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सोमवार, 4 अक्टूबर 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

सोमवार, शुक्ल पक्ष। पंचमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। पंचमी शांत तिथि है, पढ़ाई, संगीत और कला के लिए अच्छी। चन्द्रमा अनुराधा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर ज्येष्ठा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:46 से 12:33 तक शुभ है; राहु काल 07:44 से 09:12 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल पंचमी

      01:28 से अगले दिन 01:36 तक

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • अनुराधा · पाद 2

      00:00 से अगले दिन 00:44 तक

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • प्रीति

      पिछले दिन 13:44 से 12:25 तक

    • फिर

      आयुष्मान्

      12:25 – अगले दिन 11:43

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      01:28 से 13:26 तक

    • फिर

      बालव

      13:26 – अगले दिन 01:36

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल पंचमी · सोम

00061218अमृत · 06:15 – 07:44काल · 07:44 – 09:12शुभ · 09:12 – 10:41रोग · 10:41 – 12:09उद्वेग · 12:09 – 13:38चल · 13:38 – 15:06लाभ · 15:06 – 16:35अमृत · 16:35 – 18:04चल · 18:04 – 19:35रोग · 19:35 – 21:07काल · 21:07 – 22:38लाभ · 22:38 – 00:10उद्वेग · 00:10 – 01:41शुभ · 01:41 – 03:13अमृत · 03:13 – 04:44चल · 04:44 – 06:15अमृत · 06:15 – 07:44विष · 07:44 – 09:12रोग · 09:12 – 10:41लाभ · 10:41 – 12:09धन · 12:09 – 13:38सुख · 13:38 – 15:06चोर · 15:06 – 16:35उद्योग · 16:35 – 18:04सुख · 18:04 – 19:35चोर · 19:35 – 21:07उद्योग · 21:07 – 22:38अमृत · 22:38 – 00:10विष · 00:10 – 01:41रोग · 01:41 – 03:13लाभ · 03:13 – 04:44धन · 04:44 – 06:15ब्रह्म मुहूर्त · 04:38 – 05:26अभिजित मुहूर्त · 11:46 – 12:33अमृत काल · 14:01 – 15:40राहु काल · 07:44 – 09:12यमगण्ड काल · 10:41 – 12:09गुलिक काल · 13:38 – 15:06चंद्र · 06:15 – 07:14शनि · 07:14 – 08:13गुरु · 08:13 – 09:12मंगल · 09:12 – 10:11सूर्य · 10:11 – 11:10शुक्र · 11:10 – 12:09बुध · 12:09 – 13:08चंद्र · 13:08 – 14:07शनि · 14:07 – 15:06गुरु · 15:06 – 16:06मंगल · 16:06 – 17:05सूर्य · 17:05 – 18:04शुक्र · 18:04 – 19:05बुध · 19:05 – 20:06चंद्र · 20:06 – 21:07शनि · 21:07 – 22:08गुरु · 22:08 – 23:09मंगल · 23:09 – 00:10सूर्य · 00:10 – 01:11शुक्र · 01:11 – 02:12बुध · 02:12 – 03:13चंद्र · 03:13 – 04:14शनि · 04:14 – 05:15गुरु · 05:15 – 06:15

4 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 29 मि
06:15
07:44
09:12
10:41
12:09
13:38
15:06
16:35

रात का चौघड़िया

8·1 घं 31 मि
18:04
19:35
21:07
22:38
00:10
01:41
03:13
04:44

दिन का गौरी

8·1 घं 29 मि
06:15
07:44
09:12
10:41
12:09
13:38
15:06
16:35

रात का गौरी

8·1 घं 31 मि
18:04
19:35
21:07
22:38
00:10
01:41
03:13
04:44
04:38–05:26
11:46–12:33
14:01–15:40
07:44–09:12
10:41–12:09
13:38–15:06

दिन के होरा

12·59 मि
06:15
07:14
08:13
09:12
10:11
11:10
12:09
13:08
14:07
15:06
16:06
17:05

रात के होरा

12·1 घं 1 मि
18:04
19:05
20:06
21:07
22:08
23:09
00:10
01:11
02:12
03:13
04:14
05:15

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 अक्टूबर 2027 की तिथि क्या है?
4 अक्टूबर 2027 को शुक्ल पंचमी तिथि 5 अक्टूबर 01:36 तक है, फिर शुक्ल षष्ठी आरंभ होती है।
4 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
4 अक्टूबर 2027 को नक्षत्र अनुराधा और योग प्रीति है।
4 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है।
4 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:44 से 09:12 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।