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बुधवार, 2 सितंबर 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

बुधवार, कृष्ण पक्ष। पंचमी तिथि सुबह तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। पंचमी शांत तिथि है, पढ़ाई, संगीत और कला के लिए अच्छी। चन्द्रमा भरणी नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर कृत्तिका में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। राहु काल 12:20 से 13:55 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण पंचमी

      पिछले दिन 07:42 से 06:12 तक

    • फिर

      कृष्ण षष्ठी

      06:12 – अगले दिन 04:26

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तभाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • भरणी · पाद 1

      02:42 से अगले दिन 01:43 तक

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • ध्रुव

      पिछले दिन 23:38 से 21:12 तक

    • फिर

      व्याघात

      21:12 – अगले दिन 18:33

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      पिछले दिन 18:59 से 06:12 तक

    • फिर

      गर

      06:12 – 17:21

    • फिर

      वणिज

      17:21 – अगले दिन 04:26

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण पंचमी · बुध

00061218लाभ · 05:59 – 07:34अमृत · 07:34 – 09:10काल · 09:10 – 10:45शुभ · 10:45 – 12:20रोग · 12:20 – 13:55उद्वेग · 13:55 – 15:31चल · 15:31 – 17:06लाभ · 17:06 – 18:41उद्वेग · 18:41 – 20:06शुभ · 20:06 – 21:31अमृत · 21:31 – 22:56चल · 22:56 – 00:20रोग · 00:20 – 01:45काल · 01:45 – 03:10लाभ · 03:10 – 04:35उद्वेग · 04:35 – 06:00लाभ · 05:59 – 07:34धन · 07:34 – 09:10सुख · 09:10 – 10:45चोर · 10:45 – 12:20विष · 12:20 – 13:55उद्योग · 13:55 – 15:31अमृत · 15:31 – 17:06रोग · 17:06 – 18:41उद्योग · 18:41 – 20:06अमृत · 20:06 – 21:31रोग · 21:31 – 22:56लाभ · 22:56 – 00:20धन · 00:20 – 01:45सुख · 01:45 – 03:10चोर · 03:10 – 04:35विष · 04:35 – 06:00ब्रह्म मुहूर्त · 04:29 – 05:14अमृत काल · 21:07 – 22:39राहु काल · 12:20 – 13:55यमगण्ड काल · 07:34 – 09:10गुलिक काल · 10:45 – 12:20वर्ज्यम् · 11:54 – 13:26बुध · 05:59 – 07:03चंद्र · 07:03 – 08:06शनि · 08:06 – 09:10गुरु · 09:10 – 10:13मंगल · 10:13 – 11:17सूर्य · 11:17 – 12:20शुक्र · 12:20 – 13:24बुध · 13:24 – 14:27चंद्र · 14:27 – 15:31शनि · 15:31 – 16:34गुरु · 16:34 – 17:38मंगल · 17:38 – 18:41सूर्य · 18:41 – 19:38शुक्र · 19:38 – 20:34बुध · 20:34 – 21:31चंद्र · 21:31 – 22:27शनि · 22:27 – 23:24गुरु · 23:24 – 00:20मंगल · 00:20 – 01:17सूर्य · 01:17 – 02:14शुक्र · 02:14 – 03:10बुध · 03:10 – 04:07चंद्र · 04:07 – 05:03शनि · 05:03 – 06:00

2 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 35 मि
05:59
07:34
09:10
10:45
12:20
13:55
15:31
17:06

रात का चौघड़िया

8·1 घं 25 मि
18:41
20:06
21:31
22:56
00:20
01:45
03:10
04:35

दिन का गौरी

8·1 घं 35 मि
05:59
07:34
09:10
10:45
12:20
13:55
15:31
17:06

रात का गौरी

8·1 घं 25 मि
18:41
20:06
21:31
22:56
00:20
01:45
03:10
04:35
04:29–05:14
21:07–22:39
12:20–13:55
07:34–09:10
10:45–12:20
11:54–13:26

दिन के होरा

12·1 घं 4 मि
05:59
07:03
08:06
09:10
10:13
11:17
12:20
13:24
14:27
15:31
16:34
17:38

रात के होरा

12·57 मि
18:41
19:38
20:34
21:31
22:27
23:24
00:20
01:17
02:14
03:10
04:07
05:03

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2 सितंबर 2026 की तिथि क्या है?
2 सितंबर 2026 को कृष्ण पंचमी तिथि 06:12 तक है, फिर कृष्ण षष्ठी आरंभ होती है।
2 सितंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
2 सितंबर 2026 को नक्षत्र भरणी और योग ध्रुव है।
2 सितंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है।
2 सितंबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:20 से 13:55 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।