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गुरुवार, 21 नवंबर 2024

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

गुरुवार, कृष्ण पक्ष। षष्ठी तिथि शाम तक है, फिर सप्तमी आरंभ होती है। षष्ठी बल की तिथि है, कठिन काम पूरे करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा पुष्य नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर आश्लेषा में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:45 से 12:28 तक शुभ है; राहु काल 13:26 से 14:46 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण षष्ठी

      पिछले दिन 16:49 से 17:03 तक

    • फिर

      कृष्ण सप्तमी

      17:03 – अगले दिन 18:08

    षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • पुष्य

      पिछले दिन 14:50 से 15:35 तक

    • फिर

      आश्लेषा

      15:35 – अगले दिन 17:09

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • शुक्ल

      पिछले दिन 13:08 से 12:01 तक

    • फिर

      ब्रह्म

      12:01 – अगले दिन 11:33

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      04:50 से 17:03 तक

    • फिर

      विष्टि

      17:03 – अगले दिन 05:29

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण षष्ठी · गुरु

00061218शुभ · 06:48 – 08:08रोग · 08:08 – 09:27उद्वेग · 09:27 – 10:47चल · 10:47 – 12:06लाभ · 12:06 – 13:26अमृत · 13:26 – 14:46काल · 14:46 – 16:05शुभ · 16:05 – 17:25अमृत · 17:25 – 19:05चल · 19:05 – 20:46रोग · 20:46 – 22:26काल · 22:26 – 00:07लाभ · 00:07 – 01:47उद्वेग · 01:47 – 03:28शुभ · 03:28 – 05:08अमृत · 05:08 – 06:49धन · 06:48 – 08:08सुख · 08:08 – 09:27चोर · 09:27 – 10:47उद्योग · 10:47 – 12:06अमृत · 12:06 – 13:26विष · 13:26 – 14:46रोग · 14:46 – 16:05लाभ · 16:05 – 17:25अमृत · 17:25 – 19:05विष · 19:05 – 20:46रोग · 20:46 – 22:26लाभ · 22:26 – 00:07धन · 00:07 – 01:47सुख · 01:47 – 03:28चोर · 03:28 – 05:08उद्योग · 05:08 – 06:49ब्रह्म मुहूर्त · 05:01 – 05:55अभिजित मुहूर्त · 11:45 – 12:28अमृत काल · 08:59 – 10:38राहु काल · 13:26 – 14:46यमगण्ड काल · 06:48 – 08:08गुलिक काल · 09:27 – 10:47वर्ज्यम् · 05:13 – 06:56गुरु · 06:48 – 07:41मंगल · 07:41 – 08:34सूर्य · 08:34 – 09:27शुक्र · 09:27 – 10:20बुध · 10:20 – 11:13चंद्र · 11:13 – 12:06शनि · 12:06 – 12:59गुरु · 12:59 – 13:53मंगल · 13:53 – 14:46सूर्य · 14:46 – 15:39शुक्र · 15:39 – 16:32बुध · 16:32 – 17:25चंद्र · 17:25 – 18:32शनि · 18:32 – 19:39गुरु · 19:39 – 20:46मंगल · 20:46 – 21:53सूर्य · 21:53 – 23:00शुक्र · 23:00 – 00:07बुध · 00:07 – 01:14चंद्र · 01:14 – 02:21शनि · 02:21 – 03:28गुरु · 03:28 – 04:35मंगल · 04:35 – 05:42सूर्य · 05:42 – 06:49

21 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 20 मि
06:48
08:08
09:27
10:47
12:06
13:26
14:46
16:05

रात का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
17:25
19:05
20:46
22:26
00:07
01:47
03:28
05:08

दिन का गौरी

8·1 घं 20 मि
06:48
08:08
09:27
10:47
12:06
13:26
14:46
16:05

रात का गौरी

8·1 घं 41 मि
17:25
19:05
20:46
22:26
00:07
01:47
03:28
05:08
05:01–05:55
11:45–12:28
08:59–10:38
13:26–14:46
06:48–08:08
09:27–10:47
05:13–06:56

दिन के होरा

12·53 मि
06:48
07:41
08:34
09:27
10:20
11:13
12:06
12:59
13:53
14:46
15:39
16:32

रात के होरा

12·1 घं 7 मि
17:25
18:32
19:39
20:46
21:53
23:00
00:07
01:14
02:21
03:28
04:35
05:42

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 नवंबर 2024 की तिथि क्या है?
21 नवंबर 2024 को कृष्ण षष्ठी तिथि 17:03 तक है, फिर कृष्ण सप्तमी आरंभ होती है।
21 नवंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
21 नवंबर 2024 को नक्षत्र पुष्य और योग शुक्ल है।
21 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है।
21 नवंबर 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:26 से 14:46 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।