सोना खरीदने का मुहूर्त 2025
जीवन के शुभ आरंभ के लिए मंगलमय तिथियाँ
जनवरी 2025
8 शुभ दिन
गुरुवार, 2 जनवरी 2025
सर्वाधिक शुभमुहूर्त समय
- नक्षत्र
- श्रवण
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- योग
- हर्षण
- करण
- तैतिल
यह दिन क्यों शुभ
- श्रवण — इस संस्कार हेतु शुभ नक्षत्र
- शुक्ल तृतीया — अनुकूल तिथि
- अभिजित मुहूर्त — मध्याह्न का 'विजय' काल
वर्जित समय
- राहु काल13:43–15:00
- यमगण्ड07:14–08:31
- गुलिक काल09:49–11:07
- वर्ज्यम्03:02–04:35
119 शुभ दिन
2025 में सर्वाधिक शुभ स्वर्ण खरीद तिथियाँ।
जनवरी2025
- 1सर्वाधिक शुभशुभ मुहूर्त07:13 – 07:5715:00 – 17:35
- 2★सर्वाधिक शुभ
गुरुवार, 2 जनवरी 2025
शुभ मुहूर्त11:07 – 13:4316:18 – 17:36 - 6सर्वाधिक शुभ
सोमवार, 6 जनवरी 2025
शुभ मुहूर्त07:14 – 08:3209:50 – 11:0915:03 – 17:39 - 8सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 8 जनवरी 2025
शुभ मुहूर्त15:04 – 16:29 - 10शुभ
शुक्रवार, 10 जनवरी 2025
शुभ मुहूर्त16:23 – 17:42 - 15सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 15 जनवरी 2025
शुभ मुहूर्त07:14 – 08:33 - 20शुभ
सोमवार, 20 जनवरी 2025
शुभ मुहूर्त07:14 – 08:33 - 31सर्वाधिक शुभ
शुक्रवार, 31 जनवरी 2025
शुभ मुहूर्त07:09 – 08:3109:52 – 11:1316:38 – 17:59
फ़रवरी2025
- 2★सर्वाधिक शुभ
रविवार, 2 फ़रवरी 2025
शुभ मुहूर्त09:14 – 11:2813:56 – 15:18 - 3शुभ
सोमवार, 3 फ़रवरी 2025
शुभ मुहूर्त07:08 – 08:2909:51 – 11:1315:18 – 18:02 - 7सर्वाधिक शुभ
शुक्रवार, 7 फ़रवरी 2025
शुभ मुहूर्त07:05 – 08:2809:50 – 10:5612:35 – 13:57 - 10शुभ
सोमवार, 10 फ़रवरी 2025
शुभ मुहूर्त07:33 – 08:2609:49 – 11:1215:21 – 18:07 - 19शुभ
बुधवार, 19 फ़रवरी 2025
शुभ मुहूर्त06:55 – 07:32 - 20शुभ
गुरुवार, 20 फ़रवरी 2025
शुभ मुहूर्त13:30 – 14:0016:49 – 17:54 - 21शुभ
शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2025
शुभ मुहूर्त06:54 – 08:1909:44 – 11:09 - 26शुभ
बुधवार, 26 फ़रवरी 2025
शुभ मुहूर्त06:49 – 08:15 - 28शुभ
शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2025
शुभ मुहूर्त06:47 – 08:1309:40 – 11:0712:33 – 13:40
मार्च2025
- 2सर्वाधिक शुभ
रविवार, 2 मार्च 2025
शुभ मुहूर्त08:12 – 12:3314:00 – 15:27 - 3सर्वाधिक शुभ
सोमवार, 3 मार्च 2025
शुभ मुहूर्त18:02 – 18:22 - 7शुभ
शुक्रवार, 7 मार्च 2025
शुभ मुहूर्त07:07 – 08:07 - 9सर्वाधिक शुभ
रविवार, 9 मार्च 2025
शुभ मुहूर्त08:06 – 11:4214:00 – 15:28 - 10शुभ
सोमवार, 10 मार्च 2025
शुभ मुहूर्त07:45 – 08:0509:53 – 11:02 - 16सर्वाधिक शुभ
