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रविवार, 24 अक्टूबर 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

रविवार, कृष्ण पक्ष। नवमी तिथि सुबह तक है, फिर दशमी आरंभ होती है। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा आश्लेषा नक्षत्र में शाम तक है, फिर मघा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:42 से 12:27 तक शुभ है; राहु काल 16:18 से 17:43 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण नवमी

      पिछले दिन 09:59 से 07:53 तक

    • फिर

      कृष्ण दशमी

      07:53 – अगले दिन 05:40

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा

      पिछले दिन 19:07 से 17:41 तक

    • फिर

      मघा

      17:41 – अगले दिन 16:09

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • शुभ

      पिछले दिन 20:42 से 17:47 तक

    • फिर

      शुक्ल

      17:47 – अगले दिन 14:47

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      पिछले दिन 20:57 से 07:53 तक

    • फिर

      वणिज

      07:53 – 18:47

    • फिर

      विष्टि

      18:47 – अगले दिन 05:40

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण नवमी · रवि

00061218उद्वेग · 06:27 – 07:51चल · 07:51 – 09:16लाभ · 09:16 – 10:40अमृत · 10:40 – 12:05काल · 12:05 – 13:29शुभ · 13:29 – 14:54रोग · 14:54 – 16:18उद्वेग · 16:18 – 17:43शुभ · 17:43 – 19:18अमृत · 19:18 – 20:54चल · 20:54 – 22:29रोग · 22:29 – 00:05काल · 00:05 – 01:41लाभ · 01:41 – 03:16उद्वेग · 03:16 – 04:52शुभ · 04:52 – 06:27उद्योग · 06:27 – 07:51अमृत · 07:51 – 09:16रोग · 09:16 – 10:40लाभ · 10:40 – 12:05धन · 12:05 – 13:29सुख · 13:29 – 14:54चोर · 14:54 – 16:18विष · 16:18 – 17:43धन · 17:43 – 19:18सुख · 19:18 – 20:54चोर · 20:54 – 22:29विष · 22:29 – 00:05उद्योग · 00:05 – 01:41अमृत · 01:41 – 03:16रोग · 03:16 – 04:52लाभ · 04:52 – 06:27ब्रह्म मुहूर्त · 04:45 – 05:36अभिजित मुहूर्त · 11:42 – 12:27अमृत काल · 16:11 – 17:41राहु काल · 16:18 – 17:43यमगण्ड काल · 12:05 – 13:29गुलिक काल · 14:54 – 16:18वर्ज्यम् · 07:09 – 08:40सूर्य · 06:27 – 07:23शुक्र · 07:23 – 08:19बुध · 08:19 – 09:16चंद्र · 09:16 – 10:12शनि · 10:12 – 11:08गुरु · 11:08 – 12:05मंगल · 12:05 – 13:01सूर्य · 13:01 – 13:57शुक्र · 13:57 – 14:54बुध · 14:54 – 15:50चंद्र · 15:50 – 16:46शनि · 16:46 – 17:43गुरु · 17:43 – 18:46मंगल · 18:46 – 19:50सूर्य · 19:50 – 20:54शुक्र · 20:54 – 21:58बुध · 21:58 – 23:01चंद्र · 23:01 – 00:05शनि · 00:05 – 01:09गुरु · 01:09 – 02:13मंगल · 02:13 – 03:16सूर्य · 03:16 – 04:20शुक्र · 04:20 – 05:24बुध · 05:24 – 06:27

24 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 24 मि
06:27
07:51
09:16
10:40
12:05
13:29
14:54
16:18

रात का चौघड़िया

8·1 घं 36 मि
17:43
19:18
20:54
22:29
00:05
01:41
03:16
04:52

दिन का गौरी

8·1 घं 24 मि
06:27
07:51
09:16
10:40
12:05
13:29
14:54
16:18

रात का गौरी

8·1 घं 36 मि
17:43
19:18
20:54
22:29
00:05
01:41
03:16
04:52
04:45–05:36
11:42–12:27
16:11–17:41
16:18–17:43
12:05–13:29
14:54–16:18
07:09–08:40

दिन के होरा

12·56 मि
06:27
07:23
08:19
09:16
10:12
11:08
12:05
13:01
13:57
14:54
15:50
16:46

रात के होरा

12·1 घं 4 मि
17:43
18:46
19:50
20:54
21:58
23:01
00:05
01:09
02:13
03:16
04:20
05:24

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

24 अक्टूबर 2027 की तिथि क्या है?
24 अक्टूबर 2027 को कृष्ण नवमी तिथि 07:53 तक है, फिर कृष्ण दशमी आरंभ होती है।
24 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
24 अक्टूबर 2027 को नक्षत्र आश्लेषा और योग शुभ है।
24 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:27 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है।
24 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:18 से 17:43 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।