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शुक्रवार, 17 सितंबर 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। द्वितीया तिथि अगले दिन सुबह तक है, फिर तृतीया आरंभ होती है। द्वितीया स्थिर तिथि है, साथ मिलकर काम करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर रेवती में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:51 से 12:40 तक शुभ है; राहु काल 10:43 से 12:15 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वितीया

      05:52 से अगले दिन 06:44 तक

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तभाद्रपद
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर भाद्रपदा

      पिछले दिन 13:44 से 15:28 तक

    • फिर

      रेवती

      15:28 – अगले दिन 16:47

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • गण्ड

      पिछले दिन 09:30 से 09:27 तक

    • फिर

      वृद्धि

      09:27 – अगले दिन 09:03

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • तैतिल

      05:52 से 18:21 तक

    • फिर

      गर

      18:21 – अगले दिन 06:44

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण द्वितीया · शुक्र

00061218चल · 06:06 – 07:39लाभ · 07:39 – 09:11अमृत · 09:11 – 10:43काल · 10:43 – 12:15शुभ · 12:15 – 13:47रोग · 13:47 – 15:19उद्वेग · 15:19 – 16:52चल · 16:52 – 18:24रोग · 18:24 – 19:52काल · 19:52 – 21:20लाभ · 21:20 – 22:47उद्वेग · 22:47 – 00:15शुभ · 00:15 – 01:43अमृत · 01:43 – 03:11चल · 03:11 – 04:39रोग · 04:39 – 06:07सुख · 06:06 – 07:39चोर · 07:39 – 09:11उद्योग · 09:11 – 10:43विष · 10:43 – 12:15अमृत · 12:15 – 13:47रोग · 13:47 – 15:19लाभ · 15:19 – 16:52धन · 16:52 – 18:24रोग · 18:24 – 19:52लाभ · 19:52 – 21:20धन · 21:20 – 22:47सुख · 22:47 – 00:15चोर · 00:15 – 01:43उद्योग · 01:43 – 03:11विष · 03:11 – 04:39अमृत · 04:39 – 06:07ब्रह्म मुहूर्त · 04:33 – 05:20अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:40अमृत काल · 10:19 – 12:02राहु काल · 10:43 – 12:15यमगण्ड काल · 15:19 – 16:52गुलिक काल · 07:39 – 09:11वर्ज्यम् · 04:08 – 05:49शुक्र · 06:06 – 07:08बुध · 07:08 – 08:09चंद्र · 08:09 – 09:11शनि · 09:11 – 10:12गुरु · 10:12 – 11:14मंगल · 11:14 – 12:15सूर्य · 12:15 – 13:17शुक्र · 13:17 – 14:18बुध · 14:18 – 15:19चंद्र · 15:19 – 16:21शनि · 16:21 – 17:22गुरु · 17:22 – 18:24मंगल · 18:24 – 19:22सूर्य · 19:22 – 20:21शुक्र · 20:21 – 21:20बुध · 21:20 – 22:18चंद्र · 22:18 – 23:17शनि · 23:17 – 00:15गुरु · 00:15 – 01:14मंगल · 01:14 – 02:13सूर्य · 02:13 – 03:11शुक्र · 03:11 – 04:10बुध · 04:10 – 05:08चंद्र · 05:08 – 06:07

17 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 32 मि
06:06
07:39
09:11
10:43
12:15
13:47
15:19
16:52

रात का चौघड़िया

8·1 घं 28 मि
18:24
19:52
21:20
22:47
00:15
01:43
03:11
04:39

दिन का गौरी

8·1 घं 32 मि
06:06
07:39
09:11
10:43
12:15
13:47
15:19
16:52

रात का गौरी

8·1 घं 28 मि
18:24
19:52
21:20
22:47
00:15
01:43
03:11
04:39
04:33–05:20
11:51–12:40
10:19–12:02
10:43–12:15
15:19–16:52
07:39–09:11
04:08–05:49

दिन के होरा

12·1 घं 1 मि
06:06
07:08
08:09
09:11
10:12
11:14
12:15
13:17
14:18
15:19
16:21
17:22

रात के होरा

12·59 मि
18:24
19:22
20:21
21:20
22:18
23:17
00:15
01:14
02:13
03:11
04:10
05:08

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 सितंबर 2027 की तिथि क्या है?
17 सितंबर 2027 को कृष्ण द्वितीया तिथि 18 सितंबर 06:44 तक है, फिर कृष्ण तृतीया आरंभ होती है।
17 सितंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
17 सितंबर 2027 को नक्षत्र उत्तर भाद्रपदा और योग गण्ड है।
17 सितंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है।
17 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:43 से 12:15 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।