रविवार, 16 मार्च 2025
शुभ मुहूर्त07:59 – 12:2914:00 – 15:30 - 20शुभ
गुरुवार, 20 मार्च 2025
शुभ मुहूर्त10:57 – 13:5917:01 – 18:32 - 24सर्वाधिक शुभ
सोमवार, 24 मार्च 2025
शुभ मुहूर्त06:20 – 07:5209:24 – 10:5515:31 – 17:28 - 26शुभ
बुधवार, 26 मार्च 2025
शुभ मुहूर्त06:18 – 07:3615:31 – 18:35 - 27शुभ
गुरुवार, 27 मार्च 2025
शुभ मुहूर्त10:54 – 13:5917:03 – 18:36 - 30★सर्वाधिक शुभ
रविवार, 30 मार्च 2025
शुभ मुहूर्त07:25 – 12:2513:58 – 15:31
अप्रैल2025
- 2सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 2 अप्रैल 2025
शुभ मुहूर्त15:32 – 18:39 - 3शुभ
गुरुवार, 3 अप्रैल 2025
शुभ मुहूर्त10:50 – 12:2117:06 – 18:40 - 7सर्वाधिक शुभ
सोमवार, 7 अप्रैल 2025
शुभ मुहूर्त06:04 – 06:24 - 10शुभ
गुरुवार, 10 अप्रैल 2025
शुभ मुहूर्त12:24 – 13:5817:08 – 18:44 - 13शुभ
रविवार, 13 अप्रैल 2025
शुभ मुहूर्त07:33 – 12:2113:57 – 15:33 - 14सर्वाधिक शुभ
सोमवार, 14 अप्रैल 2025
शुभ मुहूर्त05:56 – 07:3309:09 – 10:4515:34 – 18:46 - 20सर्वाधिक शुभ
रविवार, 20 अप्रैल 2025
शुभ मुहूर्त11:48 – 12:2013:57 – 15:35 - 21शुभ
सोमवार, 21 अप्रैल 2025
शुभ मुहूर्त05:49 – 07:2709:04 – 10:4215:35 – 16:3818:14 – 18:50 - 23सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 23 अप्रैल 2025
शुभ मुहूर्त16:43 – 18:51 - 25शुभ
शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025
शुभ मुहूर्त09:02 – 10:40 - 30★सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 30 अप्रैल 2025
शुभ मुहूर्त05:41 – 07:2013:57 – 18:55
मई2025
- 1सर्वाधिक शुभ
गुरुवार, 1 मई 2025
शुभ मुहूर्त11:24 – 13:57 - 2शुभ
शुक्रवार, 2 मई 2025
शुभ मुहूर्त13:04 – 13:5717:17 – 18:57 - 7सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 7 मई 2025
शुभ मुहूर्त18:17 – 19:00 - 8शुभ
गुरुवार, 8 मई 2025
शुभ मुहूर्त12:29 – 13:5817:19 – 19:00 - 9शुभ
शुक्रवार, 9 मई 2025
शुभ मुहूर्त05:34 – 06:3408:56 – 10:3612:17 – 13:5817:20 – 19:01 - 14सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 14 मई 2025
शुभ मुहूर्त05:31 – 07:12 - 18शुभ
रविवार, 18 मई 2025
शुभ मुहूर्त07:11 – 12:1713:59 – 15:42 - 19सर्वाधिक शुभ
सोमवार, 19 मई 2025
शुभ मुहूर्त05:28 – 06:1218:06 – 19:07 - 23★सर्वाधिक शुभ
शुक्रवार, 23 मई 2025
शुभ मुहूर्त05:26 – 07:0908:52 – 10:3512:18 – 14:0017:26 – 19:09 - 25शुभ
रविवार, 25 मई 2025
शुभ मुहूर्त07:08 – 07:3809:04 – 11:12 - 28सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 28 मई 2025
