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शनिवार, 11 अक्टूबर 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शनिवार, कृष्ण पक्ष। पंचमी तिथि शाम तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। पंचमी शांत तिथि है, पढ़ाई, संगीत और कला के लिए अच्छी। चन्द्रमा रोहिणी नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर मृगशिरा में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:44 से 12:30 तक शुभ है; राहु काल 09:13 से 10:40 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण पंचमी

      पिछले दिन 19:38 से 16:43 तक

    • फिर

      कृष्ण षष्ठी

      16:43 – अगले दिन 14:17

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • रोहिणी

      पिछले दिन 17:31 से 15:20 तक

    • फिर

      मृगशिरा

      15:20 – अगले दिन 13:36

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • व्यतीपात

      पिछले दिन 17:41 से 14:07 तक

    • फिर

      वरीयान्

      14:07 – अगले दिन 10:55

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • तैतिल

      06:08 से 16:43 तक

    • फिर

      गर

      16:43 – अगले दिन 03:26

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण पंचमी · शनि

00061218काल · 06:19 – 07:46शुभ · 07:46 – 09:13रोग · 09:13 – 10:40उद्वेग · 10:40 – 12:07चल · 12:07 – 13:34लाभ · 13:34 – 15:01अमृत · 15:01 – 16:28काल · 16:28 – 17:55लाभ · 17:55 – 19:28उद्वेग · 19:28 – 21:01शुभ · 21:01 – 22:34अमृत · 22:34 – 00:07चल · 00:07 – 01:41रोग · 01:41 – 03:14काल · 03:14 – 04:47लाभ · 04:47 – 06:20चोर · 06:19 – 07:46उद्योग · 07:46 – 09:13विष · 09:13 – 10:40अमृत · 10:40 – 12:07रोग · 12:07 – 13:34लाभ · 13:34 – 15:01धन · 15:01 – 16:28सुख · 16:28 – 17:55लाभ · 17:55 – 19:28धन · 19:28 – 21:01सुख · 21:01 – 22:34चोर · 22:34 – 00:07उद्योग · 00:07 – 01:41विष · 01:41 – 03:14अमृत · 03:14 – 04:47रोग · 04:47 – 06:20ब्रह्म मुहूर्त · 04:40 – 05:30अभिजित मुहूर्त · 11:44 – 12:30अमृत काल · 12:25 – 13:52राहु काल · 09:13 – 10:40यमगण्ड काल · 13:34 – 15:01गुलिक काल · 06:19 – 07:46वर्ज्यम् · 08:03 – 09:31शनि · 06:19 – 07:17गुरु · 07:17 – 08:15मंगल · 08:15 – 09:13सूर्य · 09:13 – 10:11शुक्र · 10:11 – 11:09बुध · 11:09 – 12:07चंद्र · 12:07 – 13:05शनि · 13:05 – 14:03गुरु · 14:03 – 15:01मंगल · 15:01 – 15:59सूर्य · 15:59 – 16:57शुक्र · 16:57 – 17:55बुध · 17:55 – 18:57चंद्र · 18:57 – 19:59शनि · 19:59 – 21:01गुरु · 21:01 – 22:03मंगल · 22:03 – 23:05सूर्य · 23:05 – 00:07शुक्र · 00:07 – 01:10बुध · 01:10 – 02:12चंद्र · 02:12 – 03:14शनि · 03:14 – 04:16गुरु · 04:16 – 05:18मंगल · 05:18 – 06:20

11 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 27 मि
06:19
07:46
09:13
10:40
12:07
13:34
15:01
16:28

रात का चौघड़िया

8·1 घं 33 मि
17:55
19:28
21:01
22:34
00:07
01:41
03:14
04:47

दिन का गौरी

8·1 घं 27 मि
06:19
07:46
09:13
10:40
12:07
13:34
15:01
16:28

रात का गौरी

8·1 घं 33 मि
17:55
19:28
21:01
22:34
00:07
01:41
03:14
04:47
04:40–05:30
11:44–12:30
12:25–13:52
09:13–10:40
13:34–15:01
06:19–07:46
08:03–09:31

दिन के होरा

12·58 मि
06:19
07:17
08:15
09:13
10:11
11:09
12:07
13:05
14:03
15:01
15:59
16:57

रात के होरा

12·1 घं 2 मि
17:55
18:57
19:59
21:01
22:03
23:05
00:07
01:10
02:12
03:14
04:16
05:18

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11 अक्टूबर 2025 की तिथि क्या है?
11 अक्टूबर 2025 को कृष्ण पंचमी तिथि 16:43 तक है, फिर कृष्ण षष्ठी आरंभ होती है।
11 अक्टूबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
11 अक्टूबर 2025 को नक्षत्र रोहिणी और योग व्यतीपात है।
11 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है।
11 अक्टूबर 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:13 से 10:40 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।