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शुक्रवार, 5 जून 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। पंचमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। पंचमी शांत तिथि है, पढ़ाई, संगीत और कला के लिए अच्छी। चन्द्रमा श्रवण नक्षत्र में अगले दिन सुबह तक है, फिर धनिष्ठा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:51 से 12:47 तक शुभ है; राहु काल 10:35 से 12:19 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

पुरुषोत्तम मास

अधिक ज्येष्ठ

17 मई से 15 जून, 2026 तक

पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण पंचमी

      पिछले दिन 23:30 से अगले दिन 01:20 तक

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तअधिक ज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तअधिक ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • श्रवण · पाद 1

      03:41 से अगले दिन 06:03 तक

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • ब्रह्म

      पिछले दिन 09:03 से 09:42 तक

    • फिर

      ऐन्द्र

      09:42 – अगले दिन 10:04

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      पिछले दिन 23:30 से 12:28 तक

    • फिर

      तैतिल

      12:28 – अगले दिन 01:20

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण पंचमी · शुक्र

00061218चल · 05:23 – 07:07लाभ · 07:07 – 08:51अमृत · 08:51 – 10:35काल · 10:35 – 12:19शुभ · 12:19 – 14:03रोग · 14:03 – 15:48उद्वेग · 15:48 – 17:32चल · 17:32 – 19:16रोग · 19:16 – 20:32काल · 20:32 – 21:47लाभ · 21:47 – 23:03उद्वेग · 23:03 – 00:19शुभ · 00:19 – 01:35अमृत · 01:35 – 02:51चल · 02:51 – 04:07रोग · 04:07 – 05:22सुख · 05:23 – 07:07चोर · 07:07 – 08:51उद्योग · 08:51 – 10:35विष · 10:35 – 12:19अमृत · 12:19 – 14:03रोग · 14:03 – 15:48लाभ · 15:48 – 17:32धन · 17:32 – 19:16रोग · 19:16 – 20:32लाभ · 20:32 – 21:47धन · 21:47 – 23:03सुख · 23:03 – 00:19चोर · 00:19 – 01:35उद्योग · 01:35 – 02:51विष · 02:51 – 04:07अमृत · 04:07 – 05:22ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:42अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:47अमृत काल · 18:38 – 20:23राहु काल · 10:35 – 12:19यमगण्ड काल · 15:48 – 17:32गुलिक काल · 07:07 – 08:51वर्ज्यम् · 08:05 – 09:50शुक्र · 05:23 – 06:32बुध · 06:32 – 07:41चंद्र · 07:41 – 08:51शनि · 08:51 – 10:00गुरु · 10:00 – 11:10मंगल · 11:10 – 12:19सूर्य · 12:19 – 13:29शुक्र · 13:29 – 14:38बुध · 14:38 – 15:48चंद्र · 15:48 – 16:57शनि · 16:57 – 18:06गुरु · 18:06 – 19:16मंगल · 19:16 – 20:06सूर्य · 20:06 – 20:57शुक्र · 20:57 – 21:47बुध · 21:47 – 22:38चंद्र · 22:38 – 23:29शनि · 23:29 – 00:19गुरु · 00:19 – 01:10मंगल · 01:10 – 02:00सूर्य · 02:00 – 02:51शुक्र · 02:51 – 03:41बुध · 03:41 – 04:32चंद्र · 04:32 – 05:22

5 जून

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:19
14:03
15:48
17:32

रात का चौघड़िया

8·1 घं 16 मि
19:16
20:32
21:47
23:03
00:19
01:35
02:51
04:07

दिन का गौरी

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:19
14:03
15:48
17:32

रात का गौरी

8·1 घं 16 मि
19:16
20:32
21:47
23:03
00:19
01:35
02:51
04:07
04:02–04:42
11:51–12:47
18:38–20:23
10:35–12:19
15:48–17:32
07:07–08:51
08:05–09:50

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:23
06:32
07:41
08:51
10:00
11:10
12:19
13:29
14:38
15:48
16:57
18:06

रात के होरा

12·51 मि
19:16
20:06
20:57
21:47
22:38
23:29
00:19
01:10
02:00
02:51
03:41
04:32

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 जून 2026 की तिथि क्या है?
5 जून 2026 को कृष्ण पंचमी तिथि 6 जून 01:20 तक है, फिर कृष्ण षष्ठी आरंभ होती है।
5 जून 2026 का नक्षत्र क्या है?
5 जून 2026 को नक्षत्र श्रवण और योग ब्रह्म है।
5 जून 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 19:16 पर है।
5 जून 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:35 से 12:19 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।