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रविवार, 20 अक्टूबर 2024

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

रविवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन करवा चौथ है। तृतीया तिथि सुबह तक है, फिर चतुर्थी आरंभ होती है। तृतीया शुभ तिथि है, यात्रा और उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा कृत्तिका नक्षत्र में सुबह तक है, फिर रोहिणी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:42 से 12:28 तक शुभ है; राहु काल 16:21 से 17:46 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

इस दिन के पर्व

रविवार, 20 अक्टूबर

करवा चौथ

करक चतुर्थी

चंद्रोदय19:54

चंद्रोदय पर चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है।

विवाहित स्त्रियाँ सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखकर पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। छलनी से चंद्र दर्शन के बाद व्रत पूर्ण होता है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण तृतीया

      पिछले दिन 09:49 से 06:46 तक

    • फिर

      कृष्ण चतुर्थी

      06:46 – अगले दिन 04:17

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • कृत्तिका

      पिछले दिन 10:46 से 08:31 तक

    • फिर

      रोहिणी

      08:31 – अगले दिन 06:50

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • व्यतीपात

      पिछले दिन 17:41 से 14:11 तक

    • फिर

      वरीयान्

      14:11 – अगले दिन 11:11

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      पिछले दिन 20:14 से 06:46 तक

    • फिर

      बव

      06:46 – 17:27

    • फिर

      बालव

      17:27 – अगले दिन 04:17

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण तृतीया · रवि

00061218उद्वेग · 06:25 – 07:50चल · 07:50 – 09:15लाभ · 09:15 – 10:40अमृत · 10:40 – 12:05काल · 12:05 – 13:30शुभ · 13:30 – 14:55रोग · 14:55 – 16:21उद्वेग · 16:21 – 17:46शुभ · 17:46 – 19:21अमृत · 19:21 – 20:56चल · 20:56 – 22:31रोग · 22:31 – 00:06काल · 00:06 – 01:40लाभ · 01:40 – 03:15उद्वेग · 03:15 – 04:50शुभ · 04:50 – 06:25उद्योग · 06:25 – 07:50अमृत · 07:50 – 09:15रोग · 09:15 – 10:40लाभ · 10:40 – 12:05धन · 12:05 – 13:30सुख · 13:30 – 14:55चोर · 14:55 – 16:21विष · 16:21 – 17:46धन · 17:46 – 19:21सुख · 19:21 – 20:56चोर · 20:56 – 22:31विष · 22:31 – 00:06उद्योग · 00:06 – 01:40अमृत · 01:40 – 03:15रोग · 03:15 – 04:50लाभ · 04:50 – 06:25ब्रह्म मुहूर्त · 04:44 – 05:34अभिजित मुहूर्त · 11:42 – 12:28अमृत काल · 06:21 – 07:48राहु काल · 16:21 – 17:46यमगण्ड काल · 12:05 – 13:30गुलिक काल · 14:55 – 16:21वर्ज्यम् · 23:24 – 00:53सूर्य · 06:25 – 07:21शुक्र · 07:21 – 08:18बुध · 08:18 – 09:15चंद्र · 09:15 – 10:12शनि · 10:12 – 11:08गुरु · 11:08 – 12:05मंगल · 12:05 – 13:02सूर्य · 13:02 – 13:59शुक्र · 13:59 – 14:55बुध · 14:55 – 15:52चंद्र · 15:52 – 16:49शनि · 16:49 – 17:46गुरु · 17:46 – 18:49मंगल · 18:49 – 19:52सूर्य · 19:52 – 20:56शुक्र · 20:56 – 21:59बुध · 21:59 – 23:02चंद्र · 23:02 – 00:06शनि · 00:06 – 01:09गुरु · 01:09 – 02:12मंगल · 02:12 – 03:15सूर्य · 03:15 – 04:19शुक्र · 04:19 – 05:22बुध · 05:22 – 06:25

20 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 25 मि
06:25
07:50
09:15
10:40
12:05
13:30
14:55
16:21

रात का चौघड़िया

8·1 घं 35 मि
17:46
19:21
20:56
22:31
00:06
01:40
03:15
04:50

दिन का गौरी

8·1 घं 25 मि
06:25
07:50
09:15
10:40
12:05
13:30
14:55
16:21

रात का गौरी

8·1 घं 35 मि
17:46
19:21
20:56
22:31
00:06
01:40
03:15
04:50
04:44–05:34
11:42–12:28
06:21–07:48
16:21–17:46
12:05–13:30
14:55–16:21
23:24–00:53

दिन के होरा

12·57 मि
06:25
07:21
08:18
09:15
10:12
11:08
12:05
13:02
13:59
14:55
15:52
16:49

रात के होरा

12·1 घं 3 मि
17:46
18:49
19:52
20:56
21:59
23:02
00:06
01:09
02:12
03:15
04:19
05:22

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 अक्टूबर 2024 की तिथि क्या है?
20 अक्टूबर 2024 को कृष्ण तृतीया तिथि 06:46 तक है, फिर कृष्ण चतुर्थी आरंभ होती है।
20 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
20 अक्टूबर 2024 को नक्षत्र कृत्तिका और योग व्यतीपात है।
20 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:25 पर और सूर्यास्त 17:46 पर है।
20 अक्टूबर 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:21 से 17:46 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।