08:24 – 09:19बुध · 09:19 – 10:14चंद्र · 10:14 – 11:09शनि · 11:09 – 12:04गुरु · 12:04 – 12:59मंगल · 12:59 – 13:54सूर्य · 13:54 – 14:49शुक्र · 14:49 – 15:44बुध · 15:44 – 16:39चंद्र · 16:39 – 17:34शनि · 17:34 – 18:39गुरु · 18:39 – 19:44मंगल · 19:44 – 20:49सूर्य · 20:49 – 21:54शुक्र · 21:54 – 22:59बुध · 22:59 – 00:04चंद्र · 00:04 – 01:09शनि · 01:09 – 02:14गुरु · 02:14 – 03:20मंगल · 03:20 – 04:25सूर्य · 04:25 – 05:30शुक्र · 05:30 – 06:35

3 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 23 मि
06:34
07:56
09:19
10:42
12:04
13:27
14:49
16:12

रात का चौघड़िया

8·1 घं 38 मि
17:34
19:12
20:49
22:27
00:04
01:42
03:20
04:57

दिन का गौरी

8·1 घं 23 मि
06:34
07:56
09:19
10:42
12:04
13:27
14:49
16:12

रात का गौरी

8·1 घं 38 मि
17:34
19:12
20:49
22:27
00:04
01:42
03:20
04:57
04:50–05:42
11:42–12:26
01:04–02:39
14:49–16:12
09:19–10:42
12:04–13:27
15:36–17:11

दिन के होरा

12·55 मि
06:34
07:29
08:24
09:19
10:14
11:09
12:04
12:59
13:54
14:49
15:44
16:39

रात के होरा

12·1 घं 5 मि
17:34
18:39
19:44
20:49
21:54
22:59
00:04
01:09
02:14
03:20
04:25
05:30

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 नवंबर 2026 की तिथि क्या है?
3 नवंबर 2026 को कृष्ण नवमी तिथि 11:54 तक है, फिर कृष्ण दशमी आरंभ होती है।
3 नवंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
3 नवंबर 2026 को नक्षत्र मघा और योग शुक्ल है।
3 नवंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 17:34 पर है।
3 नवंबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 14:49 से 16:12 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।