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गुरुवार, 4 जून 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

गुरुवार, कृष्ण पक्ष। चतुर्थी तिथि रात तक है, फिर पंचमी आरंभ होती है। चतुर्थी गणेश जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, बड़े नए काम के लिए नहीं। चन्द्रमा उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर श्रवण में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:51 से 12:47 तक शुभ है; राहु काल 14:03 से 15:47 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

पुरुषोत्तम मास

अधिक ज्येष्ठ

17 मई से 15 जून, 2026 तक

पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्थी

      पिछले दिन 21:21 से 23:30 तक

    • फिर

      कृष्ण पंचमी

      23:30 – अगले दिन 01:20

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तअधिक ज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तअधिक ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर आषाढ़ा · पाद 1

      00:59 से अगले दिन 03:41 तक

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • शुक्ल

      पिछले दिन 08:12 से 09:03 तक

    • फिर

      ब्रह्म

      09:03 – अगले दिन 09:42

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      पिछले दिन 21:21 से 10:28 तक

    • फिर

      बालव

      10:28 – 23:30

    • फिर

      कौलव

      23:30 – अगले दिन 12:28

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्थी · गुरु

00061218शुभ · 05:23 – 07:07रोग · 07:07 – 08:51उद्वेग · 08:51 – 10:35चल · 10:35 – 12:19लाभ · 12:19 – 14:03अमृत · 14:03 – 15:47काल · 15:47 – 17:31शुभ · 17:31 – 19:15अमृत · 19:15 – 20:31चल · 20:31 – 21:47रोग · 21:47 – 23:03काल · 23:03 – 00:19लाभ · 00:19 – 01:35उद्वेग · 01:35 – 02:51शुभ · 02:51 – 04:07अमृत · 04:07 – 05:23धन · 05:23 – 07:07सुख · 07:07 – 08:51चोर · 08:51 – 10:35उद्योग · 10:35 – 12:19अमृत · 12:19 – 14:03विष · 14:03 – 15:47रोग · 15:47 – 17:31लाभ · 17:31 – 19:15अमृत · 19:15 – 20:31विष · 20:31 – 21:47रोग · 21:47 – 23:03लाभ · 23:03 – 00:19धन · 00:19 – 01:35सुख · 01:35 – 02:51चोर · 02:51 – 04:07उद्योग · 04:07 – 05:23ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:42अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:47अमृत काल · 20:34 – 22:21राहु काल · 14:03 – 15:47यमगण्ड काल · 05:23 – 07:07गुलिक काल · 08:51 – 10:35वर्ज्यम् · 09:53 – 11:40गुरु · 05:23 – 06:32मंगल · 06:32 – 07:41सूर्य · 07:41 – 08:51शुक्र · 08:51 – 10:00बुध · 10:00 – 11:10चंद्र · 11:10 – 12:19शनि · 12:19 – 13:28गुरु · 13:28 – 14:38मंगल · 14:38 – 15:47सूर्य · 15:47 – 16:57शुक्र · 16:57 – 18:06बुध · 18:06 – 19:15चंद्र · 19:15 – 20:06शनि · 20:06 – 20:57गुरु · 20:57 – 21:47मंगल · 21:47 – 22:38सूर्य · 22:38 – 23:28शुक्र · 23:28 – 00:19बुध · 00:19 – 01:10चंद्र · 01:10 – 02:00शनि · 02:00 – 02:51गुरु · 02:51 – 03:41मंगल · 03:41 – 04:32सूर्य · 04:32 – 05:23

4 जून

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:19
14:03
15:47
17:31

रात का चौघड़िया

8·1 घं 16 मि
19:15
20:31
21:47
23:03
00:19
01:35
02:51
04:07

दिन का गौरी

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:19
14:03
15:47
17:31

रात का गौरी

8·1 घं 16 मि
19:15
20:31
21:47
23:03
00:19
01:35
02:51
04:07
04:02–04:42
11:51–12:47
20:34–22:21
14:03–15:47
05:23–07:07
08:51–10:35
09:53–11:40

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:23
06:32
07:41
08:51
10:00
11:10
12:19
13:28
14:38
15:47
16:57
18:06

रात के होरा

12·51 मि
19:15
20:06
20:57
21:47
22:38
23:28
00:19
01:10
02:00
02:51
03:41
04:32

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 जून 2026 की तिथि क्या है?
4 जून 2026 को कृष्ण चतुर्थी तिथि 23:30 तक है, फिर कृष्ण पंचमी आरंभ होती है।
4 जून 2026 का नक्षत्र क्या है?
4 जून 2026 को नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग शुक्ल है।
4 जून 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 19:15 पर है।
4 जून 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 14:03 से 15:47 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।