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नरक चतुर्दशी 2024

गुरुवार, 31 अक्टूबर 2024

प्रायः दीपावली से एक दिन पहले (कुछ वर्षों में उसी दिन)। सूर्योदय से पूर्व अभ्यंग स्नान (तेल स्नान) नरकासुर पर श्रीकृष्ण की विजय का प्रतीक है। उत्तर भारत में इसे छोटी दिवाली और राजस्थान में रूप चौदस कहते हैं।

अरुणोदय

05:20 – 06:32

1 घं 12 मि

अभ्यंग स्नान अरुणोदय काल में चंद्रोदय के बाद और सूर्योदय से पहले, चतुर्दशी रहते किया जाता है।

तिथि कृष्ण चतुर्दशी 15:53 तक

चान्द्र मास आश्विन (अमान्त) · कार्तिक (पूर्णिमान्त) · कृष्ण पक्ष

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
17:36
चंद्रोदय
05:20

समय नई दिल्ली, भारत के अनुसार

पूर्ण पंचांग देखें

इस दिन के अन्य पर्व

गुरुवार, 31 अक्टूबर 2024 को रखे जाने वाले अन्य सभी पर्व और व्रत, प्रत्येक अपने समय के साथ।

  • निशीथ काल ·23:39 – 00:30, 1 नवंबर

    बंगालअन्य नाम: श्यामा पूजा

    बंगाल में दीपावली की अमावस्या काली पूजा के रूप में मनाई जाती है: निशीथ काल में घरों और पंडालों में दीप, जवा पुष्प और मिठाई के साथ देवी की पूजा होती है।

इस पर्व के आसपास के त्योहार

दस दिन पहले से दस दिन बाद तक का हर पर्व, उत्सव और व्रत — पूरा पर्व-काल एक ही पृष्ठ पर।

  1. सोम28अक्टू॰
  2. मंगल29अक्टू॰
  3. बुध30अक्टू॰
  4. गुरु31अक्टू॰
  5. शुक्र1नव॰
  6. शनि2नव॰
  7. रवि3नव॰
  8. बुध6नव॰
  9. गुरु7नव॰

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2024 में नरक चतुर्दशी कब है?
2024 में नरक चतुर्दशी गुरुवार, 31 अक्टूबर को है। तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
नरक चतुर्दशी 2024 का पूजा मुहूर्त क्या है?
गुरुवार, 31 अक्टूबर को नई दिल्ली में: अरुणोदय · 05:20 – 06:32। अभ्यंग स्नान अरुणोदय काल में चंद्रोदय के बाद और सूर्योदय से पहले, चतुर्दशी रहते किया जाता है। अन्य शहरों में समय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है।
नरक चतुर्दशी 2024 के दिन और क्या मनाया जाता है?
गुरुवार, 31 अक्टूबर को काली पूजा भी मनाए जाते हैं।

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