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मंगलवार, 2 सितंबर 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। दशमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर परिवर्तिनी एकादशी आरंभ होती है। दशमी स्थिर तिथि है, अधिकतर कामों के लिए शुभ। चन्द्रमा मूल नक्षत्र में रात तक है, फिर पूर्व आषाढ़ा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:55 से 12:46 तक शुभ है; राहु काल 15:31 से 17:06 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल दशमी

      02:43 से अगले दिन 03:53 तक

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तभाद्रपद
    पूर्णिमान्तभाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • मूल

      पिछले दिन 19:55 से 21:51 तक

    • फिर

      पूर्व आषाढ़ा

      21:51 – अगले दिन 23:08

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • प्रीति

      पिछले दिन 16:31 से 16:39 तक

    • फिर

      आयुष्मान्

      16:39 – अगले दिन 16:17

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      02:43 से 15:23 तक

    • फिर

      गर

      15:23 – अगले दिन 03:53

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल दशमी · मंगल

00061218रोग · 05:59 – 07:34उद्वेग · 07:34 – 09:10चल · 09:10 – 10:45लाभ · 10:45 – 12:20अमृत · 12:20 – 13:55काल · 13:55 – 15:31शुभ · 15:31 – 17:06रोग · 17:06 – 18:41काल · 18:41 – 20:06लाभ · 20:06 – 21:31उद्वेग · 21:31 – 22:56शुभ · 22:56 – 00:20अमृत · 00:20 – 01:45चल · 01:45 – 03:10रोग · 03:10 – 04:35काल · 04:35 – 06:00रोग · 05:59 – 07:34लाभ · 07:34 – 09:10धन · 09:10 – 10:45सुख · 10:45 – 12:20चोर · 12:20 – 13:55उद्योग · 13:55 – 15:31विष · 15:31 – 17:06अमृत · 17:06 – 18:41चोर · 18:41 – 20:06उद्योग · 20:06 – 21:31विष · 21:31 – 22:56अमृत · 22:56 – 00:20रोग · 00:20 – 01:45लाभ · 01:45 – 03:10धन · 03:10 – 04:35सुख · 04:35 – 06:00ब्रह्म मुहूर्त · 04:29 – 05:14अभिजित मुहूर्त · 11:55 – 12:46अमृत काल · 14:56 – 16:40राहु काल · 15:31 – 17:06यमगण्ड काल · 09:10 – 10:45गुलिक काल · 12:20 – 13:55वर्ज्यम् · 20:07 – 21:51मंगल · 05:59 – 07:03सूर्य · 07:03 – 08:06शुक्र · 08:06 – 09:10बुध · 09:10 – 10:13चंद्र · 10:13 – 11:17शनि · 11:17 – 12:20गुरु · 12:20 – 13:24मंगल · 13:24 – 14:27सूर्य · 14:27 – 15:31शुक्र · 15:31 – 16:34बुध · 16:34 – 17:38चंद्र · 17:38 – 18:41शनि · 18:41 – 19:38गुरु · 19:38 – 20:34मंगल · 20:34 – 21:31सूर्य · 21:31 – 22:27शुक्र · 22:27 – 23:24बुध · 23:24 – 00:20चंद्र · 00:20 – 01:17शनि · 01:17 – 02:14गुरु · 02:14 – 03:10मंगल · 03:10 – 04:07सूर्य · 04:07 – 05:03शुक्र · 05:03 – 06:00

2 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 35 मि
05:59
07:34
09:10
10:45
12:20
13:55
15:31
17:06

रात का चौघड़िया

8·1 घं 25 मि
18:41
20:06
21:31
22:56
00:20
01:45
03:10
04:35

दिन का गौरी

8·1 घं 35 मि
05:59
07:34
09:10
10:45
12:20
13:55
15:31
17:06

रात का गौरी

8·1 घं 25 मि
18:41
20:06
21:31
22:56
00:20
01:45
03:10
04:35
04:29–05:14
11:55–12:46
14:56–16:40
15:31–17:06
09:10–10:45
12:20–13:55
20:07–21:51

दिन के होरा

12·1 घं 3 मि
05:59
07:03
08:06
09:10
10:13
11:17
12:20
13:24
14:27
15:31
16:34
17:38

रात के होरा

12·57 मि
18:41
19:38
20:34
21:31
22:27
23:24
00:20
01:17
02:14
03:10
04:07
05:03

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2 सितंबर 2025 की तिथि क्या है?
2 सितंबर 2025 को शुक्ल दशमी तिथि 3 सितंबर 03:53 तक है, फिर परिवर्तिनी एकादशी आरंभ होती है।
2 सितंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
2 सितंबर 2025 को नक्षत्र मूल और योग प्रीति है।
2 सितंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है।
2 सितंबर 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:31 से 17:06 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।