करवा चौथ
करक चतुर्थी
चंद्रोदय20:13
चंद्रोदय पर चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है।
विवाहित स्त्रियाँ सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखकर पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। छलनी से चंद्र दर्शन के बाद व्रत पूर्ण होता है।
दैनिक पंचांग
शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन करवा चौथ है। चतुर्थी तिथि रात तक है, फिर पंचमी आरंभ होती है। चन्द्रमा कृत्तिका नक्षत्र में शाम तक है, फिर रोहिणी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:44 से 12:31 तक शुभ है; राहु काल 10:40 से 12:07 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
करक चतुर्थी
चंद्रोदय20:13
चंद्रोदय पर चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है।
विवाहित स्त्रियाँ सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखकर पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। छलनी से चंद्र दर्शन के बाद व्रत पूर्ण होता है।
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
कृष्ण चतुर्थी
पिछले दिन 22:54 से 19:38 तक
कृष्ण पंचमी
19:38 – अगले दिन 16:43
चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।
शुक्रवार
शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
कृत्तिका
पिछले दिन 20:02 से 17:31 तक
रोहिणी
17:31 – अगले दिन 15:20
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
सिद्धि
पिछले दिन 21:32 से 17:41 तक
व्यतीपात
17:41 – अगले दिन 14:07
शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बव
पिछले दिन 22:54 से 09:14 तक
बालव
09:14 – 19:38
कौलव
19:38 – अगले दिन 06:08
चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्थी · शुक्र
10 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 27 मि| 06:1907:46 | ||
| 07:4609:13 | ||
| 09:1310:40 | ||
| 10:4012:07 | ||
| 12:0713:35 | ||
| 13:3515:02 | ||
| 15:0216:29 | ||
| 16:2917:56 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 33 मि| 17:5619:29 | ||
| 19:2921:02 | ||
| 21:0222:35 | ||
| 22:3500:08 | ||
| 00:0801:41 | ||
| 01:4103:13 | ||
| 03:1304:46 | ||
| 04:4606:19 |
दिन का गौरी
8·1 घं 27 मि| 06:1907:46 | ||
| 07:4609:13 | ||
| 09:1310:40 | ||
| 10:4012:07 | ||
| 12:0713:35 | ||
| 13:3515:02 | ||
| 15:0216:29 | ||
| 16:2917:56 |
रात का गौरी
8·1 घं 33 मि| 17:5619:29 | ||
| 19:2921:02 | ||
| 21:0222:35 | ||
| 22:3500:08 | ||
| 00:0801:41 | ||
| 01:4103:13 | ||
| 03:1304:46 | ||
| 04:4606:19 |
| 04:40–05:29 | ||
| 11:44–12:31 | ||
| 15:22–16:48 | ||
| 10:40–12:07 | ||
| 15:02–16:29 | ||
| 07:46–09:13 | ||
| 06:46–08:12 |
दिन के होरा
12·58 मि| 06:1907:17 | ||
| 07:1708:15 | ||
| 08:1509:13 | ||
| 09:1310:11 | ||
| 10:1111:09 | ||
| 11:0912:07 | ||
| 12:0713:06 | ||
| 13:0614:04 | ||
| 14:0415:02 | ||
| 15:0216:00 | ||
| 16:0016:58 | ||
| 16:5817:56 |
रात के होरा
12·1 घं 2 मि| 17:5618:58 | ||
| 18:5820:00 | ||
| 20:0021:02 | ||
| 21:0222:04 | ||
| 22:0423:06 | ||
| 23:0600:08 | ||
| 00:0801:10 | ||
| 01:1002:12 | ||
| 02:1203:13 | ||
| 03:1304:15 | ||
| 04:1505:17 | ||
| 05:1706:19 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
KundliGPT का उपयोग कैसे होता है, यह समझने और इसे बेहतर बनाने के लिए हम कुकीज़ का उपयोग करते हैं। गोपनीयता नीति ·