शुभ मुहूर्त05:24 – 07:0815:45 – 19:08
जून2025
- 6सर्वाधिक शुभ
शुक्रवार, 6 जून 2025
शुभ मुहूर्त10:12 – 10:3512:19 – 14:04 - 8शुभ
रविवार, 8 जून 2025
शुभ मुहूर्त07:07 – 12:20 - 16शुभ
सोमवार, 16 जून 2025
शुभ मुहूर्त15:51 – 19:20 - 19शुभ
गुरुवार, 19 जून 2025
शुभ मुहूर्त11:04 – 11:55 - 20★सर्वाधिक शुभ
शुक्रवार, 20 जून 2025
शुभ मुहूर्त09:49 – 10:3012:22 – 14:0717:37 – 19:21 - 26सर्वाधिक शुभ
गुरुवार, 26 जून 2025
शुभ मुहूर्त10:39 – 14:0817:38 – 19:22 - 27सर्वाधिक शुभ
शुक्रवार, 27 जून 2025
शुभ मुहूर्त05:25 – 07:1008:54 – 10:3912:24 – 14:0817:38 – 19:22
जुलाई2025
- 2सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 2 जुलाई 2025
शुभ मुहूर्त05:27 – 07:11 - 3शुभ
गुरुवार, 3 जुलाई 2025
शुभ मुहूर्त10:40 – 14:07 - 4सर्वाधिक शुभ
शुक्रवार, 4 जुलाई 2025
शुभ मुहूर्त17:38 – 19:22 - 7शुभ
सोमवार, 7 जुलाई 2025
शुभ मुहूर्त05:29 – 07:1308:57 – 10:4115:54 – 19:22 - 13सर्वाधिक शुभ
रविवार, 13 जुलाई 2025
शुभ मुहूर्त07:15 – 10:52 - 16शुभ
बुधवार, 16 जुलाई 2025
शुभ मुहूर्त05:46 – 07:17 - 17सर्वाधिक शुभ
गुरुवार, 17 जुलाई 2025
शुभ मुहूर्त10:44 – 14:1017:46 – 19:20 - 18शुभ
शुक्रवार, 18 जुलाई 2025
शुभ मुहूर्त05:34 – 07:1709:01 – 10:4412:27 – 14:10 - 21★सर्वाधिक शुभ
सोमवार, 21 जुलाई 2025
शुभ मुहूर्त05:36 – 07:1909:01 – 10:4415:52 – 19:18 - 25शुभ
शुक्रवार, 25 जुलाई 2025
शुभ मुहूर्त05:38 – 07:2009:03 – 10:4512:27 – 14:09 - 30शुभ
बुधवार, 30 जुलाई 2025
शुभ मुहूर्त06:28 – 07:2315:50 – 19:13 - 31सर्वाधिक शुभ
गुरुवार, 31 जुलाई 2025
शुभ मुहूर्त10:46 – 14:0817:31 – 19:12
अगस्त2025
- 1शुभ
शुक्रवार, 1 अगस्त 2025
शुभ मुहूर्त18:11 – 19:12 - 3सर्वाधिक शुभ
रविवार, 3 अगस्त 2025
शुभ मुहूर्त09:42 – 11:0114:08 – 15:48 - 4सर्वाधिक शुभ
सोमवार, 4 अगस्त 2025
शुभ मुहूर्त05:44 – 07:25 - 10सर्वाधिक शुभ
रविवार, 10 अगस्त 2025
शुभ मुहूर्त07:27 – 12:2614:06 – 15:45 - 13सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 13 अगस्त 2025
शुभ मुहूर्त06:36 – 07:2815:44 – 16:05 - 18★सर्वाधिक शुभ
सोमवार, 18 अगस्त 2025
शुभ मुहूर्त05:52 – 06:2217:22 – 18:57 - 20शुभ
बुधवार, 20 अगस्त 2025
शुभ मुहूर्त05:53 – 07:3015:39 – 18:13 - 25सर्वाधिक शुभ
सोमवार, 25 अगस्त 2025
शुभ मुहूर्त05:55 – 07:3209:09 – 09:4915:36 – 18:50 - 27सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 27 अगस्त 2025
शुभ मुहूर्त16:44 – 18:48 - 28सर्वाधिक शुभ
