शनिवार, 24 अक्टूबर 2026
दैनिक पंचांग
शनिवार, शुक्ल पक्ष। त्रयोदशी तिथि दोपहर तक है, फिर चतुर्दशी आरंभ होती है। त्रयोदशी उत्साह की तिथि है, उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में रात तक है, फिर रेवती में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:42 से 12:27 तक शुभ है; राहु काल 09:16 से 10:40 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल त्रयोदशी
पिछले दिन 14:36 से 13:37 तक
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फिर
शुक्ल चतुर्दशी
13:37 – अगले दिन 11:56
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
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शनिवार
शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तआश्विनपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
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उत्तर भाद्रपदा
पिछले दिन 21:03 से 20:32 तक
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फिर
रेवती
20:32 – अगले दिन 19:22
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
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व्याघात
पिछले दिन 22:08 से 20:01 तक
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फिर
हर्षण
20:01 – अगले दिन 17:22
अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।
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तैतिल
02:12 से 13:37 तक
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फिर
गर
13:37 – अगले दिन 00:51
चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल त्रयोदशी · शनि
24 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 24 मि| 06:2707:51 | ||
| 07:5109:16 | ||
| 09:1610:40 | ||
| 10:4012:05 | ||
| 12:0513:29 | ||
| 13:2914:54 | ||
| 14:5416:18 | ||
| 16:1817:42 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 36 मि| 17:4219:18 | ||
| 19:1820:54 | ||
| 20:5422:29 | ||
| 22:2900:05 | ||
| 00:0501:41 | ||
| 01:4103:16 | ||
| 03:1604:52 | ||
| 04:5206:28 |
दिन का गौरी
8·1 घं 24 मि| 06:2707:51 | ||
| 07:5109:16 | ||
| 09:1610:40 | ||
| 10:4012:05 | ||
| 12:0513:29 | ||
| 13:2914:54 | ||
| 14:5416:18 | ||
| 16:1817:42 |
रात का गौरी
8·1 घं 36 मि| 17:4219:18 | ||
| 19:1820:54 | ||
| 20:5422:29 | ||
| 22:2900:05 | ||
| 00:0501:41 | ||
| 01:4103:16 | ||
| 03:1604:52 | ||
| 04:5206:28 |
| 04:45–05:36 | ||
| 11:42–12:27 | ||
| 15:50–17:24 | ||
| 09:16–10:40 | ||
| 13:29–14:54 | ||
| 06:27–07:51 | ||
| 06:26–08:00 |
दिन के होरा
12·56 मि| 06:2707:23 | ||
| 07:2308:20 | ||
| 08:2009:16 | ||
| 09:1610:12 | ||
| 10:1211:08 | ||
| 11:0812:05 | ||
| 12:0513:01 | ||
| 13:0113:57 | ||
| 13:5714:54 | ||
| 14:5415:50 | ||
| 15:5016:46 | ||
| 16:4617:42 |
रात के होरा
12·1 घं 4 मि| 17:4218:46 | ||
| 18:4619:50 | ||
| 19:5020:54 | ||
| 20:5421:58 | ||
| 21:5823:01 | ||
| 23:0100:05 | ||
| 00:0501:09 | ||
| 01:0902:13 | ||
| 02:1303:16 | ||
| 03:1604:20 | ||
| 04:2005:24 | ||
| 05:2406:28 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 24 अक्टूबर 2026 की तिथि क्या है?
- 24 अक्टूबर 2026 को शुक्ल त्रयोदशी तिथि 13:37 तक है, फिर शुक्ल चतुर्दशी आरंभ होती है।
- 24 अक्टूबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 24 अक्टूबर 2026 को नक्षत्र उत्तर भाद्रपदा और योग व्याघात है।
- 24 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 06:27 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है।
- 24 अक्टूबर 2026 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 09:16 से 10:40 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



