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शुक्रवार, 22 नवंबर 2024

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। सप्तमी तिथि शाम तक है, फिर अष्टमी आरंभ होती है। सप्तमी सहज तिथि है, रोज़ के काम और यात्रा के लिए अच्छी। चन्द्रमा आश्लेषा नक्षत्र में शाम तक है, फिर मघा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:46 से 12:28 तक शुभ है; राहु काल 10:47 से 12:07 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण सप्तमी

      पिछले दिन 17:03 से 18:08 तक

    • फिर

      कृष्ण अष्टमी

      18:08 – अगले दिन 19:57

    सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा

      पिछले दिन 15:35 से 17:09 तक

    • फिर

      मघा

      17:09 – अगले दिन 19:27

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • ब्रह्म

      पिछले दिन 12:01 से 11:33 तक

    • फिर

      ऐन्द्र

      11:33 – अगले दिन 11:41

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      05:29 से 18:08 तक

    • फिर

      बालव

      18:08 – अगले दिन 06:57

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण सप्तमी · शुक्र

00061218चल · 06:49 – 08:08लाभ · 08:08 – 09:28अमृत · 09:28 – 10:47काल · 10:47 – 12:07शुभ · 12:07 – 13:26रोग · 13:26 – 14:46उद्वेग · 14:46 – 16:05चल · 16:05 – 17:24रोग · 17:24 – 19:05काल · 19:05 – 20:46लाभ · 20:46 – 22:26उद्वेग · 22:26 – 00:07शुभ · 00:07 – 01:48अमृत · 01:48 – 03:28चल · 03:28 – 05:09रोग · 05:09 – 06:50सुख · 06:49 – 08:08चोर · 08:08 – 09:28उद्योग · 09:28 – 10:47विष · 10:47 – 12:07अमृत · 12:07 – 13:26रोग · 13:26 – 14:46लाभ · 14:46 – 16:05धन · 16:05 – 17:24रोग · 17:24 – 19:05लाभ · 19:05 – 20:46धन · 20:46 – 22:26सुख · 22:26 – 00:07चोर · 00:07 – 01:48उद्योग · 01:48 – 03:28विष · 03:28 – 05:09अमृत · 05:09 – 06:50ब्रह्म मुहूर्त · 05:02 – 05:55अभिजित मुहूर्त · 11:46 – 12:28अमृत काल · 15:27 – 17:09राहु काल · 10:47 – 12:07यमगण्ड काल · 14:46 – 16:05गुलिक काल · 08:08 – 09:28वर्ज्यम् · 05:13 – 06:56शुक्र · 06:49 – 07:42बुध · 07:42 – 08:35चंद्र · 08:35 – 09:28शनि · 09:28 – 10:21गुरु · 10:21 – 11:14मंगल · 11:14 – 12:07सूर्य · 12:07 – 13:00शुक्र · 13:00 – 13:53बुध · 13:53 – 14:46चंद्र · 14:46 – 15:39शनि · 15:39 – 16:32गुरु · 16:32 – 17:24मंगल · 17:24 – 18:32सूर्य · 18:32 – 19:39शुक्र · 19:39 – 20:46बुध · 20:46 – 21:53चंद्र · 21:53 – 23:00शनि · 23:00 – 00:07गुरु · 00:07 – 01:14मंगल · 01:14 – 02:21सूर्य · 02:21 – 03:28शुक्र · 03:28 – 04:36बुध · 04:36 – 05:43चंद्र · 05:43 – 06:50

22 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 19 मि
06:49
08:08
09:28
10:47
12:07
13:26
14:46
16:05

रात का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
17:24
19:05
20:46
22:26
00:07
01:48
03:28
05:09

दिन का गौरी

8·1 घं 19 मि
06:49
08:08
09:28
10:47
12:07
13:26
14:46
16:05

रात का गौरी

8·1 घं 41 मि
17:24
19:05
20:46
22:26
00:07
01:48
03:28
05:09
05:02–05:55
11:46–12:28
15:27–17:09
10:47–12:07
14:46–16:05
08:08–09:28
05:13–06:56

दिन के होरा

12·53 मि
06:49
07:42
08:35
09:28
10:21
11:14
12:07
13:00
13:53
14:46
15:39
16:32

रात के होरा

12·1 घं 7 मि
17:24
18:32
19:39
20:46
21:53
23:00
00:07
01:14
02:21
03:28
04:36
05:43

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 नवंबर 2024 की तिथि क्या है?
22 नवंबर 2024 को कृष्ण सप्तमी तिथि 18:08 तक है, फिर कृष्ण अष्टमी आरंभ होती है।
22 नवंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
22 नवंबर 2024 को नक्षत्र आश्लेषा और योग ब्रह्म है।
22 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है।
22 नवंबर 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:47 से 12:07 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।