गुरुवार, 28 अगस्त 2025
शुभ मुहूर्त10:45 – 13:5817:10 – 18:47 - 29शुभ
शुक्रवार, 29 अगस्त 2025
शुभ मुहूर्त05:57 – 07:3309:09 – 10:45
सितंबर2025
- 4शुभ
गुरुवार, 4 सितंबर 2025
शुभ मुहूर्त10:45 – 13:5417:04 – 18:39 - 5शुभ
शुक्रवार, 5 सितंबर 2025
शुभ मुहूर्त06:01 – 07:3509:10 – 10:4512:19 – 13:52 - 11★सर्वाधिक शुभ
गुरुवार, 11 सितंबर 2025
शुभ मुहूर्त12:45 – 13:50 - 14शुभ
रविवार, 14 सितंबर 2025
शुभ मुहूर्त07:38 – 12:16 - 17सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 17 सितंबर 2025
शुभ मुहूर्त06:07 – 07:3916:04 – 18:23 - 22शुभ
सोमवार, 22 सितंबर 2025
शुभ मुहूर्त06:09 – 07:4009:11 – 10:4215:15 – 18:17 - 24सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 24 सितंबर 2025
शुभ मुहूर्त06:10 – 07:4115:14 – 18:15
अक्टूबर2025
- 2★सर्वाधिक शुभ
गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025
शुभ मुहूर्त07:43 – 09:1210:41 – 13:1615:08 – 18:05 - 3सर्वाधिक शुभ
शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025
शुभ मुहूर्त06:15 – 06:58 - 8सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 8 अक्टूबर 2025
शुभ मुहूर्त06:17 – 07:4515:03 – 17:59 - 12शुभ
रविवार, 12 अक्टूबर 2025
शुभ मुहूर्त07:46 – 12:07 - 13शुभ
सोमवार, 13 अक्टूबर 2025
शुभ मुहूर्त15:00 – 17:53 - 18सर्वाधिक शुभ
शनिवार, 18 अक्टूबर 2025
शुभ मुहूर्त07:49 – 09:1410:40 – 13:3114:57 – 20:19 - 19शुभ
रविवार, 19 अक्टूबर 2025
शुभ मुहूर्त07:49 – 12:0513:31 – 13:52 - 22शुभ
बुधवार, 22 अक्टूबर 2025
शुभ मुहूर्त07:02 – 07:5114:55 – 17:44 - 24सर्वाधिक शुभ
शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2025
शुभ मुहूर्त06:27 – 07:5212:05 – 13:2916:18 – 17:42 - 29सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 29 अक्टूबर 2025
शुभ मुहूर्त06:31 – 07:50 - 31सर्वाधिक शुभ
शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2025
शुभ मुहूर्त10:04 – 10:4112:04 – 13:2716:13 – 17:36
नवंबर2025
- 3शुभ
सोमवार, 3 नवंबर 2025
शुभ मुहूर्त06:34 – 07:5709:19 – 10:4214:49 – 17:34 - 7सर्वाधिक शुभ
शुक्रवार, 7 नवंबर 2025
शुभ मुहूर्त06:37 – 07:5909:21 – 10:4212:04 – 13:2616:10 – 17:31 - 10शुभ
सोमवार, 10 नवंबर 2025
शुभ मुहूर्त06:39 – 07:2609:22 – 10:4314:47 – 17:30 - 16शुभ
रविवार, 16 नवंबर 2025
शुभ मुहूर्त08:04 – 08:5310:39 – 12:0513:26 – 14:46 - 17शुभ
सोमवार, 17 नवंबर 2025
शुभ मुहूर्त06:45 – 08:0509:25 – 10:4514:46 – 17:26 - 21शुभ
शुक्रवार, 21 नवंबर 2025
