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सोमवार, 30 नवंबर 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

सोमवार, कृष्ण पक्ष। सप्तमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर अष्टमी आरंभ होती है। सप्तमी सहज तिथि है, रोज़ के काम और यात्रा के लिए अच्छी। चन्द्रमा आश्लेषा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर मघा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:48 से 12:30 तक शुभ है; राहु काल 08:13 से 09:32 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण सप्तमी

      01:46 से अगले दिन 00:12 तक

    सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा

      पिछले दिन 10:59 से 09:42 तक

    • फिर

      मघा

      09:42 – अगले दिन 09:00

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • ऐन्द्र

      पिछले दिन 17:08 से 14:27 तक

    • फिर

      वैधृति

      14:27 – अगले दिन 12:15

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      01:46 से 12:54 तक

    • फिर

      बव

      12:54 – अगले दिन 00:12

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण सप्तमी · सोम

00061218अमृत · 06:55 – 08:13काल · 08:13 – 09:32शुभ · 09:32 – 10:51रोग · 10:51 – 12:09उद्वेग · 12:09 – 13:28चल · 13:28 – 14:46लाभ · 14:46 – 16:05अमृत · 16:05 – 17:23चल · 17:23 – 19:05रोग · 19:05 – 20:46काल · 20:46 – 22:28लाभ · 22:28 – 00:10उद्वेग · 00:10 – 01:51शुभ · 01:51 – 03:33अमृत · 03:33 – 05:14चल · 05:14 – 06:56अमृत · 06:55 – 08:13विष · 08:13 – 09:32रोग · 09:32 – 10:51लाभ · 10:51 – 12:09धन · 12:09 – 13:28सुख · 13:28 – 14:46चोर · 14:46 – 16:05उद्योग · 16:05 – 17:23सुख · 17:23 – 19:05चोर · 19:05 – 20:46उद्योग · 20:46 – 22:28अमृत · 22:28 – 00:10विष · 00:10 – 01:51रोग · 01:51 – 03:33लाभ · 03:33 – 05:14धन · 05:14 – 06:56ब्रह्म मुहूर्त · 05:07 – 06:01अभिजित मुहूर्त · 11:48 – 12:30अमृत काल · 08:11 – 09:42राहु काल · 08:13 – 09:32यमगण्ड काल · 10:51 – 12:09गुलिक काल · 13:28 – 14:46वर्ज्यम् · 21:21 – 22:54चंद्र · 06:55 – 07:47शनि · 07:47 – 08:40गुरु · 08:40 – 09:32मंगल · 09:32 – 10:24सूर्य · 10:24 – 11:17शुक्र · 11:17 – 12:09बुध · 12:09 – 13:02चंद्र · 13:02 – 13:54शनि · 13:54 – 14:46गुरु · 14:46 – 15:39मंगल · 15:39 – 16:31सूर्य · 16:31 – 17:23शुक्र · 17:23 – 18:31बुध · 18:31 – 19:39चंद्र · 19:39 – 20:46शनि · 20:46 – 21:54गुरु · 21:54 – 23:02मंगल · 23:02 – 00:10सूर्य · 00:10 – 01:17शुक्र · 01:17 – 02:25बुध · 02:25 – 03:33चंद्र · 03:33 – 04:40शनि · 04:40 – 05:48गुरु · 05:48 – 06:56

30 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 19 मि
06:55
08:13
09:32
10:51
12:09
13:28
14:46
16:05

रात का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:46
22:28
00:10
01:51
03:33
05:14

दिन का गौरी

8·1 घं 19 मि
06:55
08:13
09:32
10:51
12:09
13:28
14:46
16:05

रात का गौरी

8·1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:46
22:28
00:10
01:51
03:33
05:14
05:07–06:01
11:48–12:30
08:11–09:42
08:13–09:32
10:51–12:09
13:28–14:46
21:21–22:54

दिन के होरा

12·52 मि
06:55
07:47
08:40
09:32
10:24
11:17
12:09
13:02
13:54
14:46
15:39
16:31

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:23
18:31
19:39
20:46
21:54
23:02
00:10
01:17
02:25
03:33
04:40
05:48

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

30 नवंबर 2026 की तिथि क्या है?
30 नवंबर 2026 को कृष्ण सप्तमी तिथि 1 दिसंबर 00:12 तक है, फिर कृष्ण अष्टमी आरंभ होती है।
30 नवंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
30 नवंबर 2026 को नक्षत्र आश्लेषा और योग ऐन्द्र है।
30 नवंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है।
30 नवंबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:13 से 09:32 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।