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बुधवार, 2 अक्टूबर 2024

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

बुधवार, कृष्ण पक्ष। अमावस्या तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। अमावस्या नव चंद्र की तिथि है, पितरों, शांति और आत्म-चिंतन का दिन। चन्द्रमा उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर हस्त में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। राहु काल 12:10 से 13:39 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों कन्या राशि में हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • अमावस्या

      पिछले दिन 21:39 से अगले दिन 00:19 तक

    अमावस्या — नव चंद्र की तिथि। पितृ तर्पण, शांत पूजा और विश्राम का दिन; नए कार्य टाले जाते हैं।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तभाद्रपद
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर फाल्गुनी

      पिछले दिन 09:16 से 12:22 तक

    • फिर

      हस्त

      12:22 – अगले दिन 15:32

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • ब्रह्म

      02:17 से अगले दिन 03:20 तक

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • चतुष्पाद

      पिछले दिन 21:39 से 10:59 तक

    • फिर

      नाग

      10:59 – अगले दिन 00:19

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

अमावस्या · बुध

00061218लाभ · 06:14 – 07:43अमृत · 07:43 – 09:12काल · 09:12 – 10:41शुभ · 10:41 – 12:10रोग · 12:10 – 13:39उद्वेग · 13:39 – 15:07चल · 15:07 – 16:36लाभ · 16:36 – 18:05उद्वेग · 18:05 – 19:36शुभ · 19:36 – 21:08अमृत · 21:08 – 22:39चल · 22:39 – 00:10रोग · 00:10 – 01:41काल · 01:41 – 03:12लाभ · 03:12 – 04:44उद्वेग · 04:44 – 06:15लाभ · 06:14 – 07:43धन · 07:43 – 09:12सुख · 09:12 – 10:41चोर · 10:41 – 12:10विष · 12:10 – 13:39उद्योग · 13:39 – 15:07अमृत · 15:07 – 16:36रोग · 16:36 – 18:05उद्योग · 18:05 – 19:36अमृत · 19:36 – 21:08रोग · 21:08 – 22:39लाभ · 22:39 – 00:10धन · 00:10 – 01:41सुख · 01:41 – 03:12चोर · 03:12 – 04:44विष · 04:44 – 06:15ब्रह्म मुहूर्त · 04:37 – 05:26राहु काल · 12:10 – 13:39यमगण्ड काल · 07:43 – 09:12गुलिक काल · 10:41 – 12:10वर्ज्यम् · 21:53 – 23:41बुध · 06:14 – 07:13चंद्र · 07:13 – 08:13शनि · 08:13 – 09:12गुरु · 09:12 – 10:11मंगल · 10:11 – 11:10सूर्य · 11:10 – 12:10शुक्र · 12:10 – 13:09बुध · 13:09 – 14:08चंद्र · 14:08 – 15:07शनि · 15:07 – 16:07गुरु · 16:07 – 17:06मंगल · 17:06 – 18:05सूर्य · 18:05 – 19:06शुक्र · 19:06 – 20:07बुध · 20:07 – 21:08चंद्र · 21:08 – 22:08शनि · 22:08 – 23:09गुरु · 23:09 – 00:10मंगल · 00:10 – 01:11सूर्य · 01:11 – 02:12शुक्र · 02:12 – 03:12बुध · 03:12 – 04:13चंद्र · 04:13 – 05:14शनि · 05:14 – 06:15

2 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 29 मि
06:14
07:43
09:12
10:41
12:10
13:39
15:07
16:36

रात का चौघड़िया

8·1 घं 31 मि
18:05
19:36
21:08
22:39
00:10
01:41
03:12
04:44

दिन का गौरी

8·1 घं 29 मि
06:14
07:43
09:12
10:41
12:10
13:39
15:07
16:36

रात का गौरी

8·1 घं 31 मि
18:05
19:36
21:08
22:39
00:10
01:41
03:12
04:44
04:37–05:26
12:10–13:39
07:43–09:12
10:41–12:10
21:53–23:41

दिन के होरा

12·59 मि
06:14
07:13
08:13
09:12
10:11
11:10
12:10
13:09
14:08
15:07
16:07
17:06

रात के होरा

12·1 घं 1 मि
18:05
19:06
20:07
21:08
22:08
23:09
00:10
01:11
02:12
03:12
04:13
05:14

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2 अक्टूबर 2024 की तिथि क्या है?
2 अक्टूबर 2024 को अमावस्या तिथि 3 अक्टूबर 00:19 तक है, फिर शुक्ल प्रतिपदा आरंभ होती है।
2 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
2 अक्टूबर 2024 को नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग ब्रह्म है।
2 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है।
2 अक्टूबर 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:10 से 13:39 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।