शुभ मुहूर्त12:06 – 13:26 - 26शुभ
बुधवार, 26 नवंबर 2025
शुभ मुहूर्त06:52 – 08:1114:46 – 17:24 - 27सर्वाधिक शुभ
गुरुवार, 27 नवंबर 2025
शुभ मुहूर्त10:49 – 13:2716:05 – 17:24 - 28शुभ
शुक्रवार, 28 नवंबर 2025
शुभ मुहूर्त12:28 – 13:2716:05 – 17:24 - 30★सर्वाधिक शुभ
रविवार, 30 नवंबर 2025
शुभ मुहूर्त08:14 – 11:2913:28 – 14:46
दिसंबर2025
- 5शुभ
शुक्रवार, 5 दिसंबर 2025
शुभ मुहूर्त06:59 – 08:1709:35 – 10:5312:11 – 13:2916:05 – 16:40 - 8सर्वाधिक शुभ
सोमवार, 8 दिसंबर 2025
शुभ मुहूर्त16:03 – 17:24 - 12शुभ
शुक्रवार, 12 दिसंबर 2025
शुभ मुहूर्त07:04 – 08:2109:39 – 10:57 - 15सर्वाधिक शुभ
सोमवार, 15 दिसंबर 2025
शुभ मुहूर्त07:06 – 08:2309:41 – 10:58 - 17शुभ
बुधवार, 17 दिसंबर 2025
शुभ मुहूर्त17:11 – 17:27 - 22★सर्वाधिक शुभ
सोमवार, 22 दिसंबर 2025
शुभ मुहूर्त07:10 – 08:2709:44 – 11:0214:54 – 17:29 - 24सर्वाधिक शुभ
बुधवार, 24 दिसंबर 2025
शुभ मुहूर्त14:55 – 17:30 - 25सर्वाधिक शुभ
गुरुवार, 25 दिसंबर 2025
शुभ मुहूर्त11:03 – 13:38 - 26शुभ
शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025
शुभ मुहूर्त07:11 – 08:29 - 28शुभ
रविवार, 28 दिसंबर 2025
शुभ मुहूर्त08:30 – 11:59 - 29सर्वाधिक शुभ
सोमवार, 29 दिसंबर 2025
शुभ मुहूर्त10:12 – 11:0514:58 – 17:33
सोना खरीदने का मुहूर्त के बारे में
स्वर्ण-खरीद मुहूर्त वह दिन चुनता है जब लक्ष्मी की धातु घर लाना स्थायी समृद्धि का आह्वान बने। पुष्य — स्वयं लक्ष्मी का नक्षत्र — खरीद का सर्वश्रेष्ठ तारा है, और गुरुवार से उसका योग (गुरु पुष्य) तथा रविवार से (रवि पुष्य) परंपरा के प्रसिद्ध खरीद-दिन हैं; धनतेरस व अक्षय तृतीया जैसे पर्व-दिन अपने आप में शुभ हैं ही। सोना खरीद है, संस्कार नहीं — अतः कोई ऋतु-विराम लागू नहीं होता; हर महीने शुभ दिन मिलते हैं, प्रत्येक समय शुभ चौघड़ियों तक सीमित।
सोना खरीदने का मुहूर्त की तिथियाँ कैसे चुनी जाती हैं
- सोलह नक्षत्रों का शास्त्रीय खरीद-समूह मान्य है — अश्विनी से रेवती तक के लघु, मृदु, चर व ध्रुव गण — जिनमें लक्ष्मी का नक्षत्र पुष्य सर्वश्रेष्ठ है। गुरुवार को पुष्य (गुरु पुष्य) या रविवार को पुष्य (रवि पुष्य) परंपरा के प्रसिद्ध खरीद-दिन हैं।
- श्रेष्ठ तिथियाँ — द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी व एकादशी — 'सर्वाधिक शुभ' स्तर पाती हैं; अन्य निर्दोष तिथियाँ — त्रयोदशी सहित, जो स्वयं धनतेरस की तिथि है — 'शुभ' स्तर पर मान्य हैं। रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) व अमावस्या सर्वत्र की तरह हटाई गई हैं।
