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गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

गुरुवार, कृष्ण पक्ष। तृतीया तिथि रात तक है, फिर चतुर्थी आरंभ होती है। तृतीया शुभ तिथि है, यात्रा और उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा भरणी नक्षत्र में रात तक है, फिर कृत्तिका में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:44 से 12:31 तक शुभ है; राहु काल 13:35 से 15:03 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण तृतीया

      02:22 से 22:54 तक

    • फिर

      कृष्ण चतुर्थी

      22:54 – अगले दिन 19:38

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • भरणी

      पिछले दिन 22:44 से 20:02 तक

    • फिर

      कृत्तिका

      20:02 – अगले दिन 17:31

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • वज्र

      01:32 से 21:32 तक

    • फिर

      सिद्धि

      21:32 – अगले दिन 17:41

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • वणिज

      02:22 से 12:37 तक

    • फिर

      विष्टि

      12:37 – 22:54

    • फिर

      बव

      22:54 – अगले दिन 09:14

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण तृतीया · गुरु

00061218शुभ · 06:18 – 07:45रोग · 07:45 – 09:13उद्वेग · 09:13 – 10:40चल · 10:40 – 12:08लाभ · 12:08 – 13:35अमृत · 13:35 – 15:03काल · 15:03 – 16:30शुभ · 16:30 – 17:57अमृत · 17:57 – 19:30चल · 19:30 – 21:03रोग · 21:03 – 22:35काल · 22:35 – 00:08लाभ · 00:08 – 01:41उद्वेग · 01:41 – 03:13शुभ · 03:13 – 04:46अमृत · 04:46 – 06:19धन · 06:18 – 07:45सुख · 07:45 – 09:13चोर · 09:13 – 10:40उद्योग · 10:40 – 12:08अमृत · 12:08 – 13:35विष · 13:35 – 15:03रोग · 15:03 – 16:30लाभ · 16:30 – 17:57अमृत · 17:57 – 19:30विष · 19:30 – 21:03रोग · 21:03 – 22:35लाभ · 22:35 – 00:08धन · 00:08 – 01:41सुख · 01:41 – 03:13चोर · 03:13 – 04:46उद्योग · 04:46 – 06:19ब्रह्म मुहूर्त · 04:39 – 05:29अभिजित मुहूर्त · 11:44 – 12:31अमृत काल · 15:47 – 17:12राहु काल · 13:35 – 15:03यमगण्ड काल · 06:18 – 07:45गुलिक काल · 09:13 – 10:40वर्ज्यम् · 07:16 – 08:41गुरु · 06:18 – 07:16मंगल · 07:16 – 08:15सूर्य · 08:15 – 09:13शुक्र · 09:13 – 10:11बुध · 10:11 – 11:09चंद्र · 11:09 – 12:08शनि · 12:08 – 13:06गुरु · 13:06 – 14:04मंगल · 14:04 – 15:03सूर्य · 15:03 – 16:01शुक्र · 16:01 – 16:59बुध · 16:59 – 17:57चंद्र · 17:57 – 18:59शनि · 18:59 – 20:01गुरु · 20:01 – 21:03मंगल · 21:03 – 22:04सूर्य · 22:04 – 23:06शुक्र · 23:06 – 00:08बुध · 00:08 – 01:10चंद्र · 01:10 – 02:12शनि · 02:12 – 03:13गुरु · 03:13 – 04:15मंगल · 04:15 – 05:17सूर्य · 05:17 – 06:19

9 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 27 मि
06:18
07:45
09:13
10:40
12:08
13:35
15:03
16:30

रात का चौघड़िया

8·1 घं 33 मि
17:57
19:30
21:03
22:35
00:08
01:41
03:13
04:46

दिन का गौरी

8·1 घं 27 मि
06:18
07:45
09:13
10:40
12:08
13:35
15:03
16:30

रात का गौरी

8·1 घं 33 मि
17:57
19:30
21:03
22:35
00:08
01:41
03:13
04:46
04:39–05:29
11:44–12:31
15:47–17:12
13:35–15:03
06:18–07:45
09:13–10:40
07:16–08:41

दिन के होरा

12·58 मि
06:18
07:16
08:15
09:13
10:11
11:09
12:08
13:06
14:04
15:03
16:01
16:59

रात के होरा

12·1 घं 2 मि
17:57
18:59
20:01
21:03
22:04
23:06
00:08
01:10
02:12
03:13
04:15
05:17

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

9 अक्टूबर 2025 की तिथि क्या है?
9 अक्टूबर 2025 को कृष्ण तृतीया तिथि 22:54 तक है, फिर कृष्ण चतुर्थी आरंभ होती है।
9 अक्टूबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
9 अक्टूबर 2025 को नक्षत्र भरणी और योग वज्र है।
9 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है।
9 अक्टूबर 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:35 से 15:03 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।