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रविवार, 3 अक्टूबर 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

रविवार, शुक्ल पक्ष। चतुर्थी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर पंचमी आरंभ होती है। चतुर्थी गणेश जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, बड़े नए काम के लिए नहीं। चन्द्रमा विशाखा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर अनुराधा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:46 से 12:33 तक शुभ है; राहु काल 16:36 से 18:05 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्थी

      02:08 से अगले दिन 01:28 तक

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • विशाखा · पाद 2

      00:03 से अगले दिन 00:00 तक

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • विष्कुम्भ

      पिछले दिन 15:41 से 13:45 तक

    • फिर

      प्रीति

      13:45 – अगले दिन 12:25

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • वणिज

      02:08 से 13:42 तक

    • फिर

      विष्टि

      13:42 – अगले दिन 01:28

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्थी · रवि

00061218उद्वेग · 06:14 – 07:43चल · 07:43 – 09:12लाभ · 09:12 – 10:41अमृत · 10:41 – 12:10काल · 12:10 – 13:38शुभ · 13:38 – 15:07रोग · 15:07 – 16:36उद्वेग · 16:36 – 18:05शुभ · 18:05 – 19:36अमृत · 19:36 – 21:07चल · 21:07 – 22:39रोग · 22:39 – 00:10काल · 00:10 – 01:41लाभ · 01:41 – 03:12उद्वेग · 03:12 – 04:44शुभ · 04:44 – 06:15उद्योग · 06:14 – 07:43अमृत · 07:43 – 09:12रोग · 09:12 – 10:41लाभ · 10:41 – 12:10धन · 12:10 – 13:38सुख · 13:38 – 15:07चोर · 15:07 – 16:36विष · 16:36 – 18:05धन · 18:05 – 19:36सुख · 19:36 – 21:07चोर · 21:07 – 22:39विष · 22:39 – 00:10उद्योग · 00:10 – 01:41अमृत · 01:41 – 03:12रोग · 03:12 – 04:44लाभ · 04:44 – 06:15ब्रह्म मुहूर्त · 04:37 – 05:26अभिजित मुहूर्त · 11:46 – 12:33अमृत काल · 15:13 – 16:49राहु काल · 16:36 – 18:05यमगण्ड काल · 12:10 – 13:38गुलिक काल · 15:07 – 16:36वर्ज्यम् · 05:38 – 07:14सूर्य · 06:14 – 07:14शुक्र · 07:14 – 08:13बुध · 08:13 – 09:12चंद्र · 09:12 – 10:11शनि · 10:11 – 11:10गुरु · 11:10 – 12:10मंगल · 12:10 – 13:09सूर्य · 13:09 – 14:08शुक्र · 14:08 – 15:07बुध · 15:07 – 16:06चंद्र · 16:06 – 17:06शनि · 17:06 – 18:05गुरु · 18:05 – 19:06मंगल · 19:06 – 20:07सूर्य · 20:07 – 21:07शुक्र · 21:07 – 22:08बुध · 22:08 – 23:09चंद्र · 23:09 – 00:10शनि · 00:10 – 01:11गुरु · 01:11 – 02:12मंगल · 02:12 – 03:12सूर्य · 03:12 – 04:13शुक्र · 04:13 – 05:14बुध · 05:14 – 06:15

3 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 29 मि
06:14
07:43
09:12
10:41
12:10
13:38
15:07
16:36

रात का चौघड़िया

8·1 घं 31 मि
18:05
19:36
21:07
22:39
00:10
01:41
03:12
04:44

दिन का गौरी

8·1 घं 29 मि
06:14
07:43
09:12
10:41
12:10
13:38
15:07
16:36

रात का गौरी

8·1 घं 31 मि
18:05
19:36
21:07
22:39
00:10
01:41
03:12
04:44
04:37–05:26
11:46–12:33
15:13–16:49
16:36–18:05
12:10–13:38
15:07–16:36
05:38–07:14

दिन के होरा

12·59 मि
06:14
07:14
08:13
09:12
10:11
11:10
12:10
13:09
14:08
15:07
16:06
17:06

रात के होरा

12·1 घं 1 मि
18:05
19:06
20:07
21:07
22:08
23:09
00:10
01:11
02:12
03:12
04:13
05:14

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 अक्टूबर 2027 की तिथि क्या है?
3 अक्टूबर 2027 को शुक्ल चतुर्थी तिथि 4 अक्टूबर 01:28 तक है, फिर शुक्ल पंचमी आरंभ होती है।
3 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
3 अक्टूबर 2027 को नक्षत्र विशाखा और योग विष्कुम्भ है।
3 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है।
3 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:36 से 18:05 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।