- गुरुवार (बृहस्पति — स्वर्ण व धन के स्वामी) सर्वश्रेष्ठ वार है; रवि, सोम, बुध व शुक्र शुभ हैं। शनिवार दृढ़ता से वर्जित — शनि के दिन सोना नहीं खरीदा जाता — और मंगलवार हर खरीद की तरह वर्जित है।
- पंचक आभूषण में बाधक नहीं — उसमें आभूषण खरीदना शुभ माना गया है — अतः पट्टी के शुभ नक्षत्र सम्मिलित हैं; और कोई ऋतु-विराम लागू नहीं (सोना खरीद है, संस्कार नहीं), अतः हर महीने तिथियाँ मिलती हैं।
- प्रत्येक दिन का समय शुभ चौघड़ियों — अमृत, शुभ, लाभ व चल — तक सीमित है। चौघड़िया खरीद की लोकप्रिय पंचांग-विधि है; शास्त्रीय ग्रंथ होरा व लग्न से काम लेते हैं।
- चार पर्व-दिन पर्व के अपने प्रमाण से सूचीबद्ध होते हैं, भले ही सामान्य नियम उन्हें छोड़ दें: धनतेरस — व्यापार परंपरा में स्वर्ण का सबसे प्रसिद्ध दिन — तथा साढ़े तीन मुहूर्त के दिन गुड़ी पड़वा, अक्षय तृतीया (जिसके कर्मों को धर्मसिंधु अक्षय कहती है) व विजयादशमी।
ध्यान रखने योग्य बातें
- तिथियाँ नई दिल्ली (IST) हेतु गणना की गई हैं। अन्य शहरों में समय थोड़ा बदलता है।
- पंचांग के पाँचों अंग एक साथ तौले जाते हैं — दिन तभी प्रबल होता है जब शुभ नक्षत्र के साथ शुभ तिथि और सौम्य वार भी हो।
- अभिजित मुहूर्त — मध्याह्न (सौर दोपहर) के आसपास का ~48 मिनट का समय — सर्वत्र शुभ माना जाता है, और गृह प्रवेश व भूमि पूजन के मुहूर्त में श्रेष्ठ समय के रूप में दर्शाया गया है।
- राहु काल, यमगण्ड व गुलिक काल दैनिक अशुभ अवधियाँ हैं; सूचीबद्ध तिथि पर भी वास्तविक कार्य इनसे बाहर आरंभ करें।
- खरमास / मलमास — जब सूर्य धनु (मध्य दिसंबर→मध्य जनवरी) या मीन (मध्य मार्च→मध्य अप्रैल) में रहता है — विवाह व बड़े शुभ कार्य रुक जाते हैं।
- चातुर्मास — देवशयनी से प्रबोधिनी एकादशी तक — विवाह, गृह प्रवेश व कई संस्कार स्थगित रहते हैं।
- अधिक मास (मलमास) में शुभ कार्य परंपरागत रूप से स्थगित रहते हैं, अतः कुछ महीनों में बहुत कम या कोई तिथि नहीं दिखती।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- सोना खरीदने के लिए सबसे अच्छा दिन कौन सा है?
- गुरुवार — बृहस्पति स्वर्ण व धन के स्वामी हैं — और सर्वोपरि पुष्य नक्षत्र वाला गुरुवार, प्रसिद्ध गुरु पुष्य योग। रविवार को पुष्य (रवि पुष्य) उसके समकक्ष है; यहाँ सूचीबद्ध प्रत्येक तिथि शुभ नक्षत्र-वार युति पर पड़ती है।
- क्या शनिवार को सोना खरीद सकते हैं?
- नहीं — परंपरा शनि के दिन सोना खरीदना दृढ़ता से वर्जित करती है (शनि की धातु लोहा है), और मंगलवार हर खरीद की तरह वर्जित है। रवि, सोम, बुध, गुरु व शुक्र खरीद के दिन हैं।
- धनतेरस और अक्षय तृतीया का क्या?
