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गुरुवार, 3 सितंबर 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

गुरुवार, कृष्ण पक्ष। सप्तमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर अष्टमी आरंभ होती है। सप्तमी सहज तिथि है, रोज़ के काम और यात्रा के लिए अच्छी। चन्द्रमा कृत्तिका नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर रोहिणी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:55 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 13:55 से 15:30 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण सप्तमी

      04:26 से अगले दिन 02:25 तक

    सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तभाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • कृत्तिका · पाद 1

      01:43 से अगले दिन 00:29 तक

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • व्याघात

      पिछले दिन 21:12 से 18:33 तक

    • फिर

      हर्षण

      18:33 – अगले दिन 15:43

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      04:26 से 15:27 तक

    • फिर

      बव

      15:27 – अगले दिन 02:25

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण सप्तमी · गुरु

00061218शुभ · 06:00 – 07:35रोग · 07:35 – 09:10उद्वेग · 09:10 – 10:45चल · 10:45 – 12:20लाभ · 12:20 – 13:55अमृत · 13:55 – 15:30काल · 15:30 – 17:05शुभ · 17:05 – 18:40अमृत · 18:40 – 20:05चल · 20:05 – 21:30रोग · 21:30 – 22:55काल · 22:55 – 00:20लाभ · 00:20 – 01:45उद्वेग · 01:45 – 03:10शुभ · 03:10 – 04:35अमृत · 04:35 – 06:00धन · 06:00 – 07:35सुख · 07:35 – 09:10चोर · 09:10 – 10:45उद्योग · 10:45 – 12:20अमृत · 12:20 – 13:55विष · 13:55 – 15:30रोग · 15:30 – 17:05लाभ · 17:05 – 18:40अमृत · 18:40 – 20:05विष · 20:05 – 21:30रोग · 21:30 – 22:55लाभ · 22:55 – 00:20धन · 00:20 – 01:45सुख · 01:45 – 03:10चोर · 03:10 – 04:35उद्योग · 04:35 – 06:00ब्रह्म मुहूर्त · 04:29 – 05:14अभिजित मुहूर्त · 11:55 – 12:45अमृत काल · 22:12 – 23:43राहु काल · 13:55 – 15:30यमगण्ड काल · 06:00 – 07:35गुलिक काल · 09:10 – 10:45वर्ज्यम् · 13:06 – 14:37गुरु · 06:00 – 07:03मंगल · 07:03 – 08:06सूर्य · 08:06 – 09:10शुक्र · 09:10 – 10:13बुध · 10:13 – 11:17चंद्र · 11:17 – 12:20शनि · 12:20 – 13:23गुरु · 13:23 – 14:27मंगल · 14:27 – 15:30सूर्य · 15:30 – 16:33शुक्र · 16:33 – 17:37बुध · 17:37 – 18:40चंद्र · 18:40 – 19:37शनि · 19:37 – 20:33गुरु · 20:33 – 21:30मंगल · 21:30 – 22:27सूर्य · 22:27 – 23:23शुक्र · 23:23 – 00:20बुध · 00:20 – 01:17चंद्र · 01:17 – 02:13शनि · 02:13 – 03:10गुरु · 03:10 – 04:07मंगल · 04:07 – 05:03सूर्य · 05:03 – 06:00

3 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 35 मि
06:00
07:35
09:10
10:45
12:20
13:55
15:30
17:05

रात का चौघड़िया

8·1 घं 25 मि
18:40
20:05
21:30
22:55
00:20
01:45
03:10
04:35

दिन का गौरी

8·1 घं 35 मि
06:00
07:35
09:10
10:45
12:20
13:55
15:30
17:05

रात का गौरी

8·1 घं 25 मि
18:40
20:05
21:30
22:55
00:20
01:45
03:10
04:35
04:29–05:14
11:55–12:45
22:12–23:43
13:55–15:30
06:00–07:35
09:10–10:45
13:06–14:37

दिन के होरा

12·1 घं 3 मि
06:00
07:03
08:06
09:10
10:13
11:17
12:20
13:23
14:27
15:30
16:33
17:37

रात के होरा

12·57 मि
18:40
19:37
20:33
21:30
22:27
23:23
00:20
01:17
02:13
03:10
04:07
05:03

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 सितंबर 2026 की तिथि क्या है?
3 सितंबर 2026 को कृष्ण सप्तमी तिथि 4 सितंबर 02:25 तक है, फिर कृष्ण अष्टमी आरंभ होती है।
3 सितंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
3 सितंबर 2026 को नक्षत्र कृत्तिका और योग व्याघात है।
3 सितंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है।
3 सितंबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:55 से 15:30 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।