मुख्य सामग्री पर जाएँ

सोमवार, 25 अक्टूबर 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

सोमवार, कृष्ण पक्ष। रमा एकादशी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा मघा नक्षत्र में शाम तक है, फिर पूर्व फाल्गुनी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:42 से 12:27 तक शुभ है; राहु काल 07:52 से 09:16 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • रमा एकादशी

      05:40 से अगले दिन 03:22 तक

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • मघा

      पिछले दिन 17:41 से 16:09 तक

    • फिर

      पूर्व फाल्गुनी

      16:09 – अगले दिन 14:34

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • शुक्ल

      पिछले दिन 17:47 से 14:47 तक

    • फिर

      ब्रह्म

      14:47 – अगले दिन 11:44

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      05:40 से 16:31 तक

    • फिर

      बालव

      16:31 – अगले दिन 03:22

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · सोम

00061218अमृत · 06:27 – 07:52काल · 07:52 – 09:16शुभ · 09:16 – 10:40रोग · 10:40 – 12:05उद्वेग · 12:05 – 13:29चल · 13:29 – 14:53लाभ · 14:53 – 16:17अमृत · 16:17 – 17:42चल · 17:42 – 19:18रोग · 19:18 – 20:53काल · 20:53 – 22:29लाभ · 22:29 – 00:05उद्वेग · 00:05 – 01:41शुभ · 01:41 – 03:17अमृत · 03:17 – 04:52चल · 04:52 – 06:28अमृत · 06:27 – 07:52विष · 07:52 – 09:16रोग · 09:16 – 10:40लाभ · 10:40 – 12:05धन · 12:05 – 13:29सुख · 13:29 – 14:53चोर · 14:53 – 16:17उद्योग · 16:17 – 17:42सुख · 17:42 – 19:18चोर · 19:18 – 20:53उद्योग · 20:53 – 22:29अमृत · 22:29 – 00:05विष · 00:05 – 01:41रोग · 01:41 – 03:17लाभ · 03:17 – 04:52धन · 04:52 – 06:28ब्रह्म मुहूर्त · 04:45 – 05:36अभिजित मुहूर्त · 11:42 – 12:27अमृत काल · 13:54 – 15:24राहु काल · 07:52 – 09:16यमगण्ड काल · 10:40 – 12:05गुलिक काल · 13:29 – 14:53वर्ज्यम् · 23:37 – 01:07चंद्र · 06:27 – 07:24शनि · 07:24 – 08:20गुरु · 08:20 – 09:16मंगल · 09:16 – 10:12सूर्य · 10:12 – 11:08शुक्र · 11:08 – 12:05बुध · 12:05 – 13:01चंद्र · 13:01 – 13:57शनि · 13:57 – 14:53गुरु · 14:53 – 15:49मंगल · 15:49 – 16:46सूर्य · 16:46 – 17:42शुक्र · 17:42 – 18:46बुध · 18:46 – 19:49चंद्र · 19:49 – 20:53शनि · 20:53 – 21:57गुरु · 21:57 – 23:01मंगल · 23:01 – 00:05सूर्य · 00:05 – 01:09शुक्र · 01:09 – 02:13बुध · 02:13 – 03:17चंद्र · 03:17 – 04:20शनि · 04:20 – 05:24गुरु · 05:24 – 06:28

25 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 24 मि
06:27
07:52
09:16
10:40
12:05
13:29
14:53
16:17

रात का चौघड़िया

8·1 घं 36 मि
17:42
19:18
20:53
22:29
00:05
01:41
03:17
04:52

दिन का गौरी

8·1 घं 24 मि
06:27
07:52
09:16
10:40
12:05
13:29
14:53
16:17

रात का गौरी

8·1 घं 36 मि
17:42
19:18
20:53
22:29
00:05
01:41
03:17
04:52
04:45–05:36
11:42–12:27
13:54–15:24
07:52–09:16
10:40–12:05
13:29–14:53
23:37–01:07

दिन के होरा

12·56 मि
06:27
07:24
08:20
09:16
10:12
11:08
12:05
13:01
13:57
14:53
15:49
16:46

रात के होरा

12·1 घं 4 मि
17:42
18:46
19:49
20:53
21:57
23:01
00:05
01:09
02:13
03:17
04:20
05:24

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

25 अक्टूबर 2027 की तिथि क्या है?
25 अक्टूबर 2027 को रमा एकादशी तिथि 26 अक्टूबर 03:22 तक है, फिर कृष्ण द्वादशी आरंभ होती है।
25 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
25 अक्टूबर 2027 को नक्षत्र मघा और योग शुक्ल है।
25 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:27 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है।
25 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:52 से 09:16 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।