- दोनों इस कैलेंडर में पर्व-चिह्न के साथ दिखते हैं — पर्व के अपने प्रमाण से सूचीबद्ध, इसलिए नहीं कि उनका पंचांग संयोग से नियमों पर खरा उतरता है। पर्व स्वयं दिन निश्चित करता है (पर्व-निर्णय परंपरा), अतः सामान्य नक्षत्र/तिथि/वार नियम उस पर लागू नहीं होते; केवल दिन के भीतर के त्याज्य काल — राहु काल, भद्रा — समय को आकार देते हैं, ठीक वैसे ही जैसे पर्व-पंचांग स्वयं करते हैं।
- क्या किसी ऋतु में सोना खरीदना वर्जित है?
- नहीं। स्वर्ण-खरीद खरीद है, संस्कार नहीं — खरमास, चातुर्मास या अधिक मास का कोई विराम लागू नहीं, और पंचक भी आभूषण में बाधक नहीं; अतः हर महीने शुभ तिथियाँ मिलती हैं।
- ये मुहूर्त तिथियाँ कैसे निकाली जाती हैं?
- प्रत्येक दिन को उसके दृक-पंचांग के पाँच अंगों — तिथि, वार, नक्षत्र, योग व करण — के आधार पर, मुहूर्त चिंतामणि, कालप्रकाशिका व बी.वी. रमन की 'मुहूर्त' की शास्त्रीय परंपरा अनुसार अंक दिए जाते हैं। फिर दोषयुक्त दिन (अमावस्या, रिक्ता तिथि, भद्रा या पंचक) हटा दिए जाते हैं, और नई दिल्ली हेतु केवल शुभ तिथियाँ शेष रहती हैं।
- क्या ये समय मेरे शहर के लिए मान्य हैं?
- तिथियाँ नई दिल्ली (IST) पर आधारित हैं। शुभ दिन प्रायः पूरे भारत में समान रहता है, पर सूर्योदय-आधारित समय — तथा राहु काल व अभिजित जैसी अवधियाँ — स्थान अनुसार थोड़ा बदलते हैं, अतः समय तय करने से पूर्व अपने शहर का पूरा पंचांग देखें।
- कुछ महीनों में कोई तिथि क्यों नहीं होती?
- कठोर नियम अशुभ तिथियों व नक्षत्रों को हटा देते हैं, और ऋतु-विराम — खरमास (मलमास), चातुर्मास व अधिक मास — बड़े शुभ कार्यों को पूर्णतः रोक देते हैं। इन अवधियों में पड़ने वाले महीने में कम या कोई तिथि न दिखना स्वाभाविक है।
- अभिजित मुहूर्त क्या है?
- अभिजित स्थानीय मध्याह्न (सौर दोपहर) के आसपास का लगभग 48 मिनट का समय है, जिसके स्वामी भगवान विष्णु हैं और जो लगभग हर कार्य हेतु शुभ माना जाता है। मुहूर्त ग्रंथ इसे 'विजय' काल मानते हैं, और हम इसे गृह प्रवेश व भूमि पूजन के मुहूर्त में श्रेष्ठ समय के रूप में दर्शाते हैं।
- भद्रा, पंचक व रिक्ता तिथि क्या हैं?
- ये वे शास्त्रीय दोष हैं जिन्हें हम हटाते हैं। भद्रा (विष्टि करण) व पंचक (अंतिम पाँच नक्षत्रों — धनिष्ठा से रेवती — में चंद्रमा) अशुभ अवधियाँ हैं; रिक्ता तिथियाँ — प्रत्येक पक्ष की चतुर्थी, नवमी व चतुर्दशी — नए आरंभ हेतु वर्जित 'रिक्त' तिथियाँ हैं।
- क्या फिर भी ज्योतिषी से परामर्श करना चाहिए?
- हाँ। ये तिथियाँ शास्त्रीय नियमों पर आधारित एक सशक्त सूची हैं, पर ये एक सामान्य कुंडली हेतु निकाली गई हैं। विवाह या किसी बड़े आयोजन हेतु अपनी जन्मकुंडली से मुहूर्त का मिलान कर ज्योतिषी से पुष्टि करना उचित है।



