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गुरुवार, 3 अक्टूबर 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

गुरुवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन शरद नवरात्रि है। प्रतिपदा तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर द्वितीया आरंभ होती है। चन्द्रमा हस्त नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर चित्रा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:46 से 12:33 तक शुभ है; राहु काल 13:38 से 15:07 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों कन्या राशि में हैं।

इस दिन के पर्व

गुरुवार, 3 अक्टूबर

शरद नवरात्रि

जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।

देवी दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित शरद ऋतु की नौ रातें, जो दशहरे पर समाप्त होती हैं। उपवास, गरबा और डांडिया के साथ मनाई जाती हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल प्रतिपदा

      00:19 से अगले दिन 02:58 तक

    प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • हस्त

      पिछले दिन 12:22 से 15:32 तक

    • फिर

      चित्रा

      15:32 – अगले दिन 18:37

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • ऐन्द्र

      03:20 से अगले दिन 04:23 तक

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • किंस्तुघ्न

      00:19 से 13:39 तक

    • फिर

      बव

      13:39 – अगले दिन 02:58

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल प्रतिपदा · गुरु

00061218शुभ · 06:15 – 07:43रोग · 07:43 – 09:12उद्वेग · 09:12 – 10:41चल · 10:41 – 12:09लाभ · 12:09 – 13:38अमृत · 13:38 – 15:07काल · 15:07 – 16:35शुभ · 16:35 – 18:04अमृत · 18:04 – 19:35चल · 19:35 – 21:07रोग · 21:07 – 22:38काल · 22:38 – 00:10लाभ · 00:10 – 01:41उद्वेग · 01:41 – 03:12शुभ · 03:12 – 04:44अमृत · 04:44 – 06:15धन · 06:15 – 07:43सुख · 07:43 – 09:12चोर · 09:12 – 10:41उद्योग · 10:41 – 12:09अमृत · 12:09 – 13:38विष · 13:38 – 15:07रोग · 15:07 – 16:35लाभ · 16:35 – 18:04अमृत · 18:04 – 19:35विष · 19:35 – 21:07रोग · 21:07 – 22:38लाभ · 22:38 – 00:10धन · 00:10 – 01:41सुख · 01:41 – 03:12चोर · 03:12 – 04:44उद्योग · 04:44 – 06:15ब्रह्म मुहूर्त · 04:38 – 05:26अभिजित मुहूर्त · 11:46 – 12:33अमृत काल · 08:44 – 10:33राहु काल · 13:38 – 15:07यमगण्ड काल · 06:15 – 07:43गुलिक काल · 09:12 – 10:41वर्ज्यम् · 00:34 – 02:22गुरु · 06:15 – 07:14मंगल · 07:14 – 08:13सूर्य · 08:13 – 09:12शुक्र · 09:12 – 10:11बुध · 10:11 – 11:10चंद्र · 11:10 – 12:09शनि · 12:09 – 13:08गुरु · 13:08 – 14:08मंगल · 14:08 – 15:07सूर्य · 15:07 – 16:06शुक्र · 16:06 – 17:05बुध · 17:05 – 18:04चंद्र · 18:04 – 19:05शनि · 19:05 – 20:06गुरु · 20:06 – 21:07मंगल · 21:07 – 22:08सूर्य · 22:08 – 23:09शुक्र · 23:09 – 00:10बुध · 00:10 – 01:11चंद्र · 01:11 – 02:12शनि · 02:12 – 03:12गुरु · 03:12 – 04:13मंगल · 04:13 – 05:14सूर्य · 05:14 – 06:15

3 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 29 मि
06:15
07:43
09:12
10:41
12:09
13:38
15:07
16:35

रात का चौघड़िया

8·1 घं 31 मि
18:04
19:35
21:07
22:38
00:10
01:41
03:12
04:44

दिन का गौरी

8·1 घं 29 मि
06:15
07:43
09:12
10:41
12:09
13:38
15:07
16:35

रात का गौरी

8·1 घं 31 मि
18:04
19:35
21:07
22:38
00:10
01:41
03:12
04:44
04:38–05:26
11:46–12:33
08:44–10:33
13:38–15:07
06:15–07:43
09:12–10:41
00:34–02:22

दिन के होरा

12·59 मि
06:15
07:14
08:13
09:12
10:11
11:10
12:09
13:08
14:08
15:07
16:06
17:05

रात के होरा

12·1 घं 1 मि
18:04
19:05
20:06
21:07
22:08
23:09
00:10
01:11
02:12
03:12
04:13
05:14

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 अक्टूबर 2024 की तिथि क्या है?
3 अक्टूबर 2024 को शुक्ल प्रतिपदा तिथि 4 अक्टूबर 02:58 तक है, फिर शुक्ल द्वितीया आरंभ होती है।
3 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
3 अक्टूबर 2024 को नक्षत्र हस्त और योग ऐन्द्र है।
3 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है।
3 अक्टूबर 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:38 से 15:07 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।